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President Election: Draupadi Murmu जीतीं तो बन जाएंगी देश की सबसे युवा राष्ट्रपति

Draupadi Murmu को एनडीए ने राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया है और महिला आदिवासी उम्मीदवार उतारकर एक तीर से कई निशान साधे हैं.

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द्रौपदी मूर्मु

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डीएनए हिंदी: राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों का ऐलान हो चुका है. एनडीएन ने अपना उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू को बनाया है. मुर्मू अगर राष्ट्रपति बनती हैं तो वह देश की दूसरी महिला राष्ट्रपति और पहली आदिवासी राष्ट्रपति होंगी. इसके साथ ही वह भारत की सबसे युवा राष्ट्रपति भी हो सकती हैं. इस तरह से अगर वह राष्ट्रपति चुनाव जीत लेती हैं तो एक साथ 3 रिकॉर्ड अपने नाम कर लेंगी.  

Neelam Sanjiva Reddy के नाम है यह खिताब 
अब तक देश के सबसे युवा राष्ट्रपति होने का खिताब 6ठे राष्ट्रपति नीलम संजीव रेड्डी (Neelam Sanjiva Reddy) के नाम है. नीलम संजीव ने 25 जुलाई 1977 को 64 साल की उम्र में राष्ट्रपति पद ग्रहण किया था. अब द्रौपदी मुर्मू की उम्र भी 64 साल ही है.

हालांकि, अगर मुर्मू चुनाव जीतती हैं तो वह कई और रिकॉर्ड भी अपने नाम करेंगी. सबसे गर्व का पल यह हो सकता है कि वह देश की पहली आदिवासी राष्ट्रपति होंगी और देश की दूसरी महिला राष्ट्रपति. 

यह भी पढ़ें: द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति चुनाव में क्यों उतार रही है BJP? इस रणनीति पर है जोर

ओडिशा की हैं द्रौपदी
द्रौपदी मुर्मू का जन्म 20 जून 1958 को ओडिशा के मयूरभंज जिले में हुआ था. बेहद पिछड़े और दूरदराज के जिले से ताल्लुक रखने वालीं मुर्मू ने गरीबी और अन्य समस्याओं से जुझते हुए भुवनेश्वर के रमादेवी महिला कॉलेज से बीए किया है. उन्होंने ओडिशा सरकार के सिंचाई और बिजली विभाग में एक कनिष्ठ सहायक के रूप में अपना करियर शुरू किया था.

द्रौपदी साल 2000 और 2004 में ओडिशा (Odisha) के रायरंगपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक थीं. साल 2015 में झारखंड (Jharkhand) के राज्यपाल (Governor) के रूप में शपथ लेने वाली पहली महिला थीं. वह राज्यपाल नियुक्त होने वाली पहली महिला आदिवासी नेता रही हैं. 

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शिक्षा क्षेत्र में रखती हैं विशेष रुचि
द्रौपदी मुर्मू का सामाजिक और राजनीतिक जीवन 3 दशक से ज्यादा का है. उन्हें करीब से जानने वाले लोगों का कहना है कि शिक्षा क्षेत्र में सुधार और खास तौर पर बालिका शिक्षा में उनकी विशेष रुचि रहती है. इसके अलावा, उन्हें साहित्य और लोक संस्कृति से भी काफी लगाव है. वह खुद संताल जनजाति से आती हैं जिनका लोककलाओं का समृद्ध इतिहास रहा है. 

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