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Santoor Vadak Pandit Shiv kumar Sharma Death: पंडित शिव कुमार शर्मा के निधन से आज संगीत की दुनिया में शोक का माहौल है.
डीएनए हिंदी: मशहूर भारतीय संगीतकार और संतूर वादक पंडित शिव कुमार शर्मा का निधन हो गया है. भारतीय संगीत को उनके खास अंदाज की वजह से अतंर्राष्ट्रीय पहचान मिली थी. पंडित शिव कुमार शर्मा ने फिल्मों में भी योगदान दिया था. उनका जन्म 13 जनवरी 1938 को जम्मू में हुआ था. उनके पिता उमा दत्त शर्मा भी एक गायक थे. उन्होंने ही पांच साल की उम्र से बेटे शिव कुमार को तबला और संगीत सिखाना शुरू किया.
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पिता औऱ बेटे की यह जुगलबंदी शिव कुमार शर्मा के साथ आगे भी जारी रही. एक तरफ जहां 13 साल की उम्र में शिव कुमार शर्मा ने संतूर सीखना शुरू कर दिया था. वहीं उन्होंने अपने बेटे राहुल को इसका प्रशिक्षण दिया.वह सन् 1996 से अपने बेटे राहुल के साथ परफॉर्म करते आ रहे हैं.
अब शिव कुमार शर्मा के निधन पर पीएम मोदी से लेकर ममता बनर्जी तक कई मशहूर हस्तियों ने भी शोक जताया है-
Our cultural world is poorer with the demise of Pandit Shivkumar Sharma Ji. He popularised the Santoor at a global level. His music will continue to enthral the coming generations. I fondly remember my interactions with him. Condolences to his family and admirers. Om Shanti.
— Narendra Modi (@narendramodi) May 10, 2022
Sad to know about the demise of Pandit Shiv Kumar Sharma, eminent Santoor player and internationally celebrated Indian music composer. His departure impoverishes our cultural world. My deepest condolences.
— Mamata Banerjee (@MamataOfficial) May 10, 2022
फिल्मों में योगदान
दुनिया भर में संतूर को एक मशहूर वाद्ययंत्र बनाने के पीछे शिवकुमार शर्मा का अहम योगदान है. सन् 1967 में शिवकुमार शर्मा ने हरिप्रसाद चौरसिया के साथ साझेदारी की. इसके बाद दोनों की जोड़ी शिव-हरि के नाम से मशहूर हुई. इन्होंने फासले, चांदनी, लम्हे और डर जैसी फिल्मों में संगीत दिया.
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