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Chandra Grahan : 8 नवंबर को लगेगा साल का आखिरी चंद्रग्रहण, पढ़ें ग्रहण से जुड़ी खास बातें

Lunar Eclipse 2022: ज्योतिष शास्त्र में ग्रहण की घटना को अशुभ माना जाता है. ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ और शुभ कार्यों की मनाही होती है. शास्त्रों में ग्र

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ऋतु सिंह

Updated: Nov 01, 2022, 01:18 PM IST

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डीएनए हिंदीः साल का दूसरा व आखिरी ग्रहण दिवाली के समय लगा था और अब अगले महीने यानी नवंबर में साल का आखिरी व दूसरा चंद्रग्रहण लगने जा रहा है. हिंदू पंचांग के अनुसार, 8 नवंबर को साल का दूसरा चंद्रग्रहण लगेगा. खास बात यह है कि इस दिन देव दीपावली भी है. जानकार कहते हैं कि देव दीपावली ग्रहण से एक दिन पहले मनाने की बात कह रहे हैं.

चंद्र ग्रहण 2022 डेट और टाइम

चंद्रग्रहण 08 नवंबर 2022, मंगलवार को है. चंद्रग्रहण 08 नवंबर को शाम 05 बजकर 32 मिनट से आरंभ होगा और शाम 06 बजकर 18 मिनट पर समाप्त होगा. 

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चंद्र ग्रहण का सूतक कब शुरू होगा?

चंद्रग्रहण का सूतक सुबह 09 बजकर 21 मिनट पर शुरू होगा और सूतक काल शाम 06 बजकर 18 मिनट पर समाप्त होगा.

कहां-कहां दिखेगा चंद्रग्रहण?

8 नवंबर को लगने वाला चंद्रग्रहण भारत में कोलकाता, सिलीगुड़ी, पटना, रांची, गुवाहाटी आदि स्थानों पर देखा जा सकेगा. दुनिया में देव दीपावली के अगले दिन चंद्रग्रहण उत्तरी और पूर्वी यूरोप, एशिया, ऑस्ट्रेलिया, प्रशांत महासागर, हिन्द महासागर, उत्तरी अमेरिका और दक्षिणी अमेरिका के अधिकांश हिस्सों में देखा जा सकेगा.

चंद्रग्रहण से जुड़ी खास बातें-

  • चंद्रग्रहण का सूतक काल ग्रहण से 9 घंटे पहले तो सूर्य ग्रहण का सूतक 12 घंटे पहले लगता है. 
  • चंद्रग्रण में चांद को देखना उन्हीं जातकों को मना होता है जिनपर ग्रहण भारी होता है. अमूमन चंद्र ग्रहण कोई भी देख सकता है. सूर्य ग्रहण देखना अमूमन सबको मना किया जाता है.
  •  साल का दूसरा व आखिरी चंद्रग्रहण भारतीय समयानुसार 08 नवंबर को दोपहर 01 बजकर 32 मिनट से शुरू होकर शाम 07 बजकर 27 मिनट तक रहेगा.

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  • मान्यता के अनुसार ग्रहण काल में विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं को सतर्क रहना चाहिए. सूतक काल में उन्हें कोई काम नहीं करना चाहिए और अपने हाथ-पैर मोड़ने से बचना चाहिए. क्योंकि मान्यता है कि इससे गर्भ में पल रहे शिशु के अंग मुड़ जाते हैं. शिशु पर ग्रहण का असर न हो इसके लिए गर्भ पर गाय के गोबर को लगाया जाता है. साथ ही गर्भवती के बारबर लंबाई की कुशा ग्रहण भर कमरे में एक कोने में खड़ी कर रख देनी चाहिए. इससे गर्भ सुरक्षित रहता है.
  • चंद्रग्रहण का सूतक काल अशुभ माना जाता है इस ग्रहण का सूतक काल 09 घंटे पहले प्रारंभ होता है और ग्रहण खत्म होने के बाद समाप्त हो जाता हैं इस दौरान ग्रहण से पहले और ग्रहण के बाद स्नान जरूर करना चाहिए.
  • सूतक काल प्रारंभ होने के बाद पूजा.पाठ आदि शुभ व मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं.

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  • चंद्रग्रहण के दौरान यात्रा करना बेहद अशुभ माना जाता है. इसलिए ग्रहण काल में यात्रा से बचना चाहिए.
  • चंद्रग्रहण के दौरान सोना नहीं चाहिए और न ही धारदार वस्तुओं का इस्तेमाल करना चाहिए.
  • चंद्रग्रहण के दौरान भगवान का भजन और स्‍मरण करना श्रेयष्‍कर होता है.
  • चंद्रग्रहण के समय भगवान की प्रतिमा का स्‍पर्श या पूजा-अर्चना नहीं करनी चाहिए, केवल मानसिक जाप करना चाहिए. 
     

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. डीएनए हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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