टेक-ऑटो
Dell के इस छंटनी में भारत में काम करने वाले कर्मचारियों की भी नौकरी जा सकती है हालांकि भारत से कितने लोगों को निकाला जाएगा इसकी जानकारी नहीं मिली है.
डीएनए हिंदीः मेटा, एमेजन और माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी कंपनियों की छंटनी के बाद अब दिग्गज टेक्नोलॉजी कंपनी डेल (Dell) ने भी अपने 6000 हजार से ज्यादा कर्मचारियों को निकालने का ऐलान कर दिया है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी ने अपने ग्लोबल वर्कफोर्स में 5 प्रतिशत की छंटनी करने की योजना बनाई है जिसमें कुल 6650 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला जाएगा.
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार डेल के को-चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर जेफ क्लार्क (Jeff Clarke) ने कर्मचारियों को शेयर किए गए नोट में कहा है कि पुराने कॉस्ट कटिंग के तरीके जैसे हाइरिंग को रोकना या ट्रैवल पर रोक लगाना अब कारगर नहीं हैं और बाजार चुनौतीपूर्ण स्थिति का सामना कर रहा है. कंपनी में छंटनी बाजार की स्थिति पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा, "हमने पहले भी आर्थिक मंदी का सामना किया है और मजबूत बनकर उभरे हैं. बता दें कि कंपनी ने 2020 में भी इसी तरह की छंटनी की घोषणा की थी, जब कोविड महामारी ने दस्तक दी थी. हालांकि डेल ने इस बात की कोई जानकारी नहीं दी थी कि उस समय कंपनी ने कितने कर्मचारियों को बाहर निकाला.
भारतीय कर्मचारियों की भी जाएगी नौकरी
Covid-19 के बाद कंपनी एक बार फिर लोगों को निकालने की तैयारी में है. हालांकि अभी तक इस बात की जानकारी नहीं मिली है कि इस छंटनी से कौन से डिपार्टमेंट्स प्रभावित होंगे. लेकिन कंपनी के एक प्रवक्ता के हवाले से यह जरूर कहा गया है कि नौकरी में कटौती के साथ-साथ डिपार्टमेंट रिऑर्गेनाइजेशन को एफिशिएंसी बढ़ाने के अवसर के रूप में देखा जा सकता है.
ये भी पढ़ेंः आज शाम होगी OnePlus 11 के साथ कई प्रोडक्ट की होगी लॉन्चिंग, जानें कहां देख सकते है LIVE
इस छंटनी के बाद, डेल के पास लगभग 39,000 कम कर्मचारी होंगे. मार्च 2022 फाइलिंग के अनुसार, कंपनी के केवल एक-तिहाई कर्मचारी यूएस-आधारित हैं. बता दें कि डेल ने भारत में भी छंटनी की पुष्टि की है लेकिन इस बात की कोई जानकारी नहीं दी है कि यहां से कितने लोगों को निकाला जाएगा.
छंटनी का ये है कारण
कोरोना महामारी के बाद पर्सनल कम्प्यूटर में आई भारी डिमांड के बाद डेल और अन्य हार्डवेयर बनाने वाली कंपनियों के बिक्री में काफी तेजी आई थी. इंडस्ट्री एनालिस्ट IDC ने कहा कि शुरुआती डेटा से पता चलता है कि 2022 की चौथी तिमाही में पर्सनल कम्प्यूटर शिपमेंट में खासी कमी दर्ज की गई है. IDC के अनुसार बड़ी कंपनियों की अगर बात की जाए तो डेल के शिपमेंट में 2021 की समान अवधि की तुलना में सबसे ज्यादा गिरावट आई है. कंपनी के सेल में कुल 37 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है. बता दें कि डेल के कुल रेवेन्यू में लगभग 55 प्रतिशत की हिस्सेदारी पीसी की है.
देश-दुनिया की ताज़ा खबरों Latest News पर अलग नज़रिया, अब हिंदी में Hindi News पढ़ने के लिए फ़ॉलो करें डीएनए हिंदी को गूगल, फ़ेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम पर.