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मायावती ने अमेठी से बदल दिया BSP कैंडिडेट, स्मृति ईरानी के लिए बनेंगे चुनौती?

Amethi Lok Sabha Seat: बहुजन समाज पार्टी ने तीन उम्मीदवारों के नामों वाली नई लिस्ट को जारी की है. जिसमें अमेठी के उम्मीदवार का नाम बदल दिया गया है.

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मायावती ने अमेठी से बदल दिया BSP कैंडिडेट, स्मृति ईरानी के लिए बनेंगे चुनौती?

Lok Sabha Elections 2024 (File Photo)

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लोकसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक पार्टियां एक-दूसरे पर खूब हमला बोल रही हैं. सियासी अखाड़े में उतरे उम्मीदवार अपनी जीत के लिए पूरा जोर लगा रहा है. इस बीच पार्टियां अपने उम्मीदवारों के नामों की लिस्ट भी जारी कर रही हैं. बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने अपने तीन उम्मीदवारों की एक नई लिस्ट जारी की है. इस नई लिस्ट में पार्टी ने अमेठी, प्रतापगढ़ और झांसी में उम्मीदवार घोषित किए हैं. अमेठी में नन्हें सिंह चौहान, प्रतापगढ़ में प्रथमेश मिश्रा और झांसी में रवि प्रकाश कुशवाहा पार्टी के प्रत्याशी होंगे. एक दिन पहले रविवार को ही अमेठी सीट पर रवि प्रकाश मौर्या को प्रत्याशी बनाया गया था लेकिन अब नन्हें सिंह चौहान का नाम आने से इस सीट का सियासी समीकरण बदल सकता है. 

अमेठी के सियासी रण में उतरे नन्हे सिंह चौहान व्यवसायी हैं और वह सुल्तानपुर के रहने वाले हैं. नन्हे सिंह चौहान तीन बार ग्राम प्रधान रहे हैं और वह बसपा के साथ पिछले 8 साल से जुड़े हुए हैं. उनके पास बड़ा चुनाव लड़ने का कोई अनुभव नहीं है, इसके बाद भी बसपा ने उनपर भरोसा जताया है. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि नन्हे सिंह चौहान के उतरने से इंडिया गठबंधन को नुकसान होता है या बीजेपी से चुनाव लड़ रही स्मृति ईरानी के वोट में सेंध लगाएंगे. 


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अमेठी में कभी नहीं जीत पाई बसपा 

1989 में हुए लोकसभा चुनाव में बसपा ने पहली बार चुनाव लड़ा था. राजीव गांधी के खिलाफ बसपा संस्थापक कांशीराम ने चुनाव लड़ा था लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. उस वक्त उन्हें महज 25 हजार 400 वोट ही मिले थे. उसके बाद से हुए कई चुनावों में बसपा ने अपने उमीदवार उतारे लेकिन कभी जीतकर संसद तक नहीं पहुंच पाए. 


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अमेठी से चुनाव लड़ेंगे राहुल?

कांग्रेस ने अभी तक इस सीट पर अपना उम्मीदवार नहीं उतारा है. इस सीट पर सपा और कांग्रेस का गठबंधन है. कई रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी यहां से चुनाव लड़ेंगे लेकिन अभी तक पार्टी ने उनके नाम पर मुहर नहीं लगाई है. पिछले दिनों जब उनसे अमेठी सीट को लेकर सवाल  गया था तो उसे बीजेपी का सवाल बताते हुए उन्होंने कहा था,''कांग्रेस पार्टी के नेता जो निर्णय लेंगे, हम उस पर काम करेंगे.'' सूत्रों के अनुसार, अमेठी में कांग्रेस  कार्यालय को तैयार किया जा रहा है. इसके साथ जमीनी स्तर के कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को भी इक्क्ठा किया जा रहा है. माना जा रहा है कि जल्द ही पार्टी राहुल के नाम का एलान कर सकती है. 

स्मृति ईरानी ने किया नामांकन 

 केंद्रीय मंत्री और भाजपा प्रत्याशी स्मृति ईरानी ने लगातार तीसरी बार अमेठी लोकसभा से सोमवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया. 2014 में अमेठी से चुनाव लड़ने आईं स्मृति को राहुल गांधी से हार का सामना करना पड़ा था. इस हार के बाद भी उन्हें मोदी सरकार के मंत्रिमंडल में जगह दी गई. वहीं, राहुल के अमेठी के सांसद रहते हुए भी वह वहां जाती रही, उन्होंने अमेठी की जनता से दूरी नहीं. ऐसे में बीजेपी ने उन पर बहरोसा जताते हुए 2019 के लोकसभा चुनाव में टिकट दिया. इस चुनाव में स्मृति ने राहुल का किला ढहा दिया और अमेठी से संसद पहुंची. जिसके बाद वह लगातार अमेठी आती जाती रही. कुछ महीने पहले ही उन्होंने अमेठी में अपना घर भी बनवा लिया है. वहीं, चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद से वह अमेठी प्रचार-प्रसार कर रही हैं. अब यह 4 जून को साफ़ होगा कि उन्हें अमेठी की जनता फिर से संसद भेजती है या नहीं.  सियासी समीकरण के देखें तो अगर राहुल अमेठी से चुनाव लड़ते हैं तो कांग्रेस-बीजेपी के बीच बराबर की टक्कर हो सकती है लेकिन अगर कांग्रेस किसी और पर भरोसा जताती है तो स्मृति ईरानी का पलड़ा भारी हो सकता है. 


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