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Sandeshkhali Violence केस में पश्चिम बंगाल सरकार को लगा झटका, सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से किया इनकार

Sandeshkhali Violence: संदेशखाली हिंसा के मामले में हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया है.

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Sandeshkhali Violence केस में पश्चिम बंगाल सरकार को लगा झटका, सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से किया इनकार

शेख शाहजहां

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पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में प्रवर्तन निदेशालय की टीम पर 5 जनवरी 2024 को हमला हुआ था. इस मामले में सीबीआई जांच के आदेश दिए गए हैं. कलकत्ता हाई कोर्ट के इसी आदेश को पश्चिम बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. अब सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया है. इसके साथ ही इस बात पर भी चर्चाएं शुरू हो गए हैं कि अब सीबीआई की टीम इस मामले के मुख्य आरोपी और टीएमसी के नेता रहे शेख शाहजहां को अपनी कस्टडी में ले सकती है. 29 फरवरी को पश्चिम बंगाल पुलिस ने शेख शाहजहां को गिरफ्तार किया था. हाई कोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि शेख शाहजहां को सीबीआई को सौंपा जाए.

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संजीव खन्ना ने पश्चिम बंगाल सरकार की याचिका पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ''आपने एक अर्जी दाखिल की है. चीफ जस्टिस (सीजेआई) दोपहर के भोजनावकाश के दौरान (तत्काल सूचीबद्ध करने की) अर्जियों पर संज्ञान लेते हैं. वह (सीजेआई) याचिका को सूचीबद्ध करने का आदेश देंगे.'' पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने जस्टिस संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता की पीठ के समक्ष अर्जी का उल्लेख किया था.


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CBI जांच नहीं चाहती पश्चिम बंगाल सरकार
वरिष्ठ एडवोकेट सिंघवी ने कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसी यानी सीबीआई जांच सौंपे जाने के हाई कोर्ट के आदेश का तत्काल अनुपालन चाहती है. राज्य सरकार ने मंगलवार शाम को भी याचिका का तत्काल सुनवाई के लिए उल्लेख किया था. सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने राज्य सरकार के वकील से शीर्ष अदालत के रजिस्ट्रार जनरल के सामने मुद्दा रखने को कहा था.

ईडी और पश्चिम बंगाल सरकार दोनों ने ही सिंगल बेंच के उस आदेश को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में अलग-अलग अपील दाखिल की थीं, जिसमें ईडी अधिकारियों पर भीड़ द्वारा किए गए हमले की जांच के लिए 17 जनवरी को सीबीआई और राज्य पुलिस के एक संयुक्त विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन का आदेश दिया गया था.

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ईडी चाहती है कि मामले की जांच सिर्फ सीबीआई को सौंपी जाए जबकि राज्य सरकार ने सिर्फ पुलिस से जांच कराने का अनुरोध किया है. कलकत्ता हाई कोर्ट ने ईडी के अनुरोध को स्वीकार करते हुए निर्देश दिया था कि हमले के सिलसिले में 29 फरवरी को पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता शाहजहां शेख की हिरासत केंद्रीय एजेंसी को सौंप दी जाए.

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