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Heat Wave: पारे ने गर्मी की शुरुआत में ही मचाया कहर, तेलंगाना में हीट स्ट्रोक से दिव्यांग समेत 4 की मौत

Heat Stroke: अप्रैल के महीने की शुरुआत में अमूमन मौसम बसंत के प्रभाव में होने से ज्यादा गर्म नहीं रहता है, लेकिन इस बार अभी से पारे ने रिकॉर्ड तोड़ने शुरू कर दिए हैं.

Heat Wave: पारे ने गर्मी की शुरुआत में ही मचाया कहर, तेलंगाना में हीट स्ट्रोक से दिव्यांग समेत 4 की मौत

Telangana Heat Wave Effect (File Photo)

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डीएनए हिंदी: Telangana News- दक्षिणी राज्यों में हीट वेव का प्रभाव अप्रैल के दूसरे सप्ताह में ही दिखने लगा है. तेलंगाना में पारे का लेवल 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने के बाद 4 लोगों की हीट स्ट्रोक से मौत हो गई है. इसके चलते राज्य सरकार ने अलर्ट जारी कर दिया है. लोगों को दोपहर के समय धूप में निकलने से बचने की एडवाइजरी जारी की गई है. लोगों को खासतौर पर सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच कोई इमरजेंसी नहीं होने पर घर के अंदर ही रहने की सलाह दी गई है.

राज्य के उत्तरी जिलों में ज्यादा गर्मी

तेलंगाना में पारे ने मंगलवार को 40 डिग्री सेल्सियस का आंकड़ा पार किया था. इसके बाद हीट स्ट्रोक की चपेट में आकर मरे 4 लोगों में से 3 राज्य के उत्तरी जिलों आदिलाबाद, निर्मल और मंछेरियल के हैं, जबकि एक व्यक्ति की मौत राज्य के मध्य हिस्से में वारंगल जिले में दर्ज की गई है. आदिलाबाद में मरने वाला 70 साल का बूढ़ा किसान है. जिले के नेन्नल मंडल के गंगाराम गांव निवासी किसान की मौत जबरदस्त लू के दौरान अपने आम के बाग में काम करने के कारण मंगलवार को हुई है.

निर्मल जिले में दिव्यांग मनरेगा मजदूर की मौत काम करते समय हीट स्ट्रोक की चपेट में आने के चलते हो गई है. 45 वर्षीय पाडिगला राजेश्वर निर्मल जिले के लक्ष्मणचंदा मंडल के वदयाल नरसापुर गांव का निवासी था. मंगलवार को राजेश्वर रोजाना की तरह एक तालाब के करीब मनरेगा के तहत मिट्टी खुदाई का काम करने गया था. दोपहर में उसे चक्कर आने लगे और जी मिचलाने लगा. वह एक पेड़ की छांव में आराम करने के लिए बैठ गया. बाद में साथी मजदूरों को वह मृत हालत में मिला. मंछेरियल में हीट वेव के कारण 55 साल के फल बेचने वाले लिंगाला श्रीनिवास की मौत हुई है, जो बेलमपल्ली कस्बे का रहने वाला था. वारंगल के दुगोंडी मंडल मुख्यालय के करीब भी 67 साल के फल विक्रेता मुप्पारापु सरैया की मौत हीट वेव के कारण हो गई है.

फरवरी में ही दिख गए थे आसार

इस बार फरवरी के महीने में ही सूरज की तपिश ने गर्मी के महीनों में मचने वाले कहर का अहसास करा दिया था. मार्च महीने की बेमौसमी बारिश के असर से पारे का लेवल थोड़ा नीचे गया था, लेकिन अप्रैल महीने के दूसरे सप्ताह में ही हीट वेव इफेक्ट (Heat Wave Effect) का असर दिखने लगा है. खासतौर पर दक्षिणी राज्यों में पारे ने अभी आसमान छूना शुरू कर दिया है, जिसके चलते दोपहर के समय बेहद तेज लू चल रही है और लोग हीट स्ट्रोक का शिकार होने लगे हैं. 

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