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पहलवानों की रिहाई के बाद राकेश टिकैत ने धरना प्रदर्शन किया खत्म, गाजियाबाद बॉर्डर से वापस लौटे

दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा घेरा तोड़कर महिला ‘महापंचायत’ के लिए नए संसद भवन की ओर बढ़ रहे पहलवान विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया हिरासत में ले लिया था.

पहलवानों की रिहाई के बाद राकेश टिकैत ने धरना प्रदर्शन किया खत्म, गाजियाबाद बॉर्डर से वापस लौटे

Rakesh Tikait

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डीएनए हिंदी: भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने गाजीपुर बॉर्डर पर धरना प्रदर्शन खत्म कर दिया है. दिल्ली के जंतर मंतर से रविवार सुबह पहलवानों को हिरासत में लिए जाने के बाद वह दिल्ली बॉर्डर पर धरने पर बैठ गए थे. उनके साथ सैंकड़ों किसान भी थे. उन्होंने कहा था कि जब तक खिलाड़ियों को रिहा नहीं किया जाएगा वह बॉर्डर से नहीं हटेंगे. टिकैत ने कहा कि पहलवानों को छोड़ जाए या फिर हमें भी गिरफ्तार कर लिया जाए.

कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शनों का नेतृत्व करने वाले राकेश टिकैत ने भारी सुरक्षा वाले गाजीपुर बॉर्डर पर पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद कहा, ‘अन्य सभी किसानों को पुलिस द्वारा रोक दिया गया. अभी हम यहीं बैठेंगे और तय करेंगे कि आगे क्या करना है.’ बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की मौजूदगी के बीच दिल्ली में प्रवेश करने के लिए बैरिकेड तोड़ने की कोशिश करने वाले किसानों और सुरक्षाकर्मियों के बीच तीखी बहस हुई. 

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में किसानों के प्रवेश को रोकने के लिए एहतियात के तौर पर अब गाजीपुर बॉर्डर को बंद कर दिया गया है. पुलिस अधिकारी ने कहा कि आनंद विहार और आसपास के अन्य इलाकों में जाने वाले मार्गों पर जाम लग गया और यातायात में आवश्यक बदलाव किया गया है. प्रदर्शनकारी पहलवानों द्वारा 'महिला सम्मान महापंचायत' के आह्वान के मद्देनजर दिल्ली की सीमाओं पर बैरिकेड और पुलिस चौकियों के साथ सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह के दिन कोई गड़बड़ी न हो. हर मार्ग पर खासकर नई दिल्ली क्षेत्र की ओर जाने वाले मार्गों पर भारी पुलिस बल तैनात है.

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दिल्ली पुलिस की हिरासत में पहलवान
बता दें कि दिल्ली पुलिस ने रविवार को सुरक्षा घेरा तोड़कर महिला ‘महापंचायत’ के लिए नए संसद भवन की ओर बढ़ रहे पहलवान विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया समेत कई लोगों को हिरासत में ले लिया. पहलवानों को जबरदस्ती बसों में बैठाकर अज्ञात स्थल पर भेज दिया गया. पुलिस ने इसके बाद पहलवानों के प्रदर्शन स्थल जंतर मंतर से उनके टेंट, चारपाई, गद्दे, कूलर, पंखे और तिरपाल आदि सामान को हटा दिया है. देश के ये शीर्ष पहलवान 23 अप्रैल से भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे. पुलिस का कहना है कि जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे पहलवानों को नए संसद भवन के पास प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी गई थी.

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दिल्ली प्रवेश के रास्तों पर कड़ी निगरानी
दिल्ली के विशेष पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) दीपेंद्र पाठक ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी, रणनीतिक स्थानों और इसके सीमावर्ती क्षेत्रों में व्यापक और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की है और यह सुनिश्चित करेगी कि कानून व्यवस्था बनी रहे. पाठक ने कहा कि नए संसद भवन के उद्घाटन में गड़बड़ी पैदा करने के किसी भी प्रयास से बहुत ही विनम्रता और दृढ़ता से निपटा जाएगा. मैं हमारे सम्मानित एथलीटों से अनुरोध करता हूं कि आज ऐसा कुछ भी न करें. दीपेंद्र पाठक ने यह भी कहा कि पुलिस इतने महत्वपूर्ण दिन पर किसी को भी देश विरोधी गतिविधियों में शामिल नहीं होने देगी और किसी भी स्थिति से पेशेवर तरीके से निपटेगी. पुलिस द्वारा वाहनों की जांच के साथ ही दिल्ली की सभी सीमाओं पर प्रवेश बिंदुओं पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है.

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