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कौन हैं IAS आर्यका अखौरी, जो भीड़ के बीच मुख्तार के भाई अफजाल अंसारी से भिड़ गईं, देखें Viral Video

Who is IAS Aryaka Akhouri: मुख्तार अंसारी की मौत के बाद गाजीपुर में उत्तर प्रदेश सरकार ने धारा 144 लगाई थी, लेकिन माफिया डॉन के जनाजे में भारी भीड़ कब्रिस्तान पहुंच गई. इससे डीएम गाजीपुर नाराज थीं.

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Who is IAS Aryaka Akhouri: माफिया डॉन मुख्तार अंसारी का शव शनिवार को गाजीपुर में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया. मुख्तार की मौत बांदा जेल में दिल का दौरा पड़ने के बाद गुरुवार रात को मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान हुई थी. मुख्तार की मौत के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने गाजीपुर जिले में धारा 144 लागू कर दी थी यानी एक जगह 4 या उससे ज्यादा लोगों के जमा होने पर पाबंदी लगाई गई थी. इसके बावजूद शनिवार को मुख्तार के जनाजे में भारी भीड़ पहुंच गई. माहौल के उग्र होने की संभावना देखकर गाजीपुर जिला प्रशासन ने शव को दफन करने की प्रक्रिया जल्द पूरी करने का दबाव बनाया तो मुख्तार के भाई और गाजीपुर सांसद अफजाल अंसारी भड़क गए. मुख्तार को दफन करने के बाद अफजाल और डीएम गाजीपुर के बीच सभी के सामने जमकर बहस हुईं. अफजाल ने यह कहकर डीएम गाजीपुर को चुनौती दे दी कि ये आपकी कृपा पर नहीं है कि कौन लोग मिट्टी देंगे. इस पर महिला जिलाधिकारी आर्यका अखौरी (IAS Aryaka Akhouri) भी नाराज हो गई. डीएम गाजीपुर ने अफजाल के हजारों समर्थकों के सामने ही उन्हें धमकाते हुए कार्रवाई करने की चेतावनी दे दी. दोनों के बीच की बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है.

दफन करने के बाद शुरू हुई डीएम और अफजाल की बहस

मुख्तार को दफन करने के बाद कब्रिस्तान से बाहर आते समय गाजीपुर की महिला जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने सांसद अफजाल अंसारी के सामने भीड़ जमा होने का मुद्दा उठाया. इस पर अफजाल ने जिलाधिकारी से तीखे अंदाज में बात करनी शुरू कर दी. अफजाल ने कहा, ये आपकी कृपा पर नहीं है कि आप तय करें कि ये लोग ही मिट्टी देंगे. पांच मजदूर हैं और बाकी सब परिवार के लोग हैं. इस पर DM बोली, आपने परमिशन नहीं ली है. धारा 144 लगी हुई है. भीड़ जमा करने की इजाजत नहीं है. आपने जनाजे में इतने लोग बुलाने की परमिशन नहीं ली है. अफजाल अंसारी ने इस पर कहा, आप कोई भी हैं, मिट्टी देने के लिए, अपने धार्मिक प्रायोजन को पूरा के लिए किसी भी तरह की परमिशन की जरूरत नहीं होती है. जहां जिसकी मर्जी होगी, मिट्टी देना चाहेगा, वो देगा. डीएम ने कहा, धारा 144 लगी हुई है. अफजाल ने कहा, 144 के बाद भी किसी के जनाजे के लिए आप नहीं रोक सकतीं. इसके बाद डीएम ने सभी के सामने कहा, मैं इस मामले में विधिक कार्रवाई करूंगी. अफजाल ने कहा, आपकी जो मर्जी हो वो कीजिए.

मुख्तार का परिवार खुद भीड़ संभालने में दे रहा था सहयोग

पांच बार विधायक रहे बाहुबली मुख्तार अंसारी को कालीबाग स्थित उनके परिवार के पुश्तैनी कब्रिस्तान में दफन किया गया. मुख्तार के जनाजे के दौरान उमड़ी भारी भीड़ को संभालने में जिला प्रशासन को बेहद मेहनत करनी पड़ी. पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद लोगों को संभालना भारी हो रहा था. ऐसे में मुख्तार के परिवार के सदस्य भीड़ को संभालने में खुद जिला प्रशासन के साथ जुटे रहे. मुख्तार के भतीजे व सपा विधायक मोहम्मद सुहैब अंसारी ने लोगों से खुद खड़े होकर शांति बनाए रखने की अपील की.

कौन हैं अंसारी परिवार से भिड़ने वाली IAS आर्यका

जिस अंसारी परिवार से पूर्वांचल के लोग डरते हैं, उन्हें खुलेआम हजारों लोगों की भीड़ के बीच धमकाकर गाजीपुर की महिला जिलाधिकरी IAS आर्यका अखौरी बेहद चर्चा में आ गई हैं. सोशल मीडिया पर शनिवार को लोग उनके बारे में ही बातें करते रहें. आर्यका अखौरी UPSC 2013 बैच की IAS अफसर हैं. उत्तर प्रदेश कैडर की अधिकारी आर्यका मूल रूप से बिहार की रहने वाली हैं. उत्तर प्रदेश सरकार की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, आर्यका पटना जिले की रहने वाली हैं. उनका जन्म 14 दिसंबर, 1985 को हुआ था. आर्यका अखौरी ने  दिल्ली में एमएससी (बायोटेक) की पढ़ाई करने के बाद UPSC की तैयारी की और इस एग्जाम में सफलता हासिल कर उत्तर प्रदेश कैडर को चुना था.

दूसरी बार जिलाधिकारी बनी हैं आर्यका

आर्यका को पहली बार भदोही जिले में जिलाधिकारी के तौर पर तैनाती मिली थी. भदोही में उनके कामकाज से खुश होकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सितंबर, 2022 में अचानक उन्हें गाजीपुर की जिम्मेदारी सौंप दी. तब से वे गाजीपुर में ही तैनात हैं. जिलाधिकारी बनने से पहले आर्यका वाराणसी और मेरठ में जॉइंट मजिस्ट्रेट व सीडीओ रह चुकी हैं.

विजय मिश्र पर भी लगा चुकी हैं गैंगस्टर एक्ट

आर्यका अखौरी गाजीपुर से पहले भी दबंग अधिकारी के तौर पर चर्चा में रह चुकी हैं. भदोही में जिलाधिकारी रहने के दौरान उन्होंने दबंग नेता व पूर्व विधायक विजय मिश्र के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई की थी. साथ ही विजय मिश्र के हथियारों के लाइसेंस भी निरस्त कर दिए थे. इतना ही नहीं भदोही कलेक्ट्रेट के कर्मचारियों-अधिकारियों के जींस-टीशर्ट पहनकर ऑफिस आने पर रोक लगाने के लिए भी वे चर्चा में रह चुकी हैं.

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