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Modi Cabinet: स्पेस सेक्टर में 100 पर्सेंट FDI, गन्ने की कीमत और महिला सुरक्षा, मोदी सरकार ने CCEA की मीटिंग में लिए ये फैसले

CCEA Meeting: PM नरेंद्र मोदी की अगुवाई में केंद्रीय कैबिनेट ने कई आर्थिक फैसलों को मंजूरी दी है. इसमें गन्ने की कीमत में बढ़ोतरी भी शामिल है.

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Modi Cabinet (File Photo)

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लोकसभा चुनाव 2024 का ऐलान होने में चंद दिन बाकी हैं. चुनाव आयोग ने अपनी तैयारियां भी पूरी कर ली हैं और कभी भी चुनाव की घोषणा की जा सकती है. इससे ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में हुई कैबिनेट मीटिंग में कई अहम फैसले लिए गए. ऑर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी (CCEA) ने स्पेस सेक्टर में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) को मंजूरी दे दी है. इसके अलावा, गन्ने की कीमत में 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है, महिला सुरक्षा के लिए अम्ब्रेला योजनाएं जारी रखने और ग्रामीण आय बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय पशुधन मिशन के विस्तार को मंजूरी दी गई है.

शंभू बॉर्डर पर जुटे किसानों के आंदोलन के बीच कैबिनेट ने गन्ने की कीमत मे 8 प्रतिशथ की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है. अब गन्ने के उचित और लाभकारी मूल्य को 315 रुपये से बढ़ाकर 340 रुपये कर दिया गया है. नई कीमतें 1 अक्टूबर 2024 से लागू होगा. गन्ने की A2+FL लागत से 107 प्रतिशत अधिक पर नया एफआरपी गन्ना किसानों के लिए समृद्धि सुनिश्चित करेगा. बयान में कहा गया है कि भारत पहले से ही दुनिया में गन्ने के लिए सबसे अधिक कीमत चुका रहा है और इसके बावजूद सरकार घरेलू उपभोक्ताओं को दुनिया की सबसे सस्ती चीनी की आपूर्ति सुनिश्चित कर रही है.


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2 साल के लिए बढ़ाई गई अम्ब्रेला योजना
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 2021-22 से 2025-26 की अवधि के दौरान 1179.72 करोड़ रुपये की कुल लागत पर 'महिलाओं की सुरक्षा' पर अंब्रेला योजना को जारी रखने के गृह मंत्रालय (एमएचए) के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी. 1179.72 करोड़ रुपये में से 885.49 करोड़ रुपये गृह मंत्रालय द्वारा अपने बजट से दिए जाएंगे, जबकि शेष 294.23 करोड़ रुपये निर्भया फंड से दिए जाएंगे.

महिला सुरक्षा के लिए व्यापक योजना के तहत परियोजनाएं 112 आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली (ईआरएसएस) 2.0 हैं, केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाओं का उन्नयन, राज्य फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाओं (एफएसएल) में डीएनए विश्‍लेषण, साइबर फोरेंसिक क्षमताओं को मजबूत करना, महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध साइबर अपराध की रोकथाम, महिलाओं और बच्चों के खिलाफ यौन उत्पीड़न के मामलों से निपटने के लिए जांचकर्ताओं और अभियोजकों की क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण के साथ महिला सहायता डेस्क और मानव तस्करी-रोधी इकाइयां.


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ग्रामीण आय बढ़ाने की तैयारी
ग्रामीण आबादी तक लाभ पहुंचाने के लिए अतिरिक्त गतिविधियों को शामिल करके राष्ट्रीय पशुधन मिशन में और संशोधन को मंजूरी दे दी. योजना में नई गतिविधियों में व्यक्तियों, एफपीओ, एसएचजी, जेएलजी, एफसीओ और धारा 8 कंपनियों को प्रदान की जाने वाली 50 लाख रुपये तक की 50 प्रतिशत पूंजी सब्सिडी के साथ घोड़े, गधे, खच्चर, ऊंट के लिए उद्यमिता की स्थापना शामिल है. साथ ही घोड़े, गधे और ऊंट के नस्ल संरक्षण के लिए राज्य सरकारों को सहायता दी जाएगी. 

केंद्र सरकार घोड़े, गधे और ऊंट के लिए वीर्य स्टेशन और न्यूक्लियस प्रजनन फार्म की स्थापना के लिए 10 करोड़ रुपये देगी. यह राशि निजी कंपनियों के साथ-साथ स्टार्टअप/एसएचजी/एफपीओ/एफसीओ/जेएलजी/किसान सहकारी समितियों (एफसीओ) को 50 लाख रुपये तक 50 प्रतिशत पूंजी सब्सिडी के साथ चारा बीज प्रसंस्करण बुनियादी ढांचे (प्रसंस्करण और ग्रेडिंग इकाई/चारा भंडारण गोदाम) के लिए उद्यमियों की स्थापना, धारा 8 कंपनियां, ग्रेडिंग संयंत्रों के साथ-साथ बीज भंडारण गोदामों सहित भवन निर्माण, रिसीविंग शेड, सुखाने का प्लेटफार्म और मशीनरी जैसे बुनियादी ढांचे की स्थापना के लिए है.


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स्पेस सेक्टर में 100 पर्सेंट FDI को मंजूरी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को अंतरिक्ष क्षेत्र में 100 प्रतिशत तक एफडीआई की अनुमति देने के लिए अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) नीति में संशोधन को मंजूरी दे दी. संशोधित नीति के तहत लॉन्च वाहनों में 49 प्रतिशत तक, उपग्रहों में 74 प्रतिशत और उपग्रह घटकों में 100 प्रतिशत तक एफडीआई की अनुमति है. 'प्रक्षेपण वाहन' के अंतर्गत परिभाषित गतिविधियां संबद्ध प्रणालियां या उपप्रणालियां हैं और अंतरिक्ष यान को लॉन्च करने व प्राप्त करने के लिए अंतरिक्ष बंदरगाहों का निर्माण इसमें शामिल है.

बाढ़ प्रबंधन के लिए 4100 करोड़ का खर्च 
देशभर में 4,100 करोड़ रुपये के कुल खर्च के साथ 'बाढ़ प्रबंधन और सीमा क्षेत्र कार्यक्रम' (एफएमबीएपी) के लिए केंद्र प्रायोजित योजना 2021-22 से 2025-26 तक पांच साल के लिएजारी रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. इस योजना के तहत बाढ़ नियंत्रण, कटाव-रोधी, जल निकासी के लिए इंतजाम और अन्य कामों के लिए राज्य सरकारों को केंद्र की ओर से आर्थिक सहायता दी जाएगी.

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