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ईरान में हिजाब के खिलाफ महिलाएं खुलकर प्रदर्शन कर रही हैं जिसके चलते देश में अराजकता की स्थिति बन गई है.
डीएनए हिंदी: हिजाब गलत तरीके के पहनने को लेकर ईरान (Iran Hijab Row) की मोरैलिटी पुलिस द्वारा हिरासत में ली गई युवती महसा अमीनी के साथ की गई क्रूरता और युवती की मौत के बाद ईरान में हिजाब के खिलाफ जमकर प्रदर्शन हो रहे हैं. एक तरफ जहां यह आंदोलन धीरे-धीरे बड़ा हो रहा है तो दूसरी ओर पुलिस और प्रशासन महिलाओं के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई कर रहा है.
ANI के मुताबिक ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शन में अब तक कम से कम 41 लोगों की मौत हो गई है. वहीं इस मामले में 700 से अधिक महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है. बता दें कि 22 वर्षीय कुर्द युवती महसा अमीनी की ईरान की कुख्यात मोरैलिटी पुलिस द्वारा कथित तौर पर उचित तरीके से हिजाब नहीं पहनने के आरोप में गिरफ्तार किए जाने के बाद हिरासत में मौत हो गई थी जिसके बाद से महिलाएं भड़की हुई हैं.
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इतना ही नहीं ईरान सरकार ने व्हाट्सएप, स्काइप, लिंक्डइन और इंस्टाग्राम जैसे कंम्यूनिकेशन प्लेटफार्मों को भी प्रतिबंधित कर दिया है. इस कार्रवाई में सैकड़ों आधिकारिक कार्यकर्ताओं और पत्रकारों को भी गिरफ्तार किया गया है. ईरानी राज्य टेलीविजन ने मरने वालों की संख्या 41 बताई है. ईरानी सरकार के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने सार्वजनिक और निजी संपत्ति में आग लगा दी है जिसके चलते उन सभी के खिलाफ एक्शन लिया जा रहा है.
इस पूरे प्रकरण के बीच ईरान ह्यूमन राइट्स नामक एक राइट ग्रुप का दावा है कि सुरक्षा कर्मियों को छोड़कर ही मरने वालों की कुल संख्या 54 है. अधिकार समूहों का यह भी दावा है कि ज्यादातर मौतें मजांदरान और गिलान प्रांतों में हुई है और यहां प्रदर्शन कर रही महिलाओं को निशाना बनाया जा रहा है.
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सोशल मीडिया पर आ रही तस्वीरें स्पष्ट तौर पर ईरान सरकार की क्रूरता को दर्शाती हैं. वहीं अहम बात यह भी है कि अब विदेशों में भी इस तरह के प्रदर्शन शुरू हो गए हैं. ईरानी प्रवासी नागरिक यूरोप से लेकर अमेरिका तक में ईरान सरकार और मोरैलिटी पुलिस के खिलाफ हमला बोल रहे हैं. ये सभी लोग हिजाब पहनने को लेकर बने कड़े कानूनों की आलोचना कर रहे हैं.
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