Advertisement

इमरान खान के चुनाव लड़ने पर लगी है रोक, अब PTI चीफ के पद से भी हटना पड़ेगा?

Imran Khan PTI Chief: पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने इमरान खान को पीटीआई चीफ के पद से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.

इमरान खान के चुनाव लड़ने पर लगी है रोक, अब PTI चीफ के पद से भी हटना पड़ेगा?

मुश्किल में हैं इमरान खान

Add DNA as a Preferred Source

डीएनए हिंदी: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) की मुश्किलें हर दिन बढ़ रही हैं. पहले इमरान खान प्रधानमंत्री का पद छोड़ने पर मजबूर हुए. फिर उनके चुनाव लड़ने पर बैन लगा दिया गया. अब पाकिस्तान का चुनाव आयोग (Pakistan Election Commission) इमरान खान को पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के अध्यक्ष पद से हटाने की तैयारी कर रहा है. चुनाव आयोग ने इसके लिए ज़रूरी प्रक्रिया भी शुरू कर दिया है. इमरान खान को तोशाखाना केस में अयोग्य करार दिया गया था. इसी वजह से उनके चुनाव लड़ने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है. 

पीटीआई चीफ के पद से इमरान खान को हटाने के लिए उनको एक नोटिस भी जारी किया गया है. इमरान खान को महंगे गिफ्ट खरीदने के मामले में दोषी पाया गया था. आरोप है कि इमरान खान ने सरकारी अमानतघर यानी तोशाखाना से डिस्काउंट वाले दाम पर एक महंगी घड़ी खरीदी थी और अपने निजी फायदे के लिए उसे बेच दिया. इसी आधार पर उन्हें अयोग्य करार दिया गया. संसद से उनकी सदस्यता भी गई और उनके चुनाव लड़ने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया.

यह भी पढ़ें- यूक्रेन ने किया रूस के मिलिट्री एयरफोर्स स्टेशनों पर अटैक? मॉस्को ने भी दागी मिसाइलें 

तोशाखाना में जमा कराने पड़ते हैं महंगे गिफ्ट
पाकिस्तानी कानून के मुताबिक, विदेश से खरीदे गए तोहफों को तोशाखाना में जमा करना होता है. वहां उन तोहफों का वैल्युएशन होता है, उसके बाद ही उस शख्स को यह तोहफा सौंपा जाता है. सरकारी अधिकारियों को इस बात की जानकारी देनी होती है कि उन्हें कौन से गिफ्ट मिले हैं. इस तय सीमा से कम दाम के तोहफों के बारे में कोई सूचना नहीं देनी होती है.

यह भी पढ़ें- अमेरिका का संविधान भंग क्यों करवाना चाहते हैं डोनाल्ड ट्रंप, समझिए पूरा मामला

बड़ी कीमत वाले तोहफों को तोशाखाना भेजा जाता है. हालांकि, गिफ्ट लेने वाले लोग उन्हें आधे दाम पर खरीद सकते हैं. इस मामले पर पीटीआई के अधिकारियों का कहना है कि कोई भी कानून ऐसा नहीं है जो किसी को पार्टी का पदाधिकारी बनने से रोके. साल 2018 में पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट के तीन सदस्यों की एक बेंच ने फैसला दिया था कि अगर किसी शख्स को संविधान के अनुच्छेद 62 और 63 के तहत अयोग्य करार दिया गया है तो वह राजनीति पार्टी का अध्यक्ष या मुखिया नहीं हो सकता.

देश-दुनिया की ताज़ा खबरों Latest News पर अलग नज़रिया, अब हिंदी में Hindi News पढ़ने के लिए फ़ॉलो करें डीएनए हिंदी को गूगलफ़ेसबुकट्विटर और इंस्टाग्राम पर.

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement