Advertisement
हिंदी न्यूज़डीएनए एक्सप्लेनर

Baal Aadhaar: बाल आधार क्या है? बच्चों के लिए क्यों है जरूरी और इसे बनाने की क्या है प्रक्रिया

Baal Aadhaar Process: UIDAI के मुताबिक पिछले 4 महीने में 79 लाख बच्चों के बाल आधार कार्ड बनवाए गए हैं. इन आधार के लिए बायोमेट्रिक्स डिटेल की जरूरत नहीं होती है.  

Latest News
Baal Aadhaar: बाल आधार क्या है? बच्चों के लिए क्यों है जरूरी और इसे बनाने की क्या है प्रक्रिया
Add DNA as a Preferred Source

डीएनए हिंदीः आधार कार्ड (Aadhaar Card) लोगों की एक पहचान बन चुका है. सरकारी योजनाओं से लेकर अन्य जरूरी चीजों के लिए इसका इस्तेमाल जरूरी हो चुका है. बड़े ही नहीं बच्चों के लिए भी बाल आधार का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है. इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले चार महीने में 79 लाख बच्चों के आधार कार्ड बनाए गए हैं. आधार बनाने वाली सरकारी एजेंसी यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी कि यूआईडीएआई (UIDAI) ने यह जानकारी दी है. 

क्या होता है बाल आधार? 
बाल आधार कार्ड शून्य से 5 साल की उम्र के बच्चों का बनाया जाता है. देश में चल रहे बाल आधार अभियान के तहत ये कार्ड बनाए जाते हैं. इस आधार कार्ड के जरिये खाताधारक बच्चों और उनके माता-पिता को कई सुविधाओं का लाभ दिया जाता है. बच्चों के लिए बनाए जाने वाले बाल आधार कार्ड में किसी तरह की बायोमेट्रिक्स डिटेल नहीं ली जाती है. माता-पिता के आधार से ही बाल आधार कार्ड जुड़ा होता है. बच्चा जब 5 साल से अधिक उम्र का हो जाता है तब पहली बार उसका बायोमेट्रिक्स अपडेट लिया जाता है. दूसरी बार बच्चों के 18 साल पूरे होने के बाद बायोमेट्रिक्स लिया जाता है. इसके पीछे बच्चों के उंगली और रेटिना के बदलाव को वजह बताया गया है. देखने में सामान्य आधार से बाल आधार अलग होता है. बाल आधार कार्ड का रंग नीला होता है. बाल आधार कार्ड पर 'इसकी वैधता बच्चे के 5 साल की उम्र तक' लिखा होता है. 

ये भी पढ़ेंः एक देश-एक चुनाव से देश को कितना फायदा कितना नुकसान? जानें हर सवाल का जवाब

अब तक कितने बच्चों के बने बाल आधार?
यूआईडीएआई के मुताबिक 31 मार्च, 2022 तक जन्म से 5 साल की उम्र के 2.64 करोड़ बच्चों के आधार बनाए गए थे. जुलाई 2022 तक यह आंकड़ा बढ़कर 3.43 करोड़ पर पहुंच गया है. देश में बाल आधार की संख्या तेजी से बढ़ रही है. हिमाचल प्रदेश और हरियाणा में जन्म से 5 साल तक के 70 प्रतिशत बच्चों का बाल आधार कार्ड बनाया जा चुका है.   

बाल आधार कार्ड के लिए जरूरी दस्तावेज 

- बर्थ सर्टिफिकेट या सरकारी हॉस्पिटल में जन्म के बाद का जच्चा-बच्चा का डिस्चार्ज स्लिप
- बच्चे के माता-पिता में दोनों या किसी एक के आधार कार्ड की कॉपी
- पांच साल से कम उम्र के बच्चे के माता-पिता को बाल आधार बनाने के लिए आधार सेवा केंद्र जाना होगा

ये भी पढ़ेंः आजादी से पहले कैसा था अखंड भारत, कितने देश थे हिस्सा, कब-कब हुए अलग, जानें सबकुछ

कैसे करें बाल आधार के लिए रजिस्ट्रेशन 

- नजदीकी आधार सेवा केंद्र पर जाएं
- बाल आधार कार्ड के लिए आवेदन फॉर्म भर लें
- माता-पिता के आधार कार्ड और बच्चे के बर्थ सर्टिफिकेट की फोटोकॉपी अटैच करें
- आवेदन फॉर्म में माता-पिता के आधार कार्ड की जानकारी और मोबाइल नंबर जरूर दर्ज होना चाहिए
- वेरिफिकेशन प्रोसेस पूरा होने के बाद वहीं बच्चे की तस्वीर ली जाएगी. 
- आवेदन करने के 60 दिनों के अंदर माता-पिता के मोबाइल पर टेक्स्ट मैसेज के जरिए अपडेट आएगा.
- इसके बाद बाल आधार कार्ड डाक के जरिए घर के पते पर भेजा जाता है.

देश-दुनिया की ताज़ा खबरों Latest News पर अलग नज़रिया, अब हिंदी में Hindi News पढ़ने के लिए फ़ॉलो करें डीएनए हिंदी को गूगलफ़ेसबुकट्विटर और इंस्टाग्राम पर.

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement