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World News in Hindi: यह रेस्क्यू मिशन जर्मनी के कोलोन शहर में शुरू किया गया है, जहां दूसरे विश्व युद्ध में मित्र सेनाओं द्वारा गिराए गए तीन विशाल बम बरामद हुए हैं. इन बमों के कारण कभी भी यहां भयानक विस्फोट हो सकता है.
World News in Hindi: दूसरा विश्व युद्ध (World War 2) खत्म होने के 70 साल बाद भी दुनिया को सता रहा है. दूसरे विश्व युद्ध में एक-दूसरे पर गिराए गए बम आज भी दुनिया के कोने-कोने में बरामद हो रहे हैं. ऐसे ही तीन बम जर्मनी के कोलोन शहर के शिपयार्ड परिसर में मिले हैं, जिनमें से दो बेहद विशाल सक्रिय बम है, जो कभी भी फटकर भयानक तबाही मचा सकते हैं. जानकारी के मुताबिक, दो बम 20 टन विस्फोटक के हैं, जबकि एक बम 10 टन विस्फोटक का है. इसके बाद जर्मन सरकार ने कोलोन शहर के एक बड़े इलाके को पूरी तरह सील कर दिया है. उस इलाके में ट्रेन से लेकर सड़क तक हर जगह ट्रैफिक रोक दिया गया है और लोगों को घर खाली करने के निर्देश दिए गए हैं. करीब 20,000 लोगों को दूसरे इलाकों में शिफ्ट किया जा रहा है, जिसे दुनिया का सबसे बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन माना जा रहा है. इन लोगों को शिफ्ट करने के बाद इस बम को निष्क्रिय करने की कोशिश शुरू की जाएगी.
1 किलोमीटर के इलाके में सबकुछ करा रहे खाली
जर्मनी के आपातकालीन प्रबंधन अधिकारियों के मुताबिक, कोलोन शहर में मिले बम अमेरिका में निर्मित हैं. इससे माना जा रहा है कि यूएस एयरफोर्स (US Air Force) के दूसरे विश्व युद्ध में कोलोन शहर पर हमले के दौरान ये बम शिपयार्ड को उड़ाने के लिए फेंके गए होंगे, जिसे उस समय हिटलर की नाजी सेना बंदरगाह की तरह इस्तेमाल कर रही थी. गिरने के बाद ये बम फटने के बजाय ऐसे ही रह गए. इन बमों को निष्क्रिय करने के लिए शहर के केंद्र से 1 किलोमीटर के दायरे वाले पूरे इलाके को पूरी तरह सील करने का निर्णय लिया गया है. इस इलाके में अस्पतालों और होटलों को भी पूरी तरह खाली करने का निर्देश दिया गया है. यह घोषणा की गई है कि इस इलाके में एक भी व्यक्ति मौजूद नहीं रहेगा. ओल्ड टाउन और ड्यूट्ज की करीब 20,000 लोगों की आबादी को ट्रांसफर किया जा रहा है. इसके चलते इलाके में 58 होटल, 9 स्कूल, प्रमुख सरकारी बिल्डिंग्स और सांसकृतिक स्थल बंद कर दिए गए हैं. इस इलाके से गुजरने वाली सभी ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है और सड़कों पर बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें भी बंद कर दिया गया है.
जो नहीं मानेगा, उसे जबरन निकालेगी पुलिस
BBC की रिपोर्ट में जर्मनी के पुलिस अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि सरकार के आदेशों को नहीं मानने वाले नागरिकों को जबरन निकाला जाएगा. अधिकारियों को ऐसे नागरिकों को जबरन बेदखल करने की शक्ति दी गई है. साथ ही उन पर भारी आर्थिक जुर्माना लगाने का भी अधिकार दिया गया है. इसे 'द्वितीय विश्व युद्ध के अंत के बाद से जर्मनी में सबसे बड़ा ऑपरेशन' बताया जा रहा है.
अगले बुधवार से शुरू किया जाएगा बम का डिएक्टिवेशन
अधिकारियों ने तय किया है कि इलाके को अगले बुधवार तक पूरी तरह खाली करा लिया जाएगा. इसके बाद बम निरोधक दस्ते तीनों बमों को निष्क्रिय करने की प्रक्रिया शुरू करेंगे. किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए इलाके में एंबुलेंस और डॉक्टरों की भी तैनाती की गई है. बता दें कि जर्मनी में इस तरह विश्व युद्ध के समय के बम मिलना असामान्य बात नहीं है. विश्व युद्ध के दौरान मित्र देशों की वायु सेनाओं के हमलों में गिराए गए बम अब भी मकानों-बिल्डिंगों की नींव खोदते समय जमीन से निकलते रहते हैं. लेकिन इस बार मिला बम बहुत बड़ा है और जिस इलाके में यह बम पाया गया है, वहां फटने पर यह बहुत ज्यादा संख्या में लोगों को प्रभावित कर सकता है. इस कारण ही पहली बार विश्व युद्ध के समय के बमों को लेकर चिंता जताई गई है.
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