सेहत
Ayurvedic Medicine for Uric Acid: गठिया के दर्द ने आपका चलना-फिरना मुश्किल कर दिया है तो आचार्य बालकृष्ण इससे निजात पाने के उपाय बता रहे हैं.
डीएनए हिंदीः घुटने में दर्द या शरीर में जोड़ों के दर्द का मुख्य कारण होता है ब्लड में यूरिक एसिड का बढ़ना. अगर यूरिक एसिड कंट्रोल हो जाए तो आपके शरीर में होने वाला दर्द भी कम होने लगेगा.
असल में यूरिक एसिड जब ब्लड में बढ़ता है तो वह ब्लड के के जरिये शरीर के जोड़ों तक पहुंच जाता है और ज्वांइट्स के बीच खाली जगह में क्रिस्टल रूप में जमा होने लगता है. यही कारण है कि जोड़ों के बीच प्राकृतिक चिकनाहट कम होने लगता है और दर्द बढ़ता है. यहां आपको पातांजलि योग पीठ के आचार्य बालकृष्ण द्वारा बताए उस चूर्ण या हरे पत्ते के अर्क के बारे में जानकारी देंगें जो गठिया का रामबाण उपाय है.
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आचार्य बालकृष्ण यूरिक एसिड के स्तर को संतुलित रखने के लिए अश्वगंधा को चमत्कारिक औषधि मानते हैं. उनका कहना है के गठिया के रोगियों को अश्वगंधा के सेवन से जोड़ों में दर्द और सूजन से राहत मिलती है.
जानिए कैसे खाएं अश्वगंधा
आचार्य बालकृष्ण के अनुसार 2 ग्राम अश्वगंधा का चूर्ण गर्म दूध या पानी के साथ लें. आप चाहें तो इसे गाय के घी के साथ भी ले सकते हैं. सुबह-शाम इसे खाने से गठिया का दर्द दूर होने लगेगा. अगर आपको इसकी ताजी पत्तियां मिल सकें तो आप इसकी पत्तियों का अर्क भी पी सकते हैं. अश्वगंधा कमर दर्द और नींद न आने की समस्या में भी यह फायदेमंद है.
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पत्तियों को उबाल कर बनाए काढ़ा
अश्वगंधा के 30 ग्राम ताजे पत्तों को पानी में उबाल कर काढ़ा बनाकर भी पी सकते हैं. इसके लिए आप 250 मिलीग्राम पानी लें और उसमें इसकी पत्तियों को मिलाकर उबाल लें और जब पानी आधा हो जाए तो छान कर गुनगुना पीएं. एक सप्ताह तक पीने यूरिक एसिड ही नहीं कफ, वात-पित्त भी दूर होगा
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