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Zepto साल 2023 में यूनिकॉर्न की लिस्ट में शामिल होने वाली पहली कंपनी बन गई है. इसने अमेरिका की असेट मैनेजमेंट कंपनी स्टेपस्टोन ग्रुप से 1 अरब डॉलर जुटाए हैं.
डीएनए हिंदी: भारत को लगभग 11 महीने के लंबे इंतजार के बाद इस साल यानी 2023 का पहला यूनिकॉर्न (Unicorn) मिल गया है. बता दें कि 1.4 बिलियन डॉलर के वैल्यूएशन पर 200 करोड़ डॉलर यानी 1,650 करोड़ रुपये के साथ क्विक कॉमर्स स्टार्टअप जेप्टो (Zepto) ने यूनिकॉर्न क्लब में एंट्री कर ली है. जेप्टो की स्थापना करने वाले अदित पालिचा और कैवल्य वोहरा ने सीरीज ई राउंड में इस फंड को इकट्ठा किया है. जेप्टो के लिए ये फंड मंदी के समय जुटाया गया था. जब स्टार्टअप्स को पूंजी इकट्ठा करने में काफी मुश्किलें हो रही थी. पिछले साल 2022 के मई में जेप्टो ने लगभग 200 मिलियन डॉलर हासिल किए थे. 900 मिलियन डॉलर के वैल्यूएशन के साथ इस स्टार्टअप ने ये फंड जुटाया था. यूनिकॉर्न स्टार्टअप उन स्टार्टअप्स को कहते हैं. जिनकी वैल्यूएशन 1 अरब डॉलर (लगभग 8200 करोड़ रुपये) या इससे ज्यादा होती है.
बता दें कि अमेरिका की असेट मैनेजमेंट कंपनी स्टेपस्टोन ग्रुप के द्वारा सीरिज ई राउंड का नेतृत्व किया गया है. गुड वाटर कैपिटल, नेक्सस, ग्लेड ब्रूक कैपिटल व लैची ग्रूम और कुछ वर्तमान निवेशक कंपनियों ने फंडिंग के इस राउंड में काफी अहम भूमिका निभाई है. इससे पहले साल 2022 के सितंबर में मोल्बियो डायग्नोस्टिक्स को यूनिकॉर्न की लिस्ट में शामिल किया गया था. वहीं साल 2021 की बात करें तो इस साल देश को लगभग हर सप्ताह एक यूनिकॉर्न मिला था. जानकारी के मुताबिक साल 2021 में कुल 44 स्टार्टअप्स को यूनिकॉर्न क्लब में एंट्री मिली थी.
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स्टेपस्टोन ने किया भारत में अपना पहला डायरेक्ट निवेश
स्टेपस्टोन और गुडवाटर कैपिटल ने मुंबई के बेस्ट कंपनी में पहला निवेश किया है. बता दें कि जेप्टो के 200 मिलियन डॉलर फंडिंग में स्टेपस्टोन ने 75 मिलियन डॉलर और 30 मिलियन डॉलर गुडवाटर कैपिटल में लगाए हैं. हालांकि, स्टेपस्टोन ने डायरेक्ट निवेश के रूप में भारत में पहला निवेश किया है. इसके बाद नेक्सस वेंचर पार्टनर्स, ग्लेड ब्रूक कैपिटल और लैची ग्रूम ने 95 मिलियन डॉलर की पूर्ति की है. वहीं गुडवाटर कैपिटल इससे पहले भी 3 भारतीय कंपनियों में निवेश कर चुका है.
किन कंपनियों से है जिप्टो का मुकाबला
साल 2021 में जेप्टो की स्थापना हुई थी. इस कंपनी ने उस समय सिर्फ 10 मिनट डिलीवरी प्लान के साथ मार्केट मे कदम रखा था. जेप्टो ने अक्टूबर 2021 में लगभग 60 मिलियन डॉलर हासिल किया था. साल 2021 में कोविड- 19 के लॉकडाउन के बाद किराना डिलीवरी की मांग बढ़ने से इसके बिजनेस में तेजी से उछाल आया. बता दें कि भारत के बाजारों में जेप्टो की होड़ जोमैटो (Zomato), स्विगी इंस्टामार्ट (Swigy Instamart), रिलायंस डूंजो (Reliance Dunzo) और टाटा (Tata) की बिगबास्केट (Big Basket) कंपनियों से है. ऑर्डर वॉल्यूम की बात की जाए तो ब्लिंकिट (Blinkit) पहले पर और इंस्टामार्ट मार्केट दूसरे नंबर पर आता है. इस लिस्ट में तीसरा पायदान जेप्टो को मिला है.
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