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National Livestock Mission: गधे और खच्चर पालने पर सरकार देगी पैसे, समझिए क्या है प्लान

National Livestock Mission Subsidy: मोदी सरकार ने राष्ट्रीय पशुधन मिशन में कुछ संशोधन किए हैं और पशुपालकों को कई अन्य फायदों के दायरे में ला दिया है.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को कैबिनेट की बैठक हुई है. इस बैठक में कई अहम आर्थिक फैसले लिए गए. गन्ने की खरीद पर दी जाने वाली कीमत बढ़ाई गई और राष्ट्रीय पशुधन मिशन के विस्तार का भी ऐलान किया गया. सरकार के फैसले के मुताबिक, अब घोड़ा, खच्चर, ऊंट और घोड़ा पालने के लिए सरकार की ओर से आर्थिक सहायता दी जाएगी. साथ ही, पशुओं से जुड़े उद्योग शुरू करने पर सरकार सब्सिडी देगी और पशुधन बीमा योजना को भी सरल बनाया जाएगा. अब कम से कम पैसे देकर पशुपालक अपने पालतू जानवरों का बीमा करा सकेंगे.

केंद्र सरकार ने घोड़ा, गधा, खच्चर और ऊंट से जुड़े कारोबार शुरू करने के लिए लोगों और संगठनों को 50 प्रतिशत तक सब्सिडी देने सहित तमाम गतिविधियों को शामिल कर राष्ट्रीय पशुधन मिशन योजना में संशोधन को मंजूरी दे दी है. संशोधित राष्ट्रीय पशुधन मिशन योजना के तहत केंद्र सरकार घोड़े, गधे और ऊंट के लिए वीर्य (सीमन) केंद्र और प्रजनन फार्म की स्थापना के लिए 10 करोड़ रुपये प्रदान करेगी.


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किसे मिलेगा फायदा?
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय पशुधन मिशन (एनएलएम) योजना में अतिरिक्त गतिविधियों को शामिल करने की मंजूरी प्रदान की है. संशोधित एनएलएम के तहत, घोड़े, गधे, खच्चर और ऊंट से जुड़े उद्यम स्थापित करने के लिए व्यक्तियों, किसान उत्पादक संगठनों, स्वयं सहायता समूहों और धारा 8 कंपनियों को 50 प्रतिशत यानी 50 लाख रुपये तक की सब्सिडी प्रदान की जाएगी. 

इसके अलावा घोड़ों, गधों और ऊंटों के नस्ल संरक्षण के लिए भी राज्य सरकार को सहायता मुहैया कराई जाएगी. इसके अलावा, पशुधन बीमा कार्यक्रम को भी सरल बनाया गया है. अनुराग ठाकुर ने कहा कि किसानों के लिए प्रीमियम का लाभार्थी हिस्सा कम कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि बीमा किए जाने वाले पशुओं की संख्या भी पांच से बढ़ाकर 10 कर दी गई है. आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक, इससे पशुपालकों को न्यूनतम राशि का भुगतान कर अपने पशुओं का बीमा कराने में सुविधा होगी.


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इंश्योरेंस में कैसे मिलेगा फायदा?
संशोधन के बाद पशुओं का इंश्योरेंस कराने के लिए अब पशुपालकों को सिर्फ 15 प्रतिशत की दर से प्रीमियम देना होगा. मौजूदा समय में यह हिस्सा 20 से 50 प्रतिशत तक है. पशुपालकों के अलावा बाकी प्रीमियम राज्य और केंद्र सरकार जमा करेंगी. अब भेड़ और बकरियों के लिए भी पशु बीमा करवाया जा सकेगा.

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