भारत
देश के कई हिस्सों में बिजली कटौती की जा रही है. विपक्ष ऊर्जा संकट पर केंद्र सरकार को घेर रहा है.
डीएनए हिंदी: समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने बिजली कटौती को लेकर सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री का नाम लिए बिना बिजली संकट का मसला उठाते हुए कहा कि सरकार समस्या का कारण बताने के लिए नहीं, निवारण के लिए होती है.
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने कुछ पावर प्रोडक्शन यूनिट में आई तकनीकी खामियों का जिक्र किया था. उनके ट्वीट पर ही जवाब देते हुए अखिलेश यादव ने लिखा, 'सरकार समस्या का कारण बताने के लिए नहीं, निवारण के लिए होती है.'
Power Cut: 'मोदी है तो मुमकिन है', बिजली कटौती को लेकर पी चिदंबरम ने केंद्र पर कसा तंज
ऊर्जा मंत्री ने क्या कहा था?
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने एक दिन पहले ट्वीट किया था कि यूपी की कुछ विद्युत उत्पादन इकाइयां तकनीकी कारणों से कई सप्ताह से बंद हैं, जिनमें हरदुआगंज-660 मेगावाट, मेजा-660 मेगावाट और बारा-660 मेगावाट शामिल हैं.
गर्मी के कारण बिजली की माँग बढ़ी है।वहीं कई बिजली उपक्रम तकनीकी कारणों से हफ़्तों से बंद हैं। ऐसे में बिजली की बचत का सभी प्रयास करें।
हमारे विद्युत कर्मी निर्बाध आपूर्ति के लिए रात-दिन अपने कार्य में लगे हैं।
सहयोग प्रार्थनीय है।@UPPCLLKO @narendramodi @myogiadityanath pic.twitter.com/UY1fQn2lbk— A K Sharma (@aksharmaBharat) April 29, 2022
'निवारण के लिए होती है सरकार'
अखिलेश यादव ने तंज करते हुए कहा कि सरकार समस्या का कारण बताने के लिए नहीं, निवारण के लिए होती है. शुक्रवार को भी अखिलेश यादव ने बिजली संकट को लेकर एक बयान में सत्तारुढ भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि भीषण गर्मी के बीच अघोषित बिजली कटौती से प्रदेश की जनता झुलस रही है.
Coal Crisis: 81 कोल प्लांट के पास 5 दिनों से भी कम का कोयला, क्या होगा कंप्लीट ब्लैक आउट?
अखिलेश यादव ने कहा कि पूर्वांचल से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक लोग त्राहि-त्राहि कर रहे हैं और गर्मी बढ़ने के साथ बिजली संकट गहराता जा रहा है.
गूगल पर हमारे पेज को फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें. हमसे जुड़ने के लिए हमारे फेसबुक पेज पर आएं और डीएनए हिंदी को ट्विटर पर फॉलो करें.