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Uttarakhand Tunnel Rescue में मदद करने वाले रैट माइनर के घर चला बुलडोजर, क्या बोले वकील हसन

Delhi Bulldozer Action: दिल्ली के खजूरी इलाके में डीडीए के बुलडोजर ऐक्शन के बाद कई रैट माइनर्स ने रोष जताया है. ये रैट माइनर वही हैं जिन्होंने उत्तराखंड के टनल हादसे के बाद लोगों की जान बचाई थी.

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Rat Miner Wakeel Hassan

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कुछ महीनों पहले उत्तराखंड के सिलक्यारा में एक निर्माणाधीन सुरंग धंस गई थी. इस सुरंग में फंसे 41 मजदूरों को कई दिनों के बाद निकाला जा सका था. इस रेस्क्यू ऑपरेशन में रैट माइनर्स की भूमिका रही थी. इस टीम में शामिल रहे एक रैट माइनर वकील हसन अब एक मुसीबत की वजह से चर्चा में हैं. दिल्ली में वकील हसन के घर पर बुलडोजर चला है और उनके घर को गिरा दिया गया है. इस पर वकील हसन ने कहा है कि उन्होंने सरकार से इनाम के रूप में अपना यह घर ही मांगा था लेकिन दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने बिना कोई नोटिस दिए ही उनके घर को गिरा दिया.

वकील हसन का यह घर खजूरी खास के श्रीराम कॉलोनी में था. डीडीए का कहना है कि ध्वस्तीकरण अभियान उस जमीन पर चलाया गया है जो डीडीए के प्लांड डेवलमेंट लैंड का हिस्सा थी. वहीं, दिल्ली पुलिस ने बताया कि कई अवैध निर्माण को ध्वस्त किया गया है. डीडीए के मुताबिक, 28 फरवरी को खजूरी गांव में डीडीए की जमीन से अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया गया.


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#WATCH | Wakeel Hassan, one of the rat miners whose house has been razed, says, " I feel very bad... I don't understand why this is happening to me...we did such good work but in return, my own house has been razed. Where will I take my children...it is very difficult to earn a… https://t.co/3iXLbv1d93 pic.twitter.com/DIJtAqDRht

बच्चों को पीटने और थाने ले जाने का आरोप
घर गिराए जाने के बाद वकील हसन ने कहा है, "मुझे बहुत बुरा लग रहा है. मैं समझ नहीं पा रहा हूं कि मेरे साथ यह क्यों हो रहा है. हमने इतना अच्छा काम किया और बदले में मेरा खुद का घर गिरा दिया गया. मैं अपने बच्चों को लेकर कहां जाऊं? रोजी-रोटी कमाना इतना मुश्किल है, मैं नया घर कहां से खरीद पाऊंगा? मेरे पास अब सिर्फ मर जाने का ही विकल्प बचा है."


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वकील हसन ने आगे कहा है, "घर गिराने आए लोगों से मैंने पूछा भी कि वे ऐसा क्यों कर रहे हैं. उन लोगों ने न तो कोई वजह बताई और न ही कोई कागज दिखाया. हमें पुलिस स्टेशन भेज दिया गया. मुझे, मेरे बच्चों और मेरी बीवी को थाने में रखा गया. मेरे बेटे को पीटा गया और वह घायल है. पूरी दुनिया हमारी तारीफ कर रही है. उत्तराखंड सरकार ने हमें 50 हजार रुपये दिए थे लेकिन आज के समय में यह कुछ नहीं है. हमारे ऊपर बहुत कर्ज है, हमें अपने बच्चों को भी पालना है."

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