Advertisement

‘ग्रीन टिक’: अब Koo ला रहा है आम लोगों के लिए वेरिफिकेशन टिक

Koo अपने उपभोक्ताओं के लिए ला रहा है नया फीचर, अब आम नागरिकों को भी मिलेगा वेरिफिकेशन टिक.

‘ग्रीन टिक’: अब Koo ला रहा है आम लोगों के लिए वेरिफिकेशन टिक

Koo App

Add DNA as a Preferred Source

डीएनए हिंदी : माइक्रोब्लॉगिंग साइट Koo अपने उपभोक्ताओं के लिए नया फीचर ला रहा है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सोशल मीडिया ऐप Koo आम नागरिकों के लिए एक ऐसा फीचर लेकर आया है जिसमें आम लोग भी अपने अकाउंट पर ग्रीन टिक यानि वैरिफिकेशन टिक पा सकते हैं. कू ने यह फैसला इसलिए लिया है क्योंकि उपभोक्ताओं ने फीडबैक के जरिए कम्पनी से आग्रह किया था कि उन्हें भी ‘Verification Tick’ मिले. इस फीचर के पीछे Koo की यह मंशा है कि आम लोगों के मन से VIP वाली धारणा खत्म हो जाए और कम्पनी को यह विश्वास है कि इस फीचर से फेक अकाउंट पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी. 

Koo की माने तो यह सेल्फ वेरिफिकेशन फीचर लोगों में कॉन्फिडेंस को बढ़ाएगा और इससे कम्पनी के प्रति विश्वास भी कायम होगा. इसके साथ वैरिफिकेशन में लगने वाले समय में भी कटौती होगी. 

यह भी पढ़ें: Twitter पर बरसों से था इस फीचर का इंतजार, कंपनी ने किया बड़ा ऐलान

कैसे करें अकाउंट वेरिफाई?

Koo पर सेल्फ वैरीफिकेशन के लिए बहुत आसान प्रक्रिया से आपको गुजरना होगा. जिसमें केवल आपके आधार कार्ड के जरिए वैरिफिकेशन किया जाएगा. बता दें कि इस वक्त Koo का यह फीचर केवल सेलिब्रिटी लोगों के लिए ही खुला हुआ है. जल्द ही यह फीचर आम लोगों के लिए भी खोल दिया जाएगा. बॉलीवुड, राजनीतिक और VIP हस्तियों के लिए कू ‘yellow टिक’ प्रदान करता है. 

यह भी पढ़ें: मल्टीबैगर बन गए Adani Group के ये 4 शेयर्स, निवेशकों की हो रही है जबरदस्त चांदी

कू के लगभग 30 मिलियन हुए डाउनलोड

'मेड इन इंडिया'(Made In India) इस Koo ऐप के अबतक करीब 30 मिलियन डाउनलोड हो चुके हैं, साथ ही यह अंग्रेजी के साथ-साथ हिंदी, बंगाली सहित 10 अन्य भारतीय भाषाओं में भी उपलब्ध है. अब कम्पनी अधिक क्षेत्रीय भाषा के यूजर्स के लिए 12 और भाषाओं को जोड़ने पर काम कर रही है.

गूगल पर हमारे पेज को फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें. हमसे जुड़ने के लिए हमारे फेसबुक पेज पर आएं और डीएनए हिंदी को ट्विटर पर फॉलो करें.

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement