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'CAA को लेकर किया जा रहा गुमराह, नहीं छिनेगी किसी नागरिकता', असम में बोले राजनाथ सिंह

Lok Sabha Election 2024: राजनाथ सिंह ने कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम को लेकर लोगों को गुमराह किया जा रहा है. मैं आपको यकीन दिलाता हूं कि यह कानून किसी की नागरिकता नहीं छीनेगा.

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'CAA को लेकर किया जा रहा गुमराह, नहीं छिनेगी किसी नागरिकता', असम में बोले राजनाथ सिंह

Rajnath Singh

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केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) को लेकर लोगों को गुमराह किया जा रहा है. यह कानून भारत में रह रहे किसी भी व्यक्ति की नागरिकता नहीं छीनेगा. उन्होंने कहा कि सीएए धार्मिक रूप से उत्पीड़न का शिकार उन लोगों को नागरिकता प्रदान करेगा जो पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से 2014 तक भारत आ गए.

राजनाथ सिंह असम में बीजेपी के सहयोगी दल असम गण परिषद (AGP) के प्रत्याशी फणि भूषण चौधरी के पक्ष में प्रचार कर रहे थे. भूषण चौधरी बारपेटा लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं. फिलहाल कांग्रेस सांसद अब्दुल खालिक इस संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. रक्षामंत्री ने कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम को लेकर लोगों को गुमराह किया जा रहा है. मैं आपको यकीन दिलाता हूं कि यह कानून किसी की नागरिकता नहीं छीनेगा. यह बस नागरिकता प्रदान करेगा.’ 

BJP के घोषणा पत्र में था CAA का मुद्दा
केंद्र ने सोमवार को नागरिकता संशोधन अधिनियम, 2019 को लागू किया और नियमों को अधिसूचित किया. चार साल पहले संसद ने पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के ऐसे बिना दस्तावेज वाले गैर मुसलमानों को शीघ्र नागरिकता देने के लिए यह कानून पारित किया जो (धार्मिक उत्पीड़न के चलते) 31 दिसंबर, 2014 तक भारत आ गए थे. लोगों से अगप प्रत्याशी के पक्ष में वोट डालने की अपील करते हुए सिंह ने कहा कि भाजपा के 2019 के घोषणापत्र के अनुसार CAA को लागू किया जा रहा है.

राजनाथ सिंह ने राममंदिर के बारे में भी बात की और कहा कि लंबे समय में ‘तंबू में’ रहने के बाद भगवान राम प्राण प्रतिष्ठा समारोह के उपरांत ‘अपने मूल स्थान’ पर आ गए हैं. उन्होंने कहा कि हमने पहले कहा था कि कोई हमें भव्य राममंदिर बनाने से नहीं रोक सकता है. अब कोई भारत में रामराज्य की स्थापना को नहीं रोक सकता.’ उन्होंने कहा कि तीन तलाक महिलाओं के साथ इंसाफ करने के लिए खत्म किया गया.

उन्होंने विपक्ष पर हिंदुओं और मुसलमानों के बीच इस मुद्दे का सांप्रदायीकरण करने का आरोप लगाया. असम मुस्लिम शादी एवं तलाक पंजीकरण अधिनियम, 1935 को निरस्त करने को लेकर असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा की सराहना भी की. हमपर हिंदू-मुस्लिम संघर्ष कराने का आरोप लगाया जाता है. लेकिन मैं आपको एक बात बताऊं कि पांच अरब देशों ने मोदी को उनके योगदान को लेकर सर्वोच्च सम्मान प्रदान किया. यह भारत के किसी भी प्रधानमंत्री के साथ नहीं हुआ. (इनपुट- भाषा)

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