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US Gun Shooting: अमेरिका में रोज जा रही 9 मासूमों की जान, सुपरपावर क्यों नहीं रोक पा रहा हिंसा?

US Gun Culture: अमेरिका में गन कल्चर का मुद्दा फिर चर्चा में है. देश में हथियार रखने की छूट ही क्या अनियंत्रित हिंसक घटनाओं की वजह है?

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अमेरिका में हथियार खरीद पर सख्त कानून की मांग

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डीएनए हिंदी: अमेरिका के टेक्सास में एक स्कूल में 21 लोगों की मौत का कारण बनने वाली गोलीबारी की हालिया घटना से पूरा विश्व ही सदमे में है. इस घटना ने एक बार फिर इस बहस को गर्म कर दिया है कि अन्य देशों की तुलना में अमेरिका में बंदूक से छात्रों की हत्या की दर इतनी अधिक क्यों है. अमेरिका के ही एक एनजीओ ‘चिल्ड्रेंस डिफेंस फंड’ ने दावा किया है कि बंदूक हिंसा अमेरिका में बच्चों की मौत का प्रमुख कारण है.

रोज 9 बच्चे मारे जा रहे हैं देश में
एनजीओ के आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिका में रोजाना औसतन 9 बच्चे गोलीबारी की घटना में मारे जाते हैं। यानी देश में औसतन हर दो घंटे 36 मिनट पर बंदूक से एक बच्चे की मौत होती है. हाल के वर्षों में हुए कुछ अंतरराष्ट्रीय शोध ने भी साबित किया है कि बंदूक के स्वामित्व की उच्च दरों का बड़े पैमाने पर होने वाली बंदूक हिंसा की घटनाओं से करीबी संबंध है. 

बता दें कि अमेरिका में हथियार रखने और खरीदने के लिए सख्त कानूनों की मांग लंबे समय से हो रही है. हथियारों की लॉबी के देश की राजनीति में प्रभावी दखल की वजह से अब तक कोई ठोस कानून नहीं बन सका है. 

यह भी पढ़ें: Donald Trump ने गन कल्चर पर दिया विवादित बयान, कहा- 'सुरक्षा के लिए हथियार जरूरी'  

बंदूक के निशाने पर अमेरिकी बच्चे सबसे ज्यादा
अमेरिका उच्च आय वाले देशों में शीर्ष पर है.‘न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन’ द्वारा हाल ही में प्रकाशित एक विश्लेषण के अनुसार, अमेरिका में बंदूक से मारे गए बच्चों की संख्या ऑस्ट्रिया, ऑस्ट्रेलिया, स्वीडन, इंग्लैंड और वेल्स जैसे कई अन्य उच्च आय वाले देशों के मुकाबले 36.5 गुना अधिक है.

फिनलैंड और नॉर्वे में अमेरिका जितने हथियार लेकिन हिंसा कम
डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ झुकाव रखने वाले नीति निर्माण एवं अनुसंधान संगठन ‘द सेंटर फॉर अमेरिकन प्रोग्रेस ऑफ ऑल 50 यूएस स्टेट्स’ के एक विश्लेषण में सबसे सख्त बंदूक कानून वाले प्रांतों और बंदूक हिंसा की सर्वाधिक दर वाले प्रांतों के बीच गहरा संबंध पाया गया है. इस बीच, अंतरराष्ट्रीय शोधकर्ताओं ने राष्ट्रीय बंदूक कानूनों, बंदूक के स्वामित्व की दरों और बंदूक हिंसा के मामलों का तुलनात्मक अध्ययन किया है.

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दिलचस्प बात यह है कि नॉर्वे और फिनलैंड जैसे यूरोपीय देशों में प्रति सौ लोगों पर बंदूक रखने वाले लोगों की संख्या लगभग अमेरिका जितनी ही है. बंदूक हिंसा के लिहाज से वे दुनिया के सर्वाधिक सुरक्षित समाज में शामिल हैं. शोधकर्ताओं ने पाया है कि उच्च स्तर की सामाजिक एकता, कम अपराध दर और पुलिस व सामाजिक संस्थाओं में बड़े पैमाने पर विश्वास गोलीबारी की घटनाओं में कमी लाने में कारगार है.

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