Twitter
Advertisement
  • PHOTOS
  • ENTERTAINMENT

Ayurvedic Herbs: गंदगी साफ कर Liver को मजबूत बनाती हैं ये आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां, ऐसे करें इस्तेमाल

Ayurvedic Herbs For Liver: लिवर को हेल्दी रखना है तो आज से ही इन आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों का सेवन करना शुरू कर दें. इससे लिवर से जुड़ी समस्याएं दूर होंगी...

Latest News
article-main

Ayurvedic Herbs For Liver

FacebookTwitterWhatsappLinkedin

आजकल की ख़राब लाइफ़स्टाइल, गड़बड़ खानपान और फिजिकल एक्टिविटी (Physical Activity) की कमी के कारण लोगों को लिवर से संबंधित बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है. हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक़, हेल्दी और फिट रहने के लिए लिवर को हेल्दी (Liver Disease) रखना बहुत ही जरूरी है, क्योंकि लिवर शरीर में मौजूद विषाक्त पदार्थों (Fatty Liver) को बाहर निकालने और अन्य कई शारीरिक कार्यों में मदद करता है. आयुर्वेद में लिवर को हेल्दी (Healthy Liver) और मज़बूत बनाए रखने के लिए कई असरदार उपायों के बारे में बताया गया है. आयुर्वेद के मुताबिक़ कई ऐसी जड़ी बूटियां (Ayurvedic Herbs) हैं, जो लिवर को हेल्दी रखने में मदद करती हैं. आज हम आपको इन्हीं में से 3 ऐसी ही खास जड़ी बूटियों के बारे में बता रहे हैं तो आइए जानते हैं इनके बारे में...

लिवर को हेल्दी रखती हैं ये जड़ी बूटियां (Ayurvedic Herbs For Liver)

भृंगराज है फायदेमंद (Bhringraj For Liver)

आयुर्वेद के अनुसार, भृंगराज एक बेहतरीन जड़ी बूटी है और इसका इस्तेमाल लिवर टॉनिक के रूप में किया जाता है. यह फैटी लिवर और पीलिया जैसे लिवर विकारों को दूर करने में मददगार होता है. इतना ही नहीं यह पित्त को संतुलित करके पित्त फ्लो को बढ़ावा देता है.


यह भी पढे़ं-  Acne या Pimples नहीं, चेहरे पर निकलने वाले लाल दाने हो सकते हैं इस गंभीर बीमारी के संकेत


ऐसे करें सेवन

इसके लिए 1/4 से 1/2 चम्मच भृंगराज गर्म पानी के साथ दिन में एक या दो बार खाने से पहले या बाद में खाएं.

भूमि-अमलकी है फायदेमंद (Bhumyamalaki For Liver)

आयुर्वेद के अनुसार भूमि-अमलकी शरीर को किसी भी सामयिक सूजन या तनाव के खिलाफ स्वस्थ प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया का बढ़ावा देने में मदद करती है जो लिवर को प्रभावित कर सकती है. इतना ही नहीं यह पर्यावरणीय तत्वों के खिलाफ लिवर में प्राकृतिक रूप से टॉक्सिन को हटाने का बढ़ावा देता है. बता दें कि ये सभी चीजें लिवर को हेल्दी और कार्यप्रणाली को बढ़ावा देती है.

ऐसे करें सेवन 

इसके लिए आधा चम्मच भूमि-अमलकी पाउडर को खाली पेट या खाने के 2 घंटे बाद गर्म पानी के साथ खा सकते हैं.


यह भी पढे़ं- Congenital Heart Disease क्या है? गर्भावस्था में इन गलतियों के कारण बढ़ता है इस बीमारी का खतरा


लिवर के कामकाज को बेहतर बनाएगा पुनर्नवा (Punarnava For Liver)

आयुर्वेद के मुताबिक़ यह एक एंटीइंफ्लामेटरी और मूत्रवर्धक जड़ी बूटी है, जो लिवर की कोशिकाओं से विषाक्त पदार्थों को निकालकर लिवर के कामकाज को बेहतर बनाने में मदद करता है. इतना ही नहीं यह भूख बढ़ाने वाले गुण के कारण पाचन अग्नि को बेहतर बनाने में भी मदद करता है.

ऐसे करें इसका सेवन 

इसे आप काढ़े के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके लिए जड़ी बूटी के पाउडर का 1 बड़ा चम्मच करीब 10 ग्राम को 2 कप पानी में डालकर तब तक उबालें,  जब तक कि यह आधा न हो जाए और फिर इसे छानकर पीएं.

Disclaimer: यह लेख केवल आपकी जानकारी के लिए है. इस पर अमल करने से पहले अपने विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श लें.

देश-दुनिया की ताज़ा खबरों Latest News पर अलग नज़रिया, अब हिंदी में Hindi News पढ़ने के लिए फ़ॉलो करें डीएनए हिंदी को गूगलफ़ेसबुकट्विटर और इंस्टाग्राम पर. 

Advertisement

Live tv

Advertisement
Advertisement