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Pakistan में 3 साल के बच्चे पर बिजली चोरी की FIR, कोर्ट में हुई पेशी

Pakistan News: खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में एक तीन साल के बच्चे के खिलाफ बिजली चोरी का मुकदमा दर्ज किया गया है. आइए जानते हैं कि पूरा मामला क्या है.

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Pakistan में 3 साल के बच्चे पर बिजली चोरी की FIR, कोर्ट में हुई पेशी

Pakistan News (Photo - ANI)

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पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत से एक हैरान कर देने वाला है. यहां 3 साल के बच्चे पर बिजली चोरी का आरोप लगा है और इतना ही नहीं बल्कि उस पर मुकदमा लिखा है. बच्चे को कोर्ट में पेश किया गया है. एआरवाई न्यूज की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि यह पूरा मामला क्या है. बच्चे पर यह मुकदमा पेशावर इलेक्ट्रिक सप्लाई कंपनी (PESCO) और जल और बिजली विकास प्राधिकरण (WAPDA) की शिकायतों पर लिखा गया. 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पेशावर इलेक्ट्रिक सप्लाई कंपनी (PESCO) और जल और बिजली विकास प्राधिकरण (WAPDA) की शिकायत के आधार पर  बिजली चोरी में कथित संलिप्तता के लिए नाबालिग के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी. इस मामले में कानून प्रवर्तन एजेंसी ने 3 साल के बच्चे को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत में पेश किया लेकिन WAPDA और PESCO के अधिकारी बच्चे के कथित अपराध को साबित नहीं कर पाए. वहीं,  हलफनामा प्राप्त करने पर जज ने मामले को खारिज कर दिया था. 


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पाकिस्तान को हुआ इतना नुकसान 

पाकिस्तान में बिजली बिल के दामों में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है, जिसको लेकर पाकिस्तानी नागरिक सरकार के खिलाफ अपनी आवाज उठा रहे हैं. बताया जा रहा है कि पाकिस्तान में एक यूनिट बिजली की कीमत 65 रुपए में है. बिजली के दाम बढ़ने के बाद से बिजली चोरी की घटनाओं में बढ़ोत्तरी हो रही है. एक  रिपोर्ट में हैरान कर देने वाले खुलासे हुए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, बिजली वितरण कंपनियों में बिजली चोरी के कारण कथित तौर पर राष्ट्रीय खजाने को 438 अरब रुपये का भारी नुकसान हुआ. 


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इन इलाकों में सबसे ख़राब प्रदर्शन 

बिजली विभाग ने हैदराबाद, सुक्कुर, पेशावर, क्वेटा और आदिवासी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति कंपनियों को सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली DISCOs घोषित किया है. इससे पहले 7 अप्रैल को, पंजाब ऊर्जा विभाग ने बिजली वितरण कंपनियों पर सरकारी संस्थानों से अधिक शुल्क लेने का आरोप लगाया और इसे प्रांतीय खजाने पर बोझ बताया था. विभाग ने इस बात पर जोर दिया कि सरकारी विभागों द्वारा अधिक शुल्क वसूलने के लिए लाहौर इलेक्ट्रिक सप्लाई कंपनी (LESCO), फैसलाबाद इलेक्ट्रिक सप्लाई कंपनी (FESCO), मुल्तान इलेक्ट्रिक पावर कंपनी (MEPCO), गुजरांवाला इलेक्ट्रिक पावर कंपनी (GEPCO), और इस्लामाबाद इलेक्ट्रिक सप्लाई कंपनी (IESCO) दोषी हैं. 

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