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'राम, राष्ट्र और कल्कि धाम,' वे मुद्दे जो बने Acharya Pramod Krishnam के 'वनवास' की वजह

Acharya Pramod Krishnam को Congress पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया है. आाचर्य प्रमोद ने निकाले जाने पर कहा कि रामभक्त को 14 साल का निष्कासन मिलना चाहिए.

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'राम, राष्ट्र और कल्कि धाम,' वे मुद्दे जो बने Acharya Pramod Krishnam के 'वनवास' की वजह

Acharya Pramod Krishnam.

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कांग्रेस (Congress) ने दिग्गज नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम (Acharya Pramod Krishnam) को अनुशासनहीनता के आरोपों में 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया है. कांग्रेस पार्टी से निष्कासन के बाद आचार्य प्रमोद कृष्णम का दर्द पहली बार छलका है. उन्होंने रविवार दोपहर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई और अपनी सफाई पेश की.

शनिवार को कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल (KC Venugopal) ने एक प्रेस रिलीज में कहा था कि आचार्य प्रमोद कृष्णम के खिलाफ अनुशासनहीनता और पार्टी के खिलाफ बयान देने की वजह से यह कार्रवाई की गई है. आइए जानते हैं प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने क्या-क्या कहा है.

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा, 'कांग्रेस पार्टी से निकाले जाने की खबर मुझे न्यूज चैनलों के माध्यम से मिली. कांग्रेस नेतृत्व का आभार जो मुझे मुक्त कर दिया.'

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'क्या आयोध्या जाना पार्टी विरोधी गतिविधि है'
आचार्य प्रमोद ने कहा, 'मैं वेणुगोपाल या मल्लिकार्जुन खड़गे जी से पूछना चाहता हूं कि कौन सी ऐसी गतिविधियां हैं जो पार्टी के विरोध में थी और उन्हें कब पता चला. क्या राम का नाम लेना पार्टी विरोधी है? क्या अयोध्या जाना पार्टी विरोधी है? क्या प्राण प्रतिष्ठा का निमंत्रण स्वीकार करना पार्टी विरोधी है?'

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आचार्य प्रमोद कृष्णम ने सवाल किया, 'क्या श्री कल्की धाम का शिलान्यास करवाना पार्टी विरोधी है? क्या नरेंद्र मोदी जी से मिलना पार्टी विरोधी है? क्या उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को श्री कल्की धाम के शिलान्यास का निमंत्रण देना पार्टी विरोधी है?'

कांग्रेस के कई फैसलों से असहमत हैं आचार्य प्रमोद
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा, 'कांग्रेस पार्टी के बहुत सारे ऐसे फैसले थे, जिनसे मैं सहमत नहीं था. धारा 370 हटाने का फैसला जब भारत के आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने लिया, तो यह फैसला देशहित में था. कांग्रेस को इसका विरोध नहीं करना चाहिए था. इसी तरह तीन तलाक का फैसला हमारी मुस्लिम बहनों के हक में था. इसका पार्टी को विरोध नहीं करना चाहिए था.'

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सनातन धर्म डेंगू, मलेरिया का कुष्ट नहीं 
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा, 'जब डीएमके के नेताओं ने कहा कि हम सनातन को मिटा देंगे, सनातन डेंगू है, मलेरिया है, कुष्ट है. इसका समर्थन कांग्रेस को नहीं करना चाहिए था.'

नई संसद के उद्घाटन के वक्त भी नाराज थे प्रमोद कृष्णम
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा, 'जब भारत की नई संसद का उद्घाटन भारत के पीएम ने किया. उसका विरोध कांग्रेस पार्टी ने जब किया तो मैंने इस बात का समर्थन नहीं किया. मैंने यह बात कही कि अगर भारत की संसद का उद्घाटन अगर भारत का प्रधानमंत्री नहीं करेगा तो क्या पाकिस्तान का करेगा?'

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'मुझे मिले 14 वर्ष का निष्कासन'
आचार्य प्रमोद ने कहा, 'मेरी अभिलाषा है, प्रबल इच्छा है कि भगवान राम को 14 वर्ष का वनवास दिया गया था. एक रामभक्त को छह साल के लिए क्यों निकाला जा रहा है. इसे 14 वर्ष कर दिया जाए.' 

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