Advertisement

Bengal: शिक्षा मंत्री के करीबी के घर मिला 2 हजार और 500 रुपये के नोटों का अंबार, मशीन से गिनने पड़े नोट

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee की कैबिनेट के मंत्री के करीबी के घर पर शिक्षक भर्ती मामले में भ्रष्टाचार के आरोप हैं. इस मामले में आज ईडी की छापेमारी में मंत्री के घर से करीब 20 करोड़ की नकदी बरामद हुई है.

Bengal: शिक्षा मंत्री के करीबी के घर मिला 2 हजार और 500 रुपये के नोटों का अंबार, मशीन से गिनने पड़े नोट
Add DNA as a Preferred Source

डीएनए हिंदी: पश्चिम बंगाल (West Bengal) में एक बड़े भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है जो कि शिक्षक भर्ती घोटाला (SSC घोटाला) से जुड़ा है. केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) की सरकार के कई मंत्रियों और विधायकों के यहां छापे मारे. पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी की एक करीबी अर्पिता मुखर्जी के घर पर छापेमारी में ईडी 20 करोड़ रुपये का कैश मिला है. पार्थ चटर्जी के घर पर भी छापा मारा गया है. दावा किया जा रहा है कि यह पैसा एसएससी घोटाले से जुड़ा है.

नोटों का ढेर देखकर मंगाई गिनने वाली मशीन

अर्पिता मुखर्जी के ठिकानों पर हुई ईडी की इस छापेमारी के दौरान 500 और दो हजार के नोटों का ढेर लग गया और नोट गिनने वाली मशीन के जरिए इस रकम की गिनती की गई. जांच टीम ने बैंक अधिकारियों की मदद भी ली ताकि रकम की सही गिनती की जा सके. इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी अतिरिक्त सतर्कता बरती गई थी.

Naxalism के खिलाफ़ जंग में कर्ज के बोझ तले दब गया झारखंड, CRPF ने भेजा 10,297 करोड़ का बिल

20 से अधिक मोबाइल बरामद 

इस छापेमारी को लेकर ईडी ने कहा कि अर्पिता मुखर्जी के ठिकाने से 20 से अधिक मोबाइल फोन भी बरामद किए गए है. ईडी इस बात की जांच कर रही है आखिर क्यों इन फोन्स का इस्तेमाल क्या था. ईडी ने बयान में कहा कि एजेंसी ने चटर्जी के अलावा शिक्षा राज्य मंत्री परेश सी अधिकारी, विधायक माणिक भट्टाचार्य और अन्य के परिसरों पर भी छापेमारी की है. इस जांच के दौरान ईडी के अधिकारियों ने राज्य पुलिस के बजाए सीआरपीएफ के जवानों की मदद ली थी.

UNSC में भारत की स्थायी सीट पर 4 देश राजी, एक बना हुआ है बाधा, जानिए कैसे मिलती है सदस्यता

राजनीतिक साजिश का आरोप

ईडी की इस छापेमारी को लेकर ममता सरकार के एक मंत्री ने कहा, "उन्होंने आज हमारे घर पहुंचने के प्लान के बारे में हमें नहीं बताया था. मैं 21 जुलाई को हुई तृणमूल कांग्रेस की शहीद दिवस रैली के बाद कोलकाता में ही हूं. अगर मैं वहां होता तो उन्हें मूड़ी खिलाता." गौरतलब है कि टीएमसी इस मामले में बीजेपी पर राजनीतिक साजिश और केंद्रीय एजेंसियों के इस्तेमाल कर रही है.

TMC नेता मदन मित्रा ने भी कहा, मुझे भी CBI, ED ने 100 से कम बार नहीं बुलाया है. पार्थ चटर्जी बेहद जिम्मेदार आदमी और बंगाल के प्रसिद्ध नेता हैं. ED को उनके आवास पर छापा मारने की जरूरत नहीं थी. वे कहीं भाग नहीं गए हैं.

देश-दुनिया की ताज़ा खबरों Latest News पर अलग नज़रिया, अब हिंदी में Hindi News पढ़ने के लिए फ़ॉलो करें डीएनए हिंदी को गूगल, फ़ेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम पर.  

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement