Twitter
  • LATEST
  • WEBSTORY
  • TRENDING
  • PHOTOS
  • ENTERTAINMENT

Mulayam Singh Yadav के परिवार के ये लोग हैं सियासत में सक्रिय, 3 दलों में एक्टिव कुनबा

यूपी के पूर्व CM Mulayam Singh Yadav का परिवार इस समय 3 दलों के जरिए सियासत में एक्टिव है. पहली समाजवादी पार्टी, दूसरी प्रसपा और तीसरी BJP..

article-main

यशवीर सिंह

Updated: Oct 11, 2022, 11:34 AM IST

Edited by

FacebookTwitterWhatsappLinkedin

TRENDING NOW

डीएनए हिंदी: समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav Dies) का निधन हो गया है. वे पिछले कुछ दिनों से गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती थे. मुलायम सिंह यादव के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह देश के तमाम दिग्गज नेताओं ने शोक व्यक्त किया है. यूपी के इटावा जिले के सैफई गांव के रहने वाले मुलायम सिंह यादव सियासत में किस्मत आजमाने वाले पहले व्यक्ति हों लेकिन आज उनके कुनबे के दर्जनों सदस्य राजनीति का हिस्सा है. मुलायम सिंह यादव का कुनबा इटावा के किसी भी छोटे चुनाव से लेकर लोकसभा चुनाव तक एक्टिव नजर आता है. आइए आपको बताते हैं नेताजी मुलायम सिंह यादव के कुनबे के बारे में.

कौन थे मुलायम सिंह यादव के दादा?
मुलायम सिंह यादव के दादा के नाम मेवाराम सिंह यादव था. मेवाराम के दो बेटे थे. पहले सुघर सिंह और दूसरे बच्चीलाल सिंह. सुघर सिंह के पांच बेटे हुए. इनमें मुलायम सिंह यादव तीसरे नंबर के हैं जबकि शिवपाल सिंह यादव पांचवे नंबर के हैं. दूसरी तरफ बच्चीलाल सिंह के बेटे को आज हम रामगोपाल यादव के नाम से पहचानते हैं. रामगोपाल आजकल अखिलेश के बहुत ज्यादा करीबी हैं. उनके बेटे अक्षय फिरोजाबाद के सांसद रह चुके हैं. वह 2014 की मोदी लहर में वह लोकसभा चुनाव जीते थे लेकिन साल 2019 में वह शिवपाल यादव की वजह से चुनाव हार गए.

पढ़ें- कुश्ती ने दिलवाई थी राजनीति में एंट्री, Mulayam Singh Yadav के दोस्त तोताराम ने सुनाए किस्से

मुलायम सिंह यादव के कितने सगे भाई?
सुघर सिंह के सबसे बड़े बेटे का नाम अभयराम सिंह है, दूसरे का रतन सिंह, तीसरे का मुलायम सिंह, चौथे का राजपाल सिंह और पांचवे का शिवपाल सिंह यादव. अभयराम सिंह के बेटे का नाम धर्मेंद्र सिंह यादव है. धर्मेंद्र तीन बार लोकसभा का चुनाव जीत चुके हैं. वह एक बार मैनपुरी और दो बार बदायूं के सांसद रह चुके हैं. साल 2019 में उन्हें बदायूं सीट गंवानी पड़ी थी. इस साल उन्हें आजमगढ़ लोकसभा उपचुनाव में भी हार का सामना करना पड़ा.

रतन सिंह- रतन सिंह यादव के परिवार से तेज प्रताप सांसद रह चुके हैं. तेज प्रताप मैनपुरी से सांसद रह चुके हैं. तेज प्रताप रतन सिंह के पोते हैं. रतन सिंह के बेटे रणवीर सिंह का निधन हो चुका है. तेज प्रताप रणवीर सिंह के बेटे हैं. तेज प्रताप की शादी लालू प्रसाद यादव की बेटी से हुई है.

पढ़ें- BJP के समर्थन से पहली बार CM बना यह पहलवान, बुढ़ापे में बेटे ने किया चित्त

मुलायम सिंह- सुघर सिंह के परिवार की रीढ़ हैं मुलायम सिंह यादव. मुलायम सिंह यादव की दो शादियां हुई हैं. उनकी पहली शादी मालती देवी से हुई थी. अखिलेश यादव मालती देवी के बेटे हैं. अखिलेश यूपी के सीएम रह चुके हैं. इस समय समाजवादी पार्टी की कमान उनके हाथों में है. उनकी पत्नी डिंपल यादव भी सांसद रह चुकी हैं. अखिलेश यादव और डिंपल यादव की तीन संताने हैं- दो बेटियां औ एक बेटा. मुलायम सिंह यादव के दूसरी पत्नी थीं साधना गुप्ता. साधना गुप्ता के बेटे हैं प्रतीक यादव. प्रतीक राजनीति से दूर रहते हैं लेकिन उनकी पत्नी अपर्णा यादव राजनीति में सक्रिय हैं. पहले वह समाजवादी पार्टी में थीं लेकिन साल 2022 विधानसभा से पहले उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया.

पढ़ें- जिसने मुलायम को बताया ISI एजेंट, उसका समर्थन कैसे? शिवपाल ने अखिलेश के फैसले पर उठाए सवाल

राजपाल सिंह- मुलायम से छोटे हैं राजपाल सिंह. राजपाल सिंह के बेटे अंशुल भी सियासत में पूरी तरह एक्टिव हैं. वह दो बार जिला पंचायत अध्यक्ष चुने जा चुके हैं. उनकी पत्नी भी राजनीति में एक्टिव हैं.

पढ़ें- Yogi Adityanath ने पत्नी के निधन से टूटे मुलायम को यूं बंधाया ढाढ़स, लोग कर रहे जमकर तारीफ

शिवपाल सिंह यादव- सुघर सिंह के सबसे छोटे बेटे हैं शिवपाल सिंह यादव. शिवपाल सिंह यादव को मुलायम सिंह का 'लक्ष्मण' भी कहा जाता है. जब मुलायम सिंह यादव एक छोटे नेता थे शिवपाल सिंह यादव ने तभी से उनके साथ  मेहनत की. मुलायम विधायक  बने तो जमीन पर सारा काम उन्होंने देखा. मुलायम सिंह मुख्यमंत्री बने तो शिवपाल सिंह यादव ने पार्टी को मजबूत करने का काम किया. हालांकि बाद में अखिलेश यादव से विवाद के चलते उन्होंने सपा को अलविदा कह अपनी खुद की पार्टी का गठन किया लेकिन शिवपाल सिंह यादव को अपने खुद के बुते पर अभी तक कोई जीत नहीं मिली है. प्रसपा के चुनाव चिन्ह पर फिरोजाबाद लोकसभा चुनाव लड़े शिवपाल को करारी हार का सामना करना पड़ा था. इसके बाद 2022 विधानसभा चुनाव में सपा से गठबंधन कर वे सपा के चिन्ह पर चुनाव लड़े और जीत सके. शिवपाल के बेटे आदित्य भी राजनीति में एक्टिव हैं.

देश-दुनिया की ताज़ा खबरों Latest News पर अलग नज़रिया, अब हिंदी में Hindi News पढ़ने के लिए फ़ॉलो करें डीएनए हिंदी को गूगलफ़ेसबुकट्विटर और इंस्टाग्राम पर.

देश और दुनिया की ख़बर, ख़बर के पीछे का सच, सभी जानकारी लीजिए अपने वॉट्सऐप पर-  DNA को फॉलो कीजिए

Live tv