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सरकारी कॉलेज के बच्चों ने बनाई Electric Car, इस इंटरनेशनल प्रतियोगिता में मिला सम्मान

तिरुवनंतपुरम के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों ने मिलकर एक ऐसी पर्यावरण फ्रेंडली कार बनाई है जिसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी पुरस्कृत किया गया है.

सरकारी कॉलेज के बच्चों ने बनाई Electric Car, इस इंटरनेशनल प्रतियोगिता में मिला सम्मान

Students with the Award

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डीएनए हिंदी: भारतीय छात्रों के इनोवेशन को विदेश में सम्मानित किया जाना हमेशा ही देश के लिए गर्व की बात होती है. गौरव का ऐसा ही पल देश को दिया है तिरुवनंतपुरम के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज बार्टन हिल के छात्रों ने. इस कॉलेज के छात्रों ने एक इलेक्ट्रिक कार को डिजाइन किया था. अब इस कार को इंडोनेशिया में पेर्टामिना मंडालिका सर्किट में आयोजित ‘शैल इको-मैराथन’ (SIM) 2022 की अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा दक्षता प्रतिस्पर्धा में पुरस्कृत किया गया है. जानते हैं इस इलेक्ट्रिक कार और प्रतिस्पर्धा से जुड़ी पूरी डिटेल-

19 छात्रों ने मिलकर बनाई कार
इस कार को बनाने के पीछे बार्टन हिल कॉलेज के 19 छात्रों की मेहनत है. ये सभी छात्र इस कॉलेज में मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं.  19 छात्रों के इस ग्रुप को प्रावेगा नाम दिया गया. इन्होंने जो कार बनाई उसे वैंडी नाम दिया गया. इस पूरी प्रक्रिया में ऑक्सिया टेक्नोलॉजी का काफी सहयोग रहा. अब दुनिया भर से इस प्रतिस्पर्धा के लिए जो प्रविष्टियां आईं उनमें प्रावेगा की बनाई वैंडी सर्वश्रेष्ठ रही है. 

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भारत से क्वलीफाई करने वाली 5 टीमों में शामिल थी प्रावेगा
यह जानना भी जरूरी है कि भारत से इस प्रतिस्पर्धा के लिए भेजी जाने वाली प्रविष्टियों में भी प्रावेगा ने कई स्तरों पर कड़ी टक्कर दी. इसने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भेजे जाने वाले 5 आवेदनों में अपनी जगह बनाई. अब इस प्रतियोगिता को जीतने के बाद टीम प्रावेगा बेहद खुश है. टीम की लीडर कल्याणी एस कुमार का कहना है कि इस कार के जरिए हमें हमारा इंजीनियरिंग टैलेंट दिखाने का मौका मिला और यह बेहद टिकाऊ व पर्यावरण फ्रेंडली भी है.

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क्या है इस इलेक्ट्रिक कार की खासियत
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस कार की स्पीड 27 किमी प्रति घंटा है. इसका वजन लगभग 80 किलो है. इसके इलेक्ट्रिक ड्राइवट्रेन में एक इनोवेटिव बैटरी थर्मल मैनेजमेंट सिस्टम है जिसे टीम ने पीसीएम 1-टेट्राडेकैनॉल का इस्तेमाल करके विकसित किया है. वैंडी इलेक्ट्रिक कार कई सेफ्टी फीचर्स से भी लैस है जिसमें ड्राइवर ड्राउजीनेस डिटेक्शन सिस्टम शामिल है. इस कार को पूरा करने में टीम को लगभग दस महीने का समय लगा है.

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