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Queen Elizabeth II Death: 70 साल Britain की महारानी रहीं एलिजाबेथ-II का निधन, अब प्रिंस चार्ल्स पहनेंगे Kohinoor से सजा ताज

क्वीन एलिजाबेथ की तबीयत कई दिन से खराब होने के कारण वे बालमोरा में डॉक्टरों की निगरानी में थीं.

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डीएनए हिंदी: ब्रिटेन पर करीब 70 साल तक शासन करने के बाद गुरुवार को क्वीन एलिजाबेथ-II (Queen Elizabeth) का निधन हो गया. उन्होंने स्कॉटलैंड के बालमोरा कैसल में आखिरी सांस लीं. वे 96 वर्ष की थीं और किसी भी ब्रिटिश शासक के सबसे लंबे समय तक राज करने का रिकॉर्ड उनके नाम पर है. देर रात भारतीय समय के हिसाब से करीब 11 बजे ब्रिटिश रॉयल फैमिली के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से उनके निधन की जानकारी साझा की गई. 

क्वीन एलिजाबेथ के बाद अब उनके बड़े बेटे प्रिंस चार्ल्स (Prince Charles) ब्रिटेन के किंग के तौर पर गद्दी संभालेंगे. उनके निधन के समय प्रिंस चार्ल्स के अलावा क्वीन के बड़े पोते प्रिंस विलियम भी मौजूद थे, जबकि छोटे पोते प्रिंस हैरी वहां पहुंचने वाले थे.

1952 में बनी थीं क्वीन ऑफ कॉमनवेल्थ

21 अप्रैल, 1926 को लंदन में जन्मीं एलिजाबेथ-II ने साल 1952 में अपने पिता जॉर्ज VI के निधन के बाद क्वीन ऑफ कॉमनवेल्थ के तौर पर गद्दी संभाली थी. करीब 16 महीने बाद जून, 1953 में उनकी ऑफिशियल ताजपोशी की गई थी. जॉर्ज VI को साल 1936 में उनके भाई एडवर्ड VIII की जगह गद्दी संभाली थी और इसी के साथ उनकी इकलौती संतान होने के कारण एलिजाबेथ का अगली महारानी बनना तय हो गया था.

पढ़ें- ब्रिटेन की Queen Elizabeth की हालत बेहद नाजुक, स्कॉटलैंड पहुंच रहे शाही परिवार के सदस्य

इससे पहले 20 नवंबर, 1947 को एलिजाबेथ की शादी ग्रीक और डेनमार्क के पूर्व प्रिंस फिलिप के साथ हुई. दूसरे विश्व युद्ध के दौरान क्वीन ने भावी उत्तराधिकारी के तौर पर ऑक्जिलरी टेरिटोरियल फोर्स में सेवाएं दीं. 

पीएम मोदी ने भी जताया शोक

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ब्रिटिश क्वीन के निधन पर शोक जताया है. उन्होंने क्वीन के साथ अपनी दो बार हुई मुलाकातों की तस्वीर ट्वीट में साझा करते हुए उन्हें याद किया. प्रधानमंत्री मोदी के अलावा भी दुनिया के कई राष्ट्रप्रमुखों और नामी हस्तियों ने उनके निधन पर शोक जताया है.

दिन में ही हो गया था अनहोनी का अंदेशा

गुरुवार को बकिंघम पैलेस ने क्वीन एलिजाबेथ की तबीयत बेहद खराब होने की जानकारी दी थी. इसके साथ ही रॉयल फैमिली के सभी सदस्यों को बालमोरा कैसल बुला लिया गया था, जहां डॉक्टर क्वीन का इलाज कर रहे थे. रॉयल फैमिली के सदस्यों को बुलाए जाने की जानकारी मिलने पर लोगों को किसी अनहोनी के होने की आशंका हो गई थी. इसके बाद लंदन के बकिंघम पैलेस में होने वाली गार्ड चेंजिंग को भी रद्द कर दिया गया था. इसे शुक्रवार तक के लिए टाल दिया गया.

अपने शासन में सिमटता देखा अंग्रेजी राज

क्वीन एलिजाबेथ ब्रिटेन की सबसे लंबे समय तक शासक रहीं, लेकिन अपने 70 साल लंबे कार्यकाल में उन्होंने पूरी दुनिया में फैले अंग्रेजी औपनिवेशिक राज को सिमटते हुए भी देखा. उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान 1 दर्जन से ज्यादा ब्रिटिश प्रधानमंत्री, 14 अमेरिकी राष्ट्रपति बदलते देखे और 20 ओलंपिक खेलों की गवाह रहीं. उनके कार्यकाल की आखिरी ब्रिटिश प्रधानमंत्री लिज ट्रस (Liz Truss) रहीं, जिन्हें महारानी ने दो दिन पहले मंगलवार को ही पद पर तैनाती की शपथ दिलाई थी.  

तीन बार आई थीं भारत के दौरे पर

अपने कार्यकाल में क्वीन एलिजाबेथ तीन बार भारत के दौरे पर आई थी. सबसे पहली बार वे साल 1961 में आई थीं, जबकि दूसरी बार 1983 में और आखिरी बार भारत की आजादी की गोल्डन जुबली के मौके पर साल 1997 में यहां आई थीं.

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