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Alzheimer Vs Dementia: 5 में से एक व्यक्ति को है डिमेंशिया की बीमारी, कहीं आपकी भी याद्दाश्त तो नहीं हो रही कमजोर

Dementia में याद्दाश्त हो जाती है कमजोर, जानिए इस बीमारी के और भी लक्षण, कैसे समझें कि आपको डिमेंशिया है अल्जाइमर से कैसे अलग है यह बीमारी

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डीएनए हिंदी: डिमेंशिया और अल्जाइमर (Dementia and Alzheimer) दोनों ही याद्दाश्त से जुड़ी एक मानसिक बीमारी है. दोनों बीमारी में स्मृति और सोचने की क्षमता को नष्ट हो जाती है. कभी भी किसी भी व्यक्ति को अल्जाइमर की शिकायत हो सकती है. आजकल यह बीमारी बहुत ज्यादा सुनने में आ रही है. अल्जाइमर डिमेंशिया (मनोभ्रंश) का सबसे सामान्य प्रकार का एक रूप है. यह समय के साथ याद्दाश्त,भाषा और सोच को प्रभावित करता है.

हाल ही की एक अध्ययन (Research on Dementia) में पाया गया है कि जिन्हें आंत से जुड़ी समस्या होती है उन्हें अल्जाइमर जल्दी हो जाता है. सबसे बड़ी बात जो अध्ययन में सामने आई है वो है साल 2030 तक इससे 8.2 करोड़ से अधिक लोग प्रभावित हो सकते हैं लेकिन लोगों को डिमेंशिया और अल्जाइमर का फर्क (Difference between Dementia and Alzheimer) समझ नहीं आता. आज हम उसपर ही चर्चा करेंगे कि दोनों अलग कैसे है और दोनों के लक्षण क्या हैं. आस्ट्रेलिया के एडिथ कोवान विश्वविद्यालय द्वारा ये अध्ययन हुआ है. 

क्या है दोनों में फर्क (Difference between Dementia and Alzheimer)

अल्जाइमर डिमेंशिया का ही एक रूप है, दोनों में कोई खास अंतर नहीं है लेकिन पांच में से 1 व्यक्ति को कभी ना कभी डिमेंशिया होता ही है.पहले यह बीमारी बुजुर्गों में दिखाई देती थी कि वे चीजें भूल जाते थे लेकिन आजकल की बदलती लाइफस्टाइल को देखते हुए ये बीमारी हर किसी में घर कर रही है.पूरी दुनिया में लगभग 50 मिलियन लोग यानी इन्हें लाख में गिने तो 500 लाख लोग डिमेंशिया से पीड़ित हैं.जिन लोगों को डिमेंशिया होता है, उनमें से 70 प्रतिशत लोगों को अल्जाइमर की समस्या होती है. यानी आप इन दोनों बीमारियों को इस तरह समझ सकते हैं कि डिमेंशिया एक बड़ी बीमारी है, जिसके कई प्रकार होते हैं और अल्जाइमर इन सभी प्रकार में से एक है.

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डिमेंशिया के लक्षण (Symptoms of Dementia)

याद्दाश्त कमजोर होना
भाषा संबंधित दिक्कतें आना 
बातचीत करने में दिक्कत 
चीजें भूल जाना 
लोगों के नाम भूल जाना 
जजमेंट पावर कमजोर होना 
बैलेंस का बिगड़ जाना 

डॉक्टर दोनों बीमारियों को मानसिक कमजोरी से तुलना करते हैं. उनका कहना है कि दोनों ही स्थिति में व्यक्ति अपने मन से कमजोर हो जाता है और उसका दिमाग भी वीक हो जाता है. वो छोटी छोटी चीजें भूल जाता है, कहीं कुछ रखता है और कहीं और ढूंढने लगता है. आजकल मानसिक तनाव की वजह से उन्हें ये बीमारियां ज्यादा हो रही हैं 

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इलाज क्या है  (Treatment of Dementia)

डिमेंशिया का कोई खास इलाज नहीं है. ये दिमाग संबंधित बीमारी है तो न्यूरो डॉक्टर को दिखा सकते हैं. इस बीमारी के लक्षण सामने आते ही उनपर काबू पाने की कोशिश कर सकते हैं. दवाओं से ये बीमारी काफी हत तक कंट्रोल होती है. इसके अलावा व्यायाम और ध्यान से आपका मनोवल और एकाग्रता शक्ति बढ़ती है. 


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