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Covid 19 Mock Drill: कोविड से निपटने के लिए कितना तैयार है देश? दिल्ली-यूपी समेत कई राज्यों में आज मॉक ड्रिल

Coronavirus Mock Drill: दिल्ली और यूपी के कई अस्पताल कोविड की तैयारी की जांच के लिए आज मॉकड्रिल करेंगे.

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डीएनए हिंदी वेब डेस्क

Updated: Dec 27, 2022, 08:20 AM IST

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डीएनए हिंदी: देश में कोविड (Covid-19) संक्रमण से निपटने की तैयारियां तेज हो गई हैं. केंद्र सरकार (Modi Government) की ओर से जारी एडवाइजरी के बाद कोरोना (Coronavirus) महामारी से निपटने की तैयारियों का मॉक ड्रिल आयोजित किया जा रहा है. कई राज्यों के अस्पतालों में कोविड मॉकड्रिल होगा, जिससे यह पता चल सके कि अगर महामारी व्यापक स्तर पर फैलती है तो अस्पताल उससे कैसे निपटेंगे. यह मॉक ड्रिल, राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में हो मंगलवार को होने वाली है. 

स्वास्थ्य अधिकारियों ने सलाह दी है कि मास्क के इस्तेमाल को हर हाल में बढ़ावा दिया जाए, जिससे महामारी की रोकथाम में मदद मिले. कुछ राज्य अब एक बार फिर से मास्क को अनिवार्य कर रहे हैं. लोगों से अपील कर रहे हैं कि सोशल डिस्टेंसिंग जैसे नियमों को माना जाए. कर्नाटक ने स्कूल, कॉलेज और उन जगहों पर इसे अनिवार्य कर दिया जहां नए साल का जश्न मनाने के लिए बड़ी भीड़ जुट सकती है. 

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देशव्यापी मॉकड्रिल का क्या होगा असर?

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने सोमवार को कहा कि चीन और अन्य देशों में संक्रमण के मामलों में वृद्धि के बीच एहतियाती उपायों के तहत देशभर में सभी कोविड अस्पतालों में आयोजित होने वाली ‘मॉक ड्रिल’ में राज्य के सभी स्वास्थ्य मंत्री अपने स्तर पर हिस्सा लेंगे. 

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के चिकित्सकों के साथ एक बैठक में उन्होंने कहा, 'इस तरह की कवायद हमारी मदद करेगी, यदि कोई कमी है तो इससे उसे दूर करने में मदद मिलेगी और इसके परिणामस्वरूप हमारी सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रतिक्रिया मजबूत होगी.'


देश में क्या है कोविड का हाल?

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सोमवार को अपडेट किए गए आंकड़े के अनुसार, भारत में कोरोना वायरस के 196 नए मामले सामने आए, जबकि उपचाराधीन मामले मामूली रूप से बढ़कर 3,428 हो गए. मंत्री ने कहा कि वैश्विक स्तर पर कोविड के मामले बढ़ने के मद्देनजर देशभर के विभिन्न हवाईअड्डों पर कोविड-19 की बिना क्रम के जांच शुरू कर दी गई है. 

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बिहार में क्या है कोविड से निपटने की तैयारी?

बिहार के अधिकारियों ने कहा कि तीर्थयात्रा पर राज्य आए पांच विदेशी नागरिक कोविड-19 से संक्रमित पाये गए हैं, जिनमें से चार थाईलैंड से और एक म्यांमार से है. उन्होंने कहा कि हवाई अड्डे और गया रेलवे स्टेशन पर जांच बढ़ा दी गई है. उन्होंने कहा कि सप्ताहांत के दौरान कुल मिलाकर 33 विदेशियों की जांच की गई थी, जिनमें से चार महिला और एक पुरुष संक्रमित मिला. उन्होंने बताया कि 35 से 75 साल की उम्र के सभी संक्रमितों की हालत स्थिर है और वे जिस होटल में ठहरे हैं वहां उन्हें आइसोलेट रखा गया है.


यूपी में क्या है कोविड के खिलाफ तैयारी?

उत्तर प्रदेश में हाल ही में चीन से लौटे एक व्यक्ति के संक्रमित पाए जाने के बाद, राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने हाल ही में विदेश यात्रा से लौटे व्यक्तियों से सोमवार को, तब तक घर में रहने की अपील की, जब तक कि वे कोविड-19 की जांच नहीं करा लेते. उन्होंने कहा, 'अगर किसी की जांच रिपोर्ट पॉज़िटिव आती है, तो उन्हें तुरंत प्रशासन को सूचित करना चाहिए और हम सभी व्यवस्था करेंगे.'

