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Meta ने कहा है कि ये ऐप्स गूगल और एपल ऐप स्टोर में मौजूद हैं. फेसबुक की पेरेंट कंपनी ने अपने यूजर्स को सिक्योरटी टिप्स भी दी हैं.
डीएनए हिंदी: यदि आप फेसबुक (Facebook) यूजर हैं तो यह खबर आपको चिंतित कर सकती है. फेसबुक की पेरेंट कंपनी मेटा प्लेटफॉर्म्स इंक (Meta Platforms Inc) ने एक चेतावनी (Facebook Warning) जारी की है. इस चेतावनी में कहा गया है कि करीब 10 लाख फेसबुक यूजर के अकाउंट की निजी जानकारियां खतरे में हैं. इन जानकारियों में उनके पासवर्ड और यूजरनेम शामिल हैं. मेटा ने कहा है कि ये जानकारियां एपल इंक (Apple Inc) और अल्फाबेट इंक (Alphabet Inc) के सॉफ्टवेयर स्टोर से डाउनलोड की गई कुछ ऐप्स के कारण इन यूजर्स के मोबाइल फोन की सिक्योरिटी कमजोर हो जाने के कारण चोरी हो सकती हैं. इसके लिए कंपनी इन यूजर्स को नोटिफिकेशन भी भेज रही है.
मेटा ने शुक्रवार को घोषणा की कि उसने इस साल 400 से ज्यादा वायरस वाली ऐप्स चिह्नित की हैं. ये ऐप्स एंड्रॉयड और IOS, दोनों ऑपरेटिंग सिस्टम पर हैं. ये ऐप्स इंटरनेट यूजर्स को निशाना बनाकर उनकी लॉगिन इन्फॉर्मेशन चोरी करती हैं.
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एपल और गूगल को दी है जानकारी
मेटा के मुताबिक, उसकी तरफ से इन ऐप्स की जानकारी गूगल और एपल के साथ साझा की है. इसके बाद इन ऐप्स को हटाना शुरू कर दिया गया है. एपल ने कहा है कि 400 गलत ऐप्स में से 45 उसके ऐप स्टोर में थीं, जिन्हें अब हटा दिया गया है. गूगल ने भी इन सभी ऐप्स को अपने प्ले स्टोर से हटा दिया है.
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फोटो एडिटिंग, गेम्स या हेल्थ ट्रैकिंग का देती हैं झांसा
मेटा के डायरेक्टर ऑफ ग्लोबल थ्रेट डिसरप्शन डेविड अग्रानोविक (David Agranovich) के मुताबिक, ये ऐप्स खुद को यूजर्स के सामने फोटो एडिटर्स, मोबाइल गेम्स या हेल्थ ट्रैकर्स के तौर पर पेश करती हैं. साइबर अपराधी जानते हैं कि इस तरह की ऐप्स यूजर्स में कितनी पॉपुलर हैं और वे ऐसी ही थीम का उपयोग लोगों को झांसा देने के लिए करते हैं. इसके बाद इन ऐप्स के जरिए यूजर्स के अकाउंट्स में सेंध लगाकर उनकी निजी जानकारियां चोरी कर ली जाती हैं. डेविड ने चेतावनी दी है कि यदि कोई ऐप अपने किसी ऐसे फीचर्स को बहुत अच्छा बता रही हैं, जो उनके मुताबिक किसी अन्य प्लेटफार्म या सोशल मीडिया साइट के लिए जारी नहीं किया गया है तो संभव है कि उस ऐप का मकसद कुछ और ही है.
यूजर्स को फंसाने की ये है आसान ट्रिक
डेविड के मुताबिक, इन ऐप्स के यूजर्स को फंसाने का एक सबसे आसान तरीका पकड़ में आया है. ये ऐप्स डाउनलोड करने के बाद पहली बार एंट्री के लिए यूजर को अपने फेसबुक अकाउंट के जरिए लॉगिन करने को कहती हैं. इससे उसका यूजरनेम और पासवर्ड ऐप में स्टोर हो जाता है.
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