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Amarnath Cloud Burst: बाल-बाल बचा भाजपा का यह बड़ा नेता, बताया आंखों देखा मंजर

Amarnath में बादल फटने की वजह से कई लोगों को जान गंवानी पड़ी है. जिस समय अमरनाथ में बादल फटा, उस समय भाजपा के विधायक टी राजा सिंह भी अमरनाथ में ही थे. टी राजा सिंह ने बताया कि उन्होंने खुद अपनी आंखों से बादल फटता देखा.

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अमरनाथ में बादल फटा

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डीएनए हिंदी: अमरनाथ में बादल फटने (Amarnath Cloud Burst) के वजह से अबतक 16 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है. बादल फटने के वजह से अभी तक 40 लोगों का कोई सुराग नहीं मिला है. अमरनाथ यात्रा मार्ग पर हुए नुकसान को देखते हुए पहलगाम और बालटाल दोनों ही जगहों से यात्रा आज के लिए स्थगित कर दी गई है. इस समय अमरनाथ यात्रा मार्ग पर तैनात भारतीय सेना सहित अन्य सुरक्षा एजेंसिया पूरी तरह से श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटी हुई हैं. शुक्रवार को अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने से अचानक आई बाढ़ में तेलंगाना के भाजपा विधायक टी राजा सिंह बाल-बाल बच गए.

हेलीकॉप्टर से अमरनाथ पहुंचे राजा सिंह और उनके परिवार के सदस्यों ने मौसम बिगड़ने से पहले पहाड़ियों से उतरने के लिए खच्चरों का इस्तेमाल करने का फैसला किया. राजा सिंह ने शुक्रवार रात मीडिया से कहा, "हमने महसूस किया कि मौसम अचानक बदल गया है और बिगड़ गया है. उन परिस्थितियों में हेलिकॉप्टर सेवा भी रद्द कर दी जाती. इसलिए हमने खच्चरों का उपयोग करके पहाड़ियों पर से उतरने का फैसला किया. मैंने पहाड़ियों से करीब एक किलोमीटर नीचे बादल फटते देखा. कई तंबू बाढ़ में बह गए."

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चूंकि भाजपा विधायक राजा सिंह को विशेष सुरक्षा मिली हुई थी, इसलिए सेना ने परिवार को श्रीनगर पहुंचाने में मदद की. उन्होंने कहा कि तेलंगाना सहित विभिन्न राज्यों के लोग वहां फंसे हुए हैं. टी राजा सिंह के अनुसार, शुक्रवार को दर्शन के लिए अमरनाथ गुफा में हजारों श्रद्धालु मौजूद थे. उन्होंने कहा, "पहाड़ियों से पानी बह रहा था और कुछ तंबुओं में घुस गया. मेरा अनुमान है कि बाढ़ में कम से कम 50 लोग बह गए. अमरनाथ गुफा में सेना बहुत अच्छा काम कर रही थी. लेकिन, वे इस तरह की परिस्थितियों में असहाय थे और अंधेरा भी था." 

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अबतक 15 हजार को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने के बाद से अबतक 15,000 तीर्थयात्रियों को निचले आधार शिविर पंजतरणी स्थानांतरित कर दिया गया है.ITBP प्रवक्ता ने बताया कि आईटीबीपी ने पवित्र गुफा के निचले हिस्से से पंजतरणी तक जाने वाले मार्ग में लगे दलों की संख्या भी बढ़ा दी है. BSF के एक प्रवक्ता ने कहा कि अर्धसैनिक बल के डॉक्टर और चिकित्सा कर्मियों ने बाढ़ में गंभीर रूप से घायल नौ मरीजों का इलाज किया. उन्होंने कहा, "उन्हें कम ऊंचाई वाले नीलग्राथ आधार शिविर पहुंचाया गया है."

इनपुट- PTI/भाषा

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