Twitter
Advertisement
  • LATEST
  • WEBSTORY
  • TRENDING
  • PHOTOS
  • ENTERTAINMENT

Farmers Protest: किसानों का 'Delhi Chalo' मार्च फिर टला, SKM ने जारी किया नया प्लान

Farmers Protest: किसान मजदूर मोर्चा के नेता सरबन सिंह पंढेर ने कहा कि हमने 29 फरवरी तक 'दिल्ली चलो' मार्च को टालने का फैसला किया है. इस दौरान हम आगे की रणनीति बनाएंगे.

Latest News
article-main

Farmers Protest

FacebookTwitterWhatsappLinkedin

संयुक्त किसान मोर्चा ने अपना ‘दिल्ली चलो’ मार्च (Delhi Chalo March) 29 फरवरी तक के लिए टाल दिया है. किसान संगठन के नेता सरबन सिंह पंढेर ने कहा कि आंदोलन को लेकर अगले कदम के बारे में 29 फरवरी को फैसला करेंगे. उन्होंने घोषणा की कि शनिवार को ‘कैंडल मार्च’ निकाला जाएगा और उसके दो दिन बाद वे केंद्र का पुतला फूंकेंगे. हम अपने युवा किसान शुभकरण सिंह की मौत से दुखी हैं.

 संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा (केएमएम) ने शुक्रवार को यह निर्णय लिया है. दोनों संगठन फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गांरटी सहित विभिन्न मांगों को लेकर किसानों के आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं. उनके आह्वान पर बड़ी संख्या में किसान हरियाणा और पंजाब के बीच शंभू और खनौरी बॉर्डर पर डेरा डाले हुए हैं.

24 फरवरी को निकाला जाएगा कैंडल मार्च
KMM के नेता सरबन सिंह पंढेर ने खनौरी सीमा पर कहा, ‘आंदोलन के तहत अगले कदम की घोषणा 29 फरवरी को की जाएगी. हम 24 फरवरी को ‘कैंडल मार्च’ निकालेंगे और 26 फरवरी को केंद्र का पुतला फूंकेंगे. किसान नेताओं ने खनौरी में झड़प में एक प्रदर्शनकारी की मौत और लगभग 12 पुलिस कर्मियों के घायल होने के बाद बुधवार को ‘दिल्ली चलो’ आंदोलन को दो दिनों के लिए रोक दिया था. उक्त घटना तब हुई जब किसानों ने बैरिकेड को तोड़ते हुए आगे बढ़ने की कोशिश की.


ये भी पढ़ें- Farmers Protest: लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले दागे, हरियाणा में किसानों और पुलिस के बीच टकराव


फसलों के लिए एमएसपी की कानूनी गारंटी और कृषि ऋण माफी सहित अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हजारों किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और ट्रकों के साथ खनौरी और शंभू बॉर्डर पर टिके हुए हैं. 

पंजाब व हरियाणा के किसान स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने, किसानों और खेत मजदूरों के लिए पेंशन, बिजली दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं करने, पुलिस में दर्ज मामलों को वापस लेने, 2021 की लखीमपुर खीरी हिंसा के पीड़ितों के लिए न्याय, भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 को बहाल करने और 2020-21 के आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों के परिवारों को मुआवजा देने की भी मांग कर रहे हैं.

देश-दुनिया की ताज़ा खबरों Latest News पर अलग नज़रिया, अब हिंदी में Hindi News पढ़ने के लिए फ़ॉलो करें डीएनए हिंदी को गूगलफ़ेसबुकट्विटर और इंस्टाग्राम पर.

Advertisement

Live tv

Advertisement
Advertisement