सेहत
त्रिफला चूर्ण का सेवन आयुर्वेद में बेहद लाभदायक जड़ी बूटी में से एक है. इसका नियमित सेवन शरीर को कई गंभीर बीमारियों से दूर रखता है. आइए जानते हैं इसे सेवन करने का तरीका और फायदे.
डीएनए हिंदी: आज के समय में बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ता जा रहा है. युवा उम्र में ही लोग गंभीर बीमारियों के चपेट में आ जाते हैं. वहीं एलोपेथी में दवाईयों के फायदे और नुकसान दोनों ही हैं. ऐसे में लोग आयुर्वेद का सहारा लेते हैं. अगर आप भी आयुर्वेदिक को प्राथमिकता देते हैं तो इसमें सबसे अहम जड़ी बूटियों में त्रिफला का सेवन शुरू कर दें. इसका नियमित रूप सेवन करने मात्र से ही कई गंभीर बीमारियों का खतरा टल जाता है. यह इसे तीन फलों से मिलाकर बनाया जाता है. यही वजह है कि यह कई बीमारियों का जड़ से खत्म कर देता है. वहीं इसका नियमित सेवन रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है, जिसे खासी जुकाम और बुखार जैसी बीमारी पास भी नहीं आती.
त्रिफला मुख्य रूप से तीन फलों से मिलाकर बनाया जाता है. इसे बनाने के लिए आंवला, हरीतिका यानी हर्र और बीभितिका यानी बहेड़ा का इस्तेमाल किया जाता है. इन तीनों चीजों को मिलाकर त्रिफला बनाया जाता है. आयुर्वेद में इस औषधि के दर्जनों फायदे बताये गए हैं. आइए जानते हैं कि नियमित रूप से त्रिफला खाने के फायदे...
पाचनतंत्र को करता है बूस्ट
त्रिफला का नियमित रूप से सेवन भूख को सीमित करता है. यह एसिडिटी को कम करने से लेकर पाचन तंत्र को दुरुस्त करता है. त्रिफला में मिलने वाले एंटीऑक्सीडेंट और एंटी इंफ्लेमेटरी गुण बॉडी को डिटॉक्स करते हैं. यह पेट की समस्याओं को दूर कर गैस और कब्ज से छुटकारा दिलाते हैं. इसके साथ ही डाइजेशन को ठीक रखते हैं. पाचनतंत्र का सेवन बेहद फायदेमंद होता है.
हार्मोंस को करता है सही
त्रिफला चूर्ण को हर दिन सुबह खाली पेट या रात के समय सोते समय खाने से हार्मोस ठीक रहते हैं. यह हार्मोंस को बैलेंस करता है. इसके अलावा पित्त, वात और कफ की समस्या से छुटकारा दिलाता है. यह बच्चों से लेकर बुजुर्ग, युवा और महिलाओं के लिए बेहतर होता है. हालांकि कुछ समस्याओं में त्रिफला का सेवन नुकसान दायक साबित हो सकता है.
इम्यूनिटी को करता है बूस्ट
त्रिफला का नियमित सेवन आपकी इम्यूनिटी को बूस्ट करता है. इसे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है, जिसके चलते गंभीर से गंभीर बीमारी भी दम तोड़ देती है. व्यक्ति जल्दी से बीमार नहीं पड़ता. इसके साथ ही बीामरी से तेजी से रिकवरी होती है. इसकी वजह त्रिफला बनाने में शामिल किए जाने वाले आंवला में विटामिन सी पाया जाना है.
मोटापा भी करता है कम
आज के समय में सबसे बड़ी और पहली बीमारी मोटापा है. मोटापा अपने डायबिटीज से लेकर कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ाता है. ऐसे में त्रिफला सेवन करने से मोटापा कंट्रोल होता है. यह वजन को कम करता है. इसका सेवन करने से मेटाबॉलिज्म बूस्ट होते हैं, जिससे एक्स्ट्रा फैट बाहर हो जाता है. साथ ही पाचन दुरुस्त होता है.
दिल की बीमारी से बचाता है त्रिफला
त्रिफला डाइजेशन और इम्यूनिटी को बूस्ट करता है. यह दिल की सेहत के लिए भी काफी लाभदायक होता है. यह ब्लड प्रेशर को सही बनाएं रखता है. इसके साथ ही बैड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ने से रोकता है. यह दिल की सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है. त्रिफला का नियमित सेवन लिवर को भी सही रखता है.
ब्लड को करता है प्यूरीफाई
त्रिफला खाने से खून में जमा गंदगी साफ होती है. इसका नियमित सेवन ब्लड को प्यूरीफाई करता है. यह खून को साफ कर इसकी वजह से होने वाली बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम कर देता है.
Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें.)
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