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ब्रजेश पाठक ने कहा, 'हमें आगरा में एक कोविड पॉजिटिव मरीज के बारे में जानकारी मिली है और उसका नमूना जीनोम अनुक्रमण के लिए भेजा गया है. चिंता की कोई बात नहीं है क्योंकि स्थिति नियंत्रण में है और मरीज घर में पृथकवास में है.'

कोविड से कैसे निपटेगा कर्नाटक?

महामारी के दौरान सबसे बुरी तरह प्रभावित राज्यों में रहे कर्नाटक ने सोमवार को कई एहतियाती कदम उठाए जिनमें सिनेमाघरों और शिक्षण संस्थानों में मास्क को अनिवार्य बनाना और वृद्धों सहित अधिक खतरे वाली आबादी को भीड़-भाड़ वाले इलाकों से बचने की सलाह शामिल है. सरकार ने निर्देश दिया है कि बार, रेस्तरां और पब में केवल उन लोगों को प्रवेश दिया जाए जिन्होंने कोविड-19 से बचाव के लिए टीके की दो खुराकें ली हैं. ऐसे स्थानों को नए साल पर बैठने की क्षमता के बराबर ही मेहमानों की मेजबानी करने को कहा गया है. 

एक जनवरी को नए साल का जश्न भी रात एक बजे तक खत्म करने का निर्देश दिया गया है. इसके साथ नए साल पर भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क को अनिवार्य किया गया है और बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को ऐसे स्थानों से बचने की सलाह दी गई है. 

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के सुधाकर और राजस्व मंत्री एवं आपदा प्रबंधन प्रभारी आर अशोक की तकनीकी विशेषज्ञों के साथ हुई बैठक के बाद ये फैसले किए गए. मंत्रियों ने कहा कि भयभीत होने की जरूरत नहीं है और सरकार ने कोविड-19 के प्रसार और प्रभाव को रोकने के लिए केवल एहतियाती कदम उठाए हैं. 

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अशोक ने कहा, 'चीन और कुछ अन्य देशों में कोविड-19 के बढ़ते मामलों और स्वास्थ्य संकट को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने हमें अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की निगरानी करने की सलाह दी है. उनकी निगरानी दो समर्पित अस्पतालों बॉउरिंग और वेनलॉक में होगी जो क्रमश: बेंगलुरु और मंगलुरु में है और जहां पर राज्य के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे स्थित हैं.' उन्होंने कहा कि स्कूलों और कॉलेजों में मास्क लगाना अनिवार्य होगा. क्लास में एंट्री से पहले छात्रों को अपने हाथ सैनिटाइज करने होंगे.

तमिलनाडु कोरोना से कैसे लड़ेगा?

तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री एम सुब्रमण्यम ने भी रविवार को लोगों से भीड़-भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनने का आग्रह करते हुए कहा था कि राज्य में कोविड प्रोटोकॉल में कभी ढील नहीं दी गई है. दिल्ली सरकार ने आपातकालीन स्थितियों से निपटने की तैयारियों के तहत सामान्य दवाओं की खरीद के लिए अस्पतालों के लिए 104 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी है. 

दिल्ली में भी मॉक ड्रिल?

एक समीक्षा बैठक में दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सरकारी अस्पतालों के प्रमुखों को शाम तक बिस्तर, वेंटिलेटर, आईसीयू, मानव संसाधन, ऑक्सीजन संयंत्र और चिकित्सा उपकरणों का विवरण स्वास्थ्य विभाग के साथ साझा करने का निर्देश दिया. अधिकारियों ने कहा कि दिल्ली सरकार के पोर्टल पर मंगलवार से जनता के लिए बिस्तर, ऑक्सीजन सिलेंडर और वेंटिलेटर की उपलब्धता संबंधी जानकारी उपलब्ध रहेगी. 

क्या कोविज से भारत को है डरने की जरूरत?

पिछले साल कोविड की दूसरी लहर के दौरान, दिल्ली में ऑक्सीजन की कमी हो गई थी, अस्पतालों ने घटती आपूर्ति पर सोशल मीडिया पर ‘एसओएस’ संदेश भेजे थे. हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि बीएफ.7 से भारत को बहुत अधिक चिंतित होने की जरूरत नहीं है क्योंकि काफी लोगों में वायरस के खिलाफ प्रतिरक्षा विकसित हो गई है. टीकाकरण से या पिछले संक्रमण से मिली प्रतिरक्षा बेहद मजबूत है, जबकि चीन में कड़े प्रतिबंधों के कारण लोगों की प्रतिरक्षा कम है. 

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