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लोन दिलाने के नाम पर करते थे ठगी, 2 दिन में अकाउंट से उड़ाए 75 लाख, फिर खरीदे बिटकॉइन

दिल्ली पुलिस ने आरोपियों के पास से 15 एटीएम कार्ड, सात मोबाइल फोन, 27 सिम कार्ड, लैपटॉप, टैबलेट और कई चेकबुक बरामद की है.

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डीएनए हिंदी: दिल्ली के रोहिणी में साइबर सेल ने एक ऐसे शातिर ठगों के गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो लोन दिलाने के नाम पर लोगो को अकाउंट को खाली कर देता था. इस गिरोह के तार चीन तक फैले थे. पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने बताया कि आरोपी ठगी की रकम से बिटकॉइन खरीद लेते थे.


पुलिस ने बताया कि आरोपी ठगी से प्राप्त रकम से विभिन्न मंचों के जरिए क्रिप्टोकरेंसी खरीदते थे. उन्होंने बताया कि आरोपियों की पहचान दीपक पटवा (23), सुनील कुमार (34), देव किशन (32) और सुरेश सिंह (45) के रूप में हुई है.

पुलिस ने बरामद किए 15 ATM और 7 मोबाइल
पुलिस ने आरोपियों के पास से 15 एटीएम कार्ड, सात मोबाइल फोन, 27 सिम कार्ड, लैपटॉप, टैबलेट और कई चेकबुक बरामद की है. इसके अलावा पुलिस को ठगों के पास से बीएमडब्ल्यू (BMW) कार भी मिली है.

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ठगों ने 2 दिन में उड़ाए 75 लाख
जानकारी के मुताबिक, मोहम्मद नदीम सैफी नाम के एक शख्स ने रोहिणी साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई की उनके पास एक मैसेज आया, जिसमें लिखा था उनका 2 लाख तक लोन पास हो गया है. इसे हासिल करने के लिए लिंक को फॉलो करें. नदीम ने उस लिंक को डाउनलोड कर उसमें दिए फॉर्म को भर दिया. इसके बाद इंटरनेशल नंबर से नदीम के पास WhatsApp कॉल आई. इसमें कहा गया कि कुल लोन का वह 5 प्रतिशत एक अकाउंट में जमा कर दें. इसके बाद नदीम ने 40,000 रुपये एक अकाउंट में जमा कर दिए. इसके बाद जवाब नहीं मिला तो उन्होंने ठगी की शिकायत कराई.

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पुलिस के मुताबिक, एक पीड़ित ने शिकायत की थी कि उसे ऑनलाइन लोन दिलाने के नाम पर एक ‘लिंक’ भेजकर ठगा गया. डीसीपी (रोहिणी) प्रणय तायल ने कहा कि जांच में पाया गया कि ठगी की रकम को मध्य प्रदेश के एक बैंक खाते में स्थानांतरित किया गया था, जिसमें दो दिन के भीतर 75 लाख रुपये डाले गए. उन्होंने बताया कि आरोपियों ने इस पैसे से विभिन्न मंचों के जरिए क्रिप्टोकरेंसी खरीदी थी.

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