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वायनाड में बोलीं स्मृति ईरानी, 'राहुल गांधी को अमेठी से यहां मैंने ही भेजा, अब आप यहां से रवाना करिए'

Rahul Gandhi vs Smriti Irani: स्मृति ईरानी ने वायनाड के लोगों से अपील की है कि वे राहुल गांधी को वहां टिकने न दें और हराकर वापस भेजें.

वायनाड में बोलीं स्मृति ईरानी, 'राहुल गांधी को अमेठी से यहां मैंने ही भेजा, अब आप यहां से रवाना करिए'

Smriti Irani vs Rahul Gandhi

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डीएनए हिंदी: केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी उत्तर प्रदेश के अमेठी लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं. उन्होंने 2019 में गांधी परिवार की पारंपरिक सीट मानी जाने वाली अमेठी से राहुल गांधी को हरा दिया था. 2019 में राहुल गांधी केरल की वायनाड लोकसभा सीट से भी चुनाव लड़े थे. हालांकि, अब उनकी लोकसभा सदस्यता खारिज की जा चुकी है. अब स्मृति ईरानी ने वायनाड के लोगों से अपील की है कि वे भी राहुल गांधी को यहां से हराएं. स्मृति ईरानी ने लोगों को यह भी कहा कि जब वह अमेठी की सांसद बनीं और राहुल गांधी वहां से रवाना हो गए तभी वहां के हालात सुधरे.

तिरुवनंतपुरम में एक कार्यक्रम के दौरान स्मृति ईरानी ने कहा, 'ये मेरा सौभाग्य है कि जो आज वायनाड के एमपी हैं, उनको उत्तर प्रदेश से मैंने ही रवाना किया था. रवाना करने के पीछे कारण था कि जब वो वहां से सांसद थे तो 80 पर्सेंट लोगों के पास बिजली नहीं थी. जब वायनाड के सांसद अमेठी में थे तो डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर का ऑफिस नहीं था.'

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स्मृति ईरानी ने गिनाईं सुविधाएं
सुविधाएं गिनाते हुए स्मृति ईरानी ने कहा, 'वायनाड के सांसद अमेठी में थे तो अमेठी में फायर स्टेशन नहीं था. वहां मेडिकल कॉलेज नहीं था. अमेठी के जिला अस्पताल में डायलसिस सेंटर नहीं था, एक्सरे मशीन नहीं थी. अमेठी में केंद्रीय विद्यालय नहीं था, सैनिक स्कूल नहीं था, इनडोर स्टेडियम नहीं था. वह गए तो यह सब मुमकिन हुआ है. अब अगर वह यहां रहेंगे तो इसका हाल भी अमेठी जैसा होगा. इसलिए वह यहां न रहें, इसकी व्यवस्था आप सबको करनी है.'

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आपको बता दें कि मानहानि के मामले में राहुल गांधी को 2 साल की सजा हो जाने के बाद उनकी लोकसभा सदस्यता खारिज की जा चुकी है और वह 6 साल तक चुनाव नहीं लड़ सकते. हालांकि, वह कोर्ट में इस फैसले को चुनौती भी दे रहे हैं. अगर उनकी सजा रद्द हो जाती है तब ही वह दोबारा चुनाव लड़ पाएंगे.

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