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America में न्यूक्लियर पावर प्लांट को लेकर क्यों हो रहा विवाद? लोगों को क्या है इससे खतरा

Nnuclear Power Plant: कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के एक प्रोफेसर का कहना कि अगर इस प्लांट को जल्द बंद नहीं किया गया तो बड़ी तादाद में लोगों की जिंदगी खतरे में चली जाएगी.

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America में न्यूक्लियर पावर प्लांट को लेकर क्यों हो रहा विवाद? लोगों को क्या है इससे खतरा

अमेरिका का डिएब्लो केनयन न्यूक्लियर पावर प्लांट

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डीएनए हिंदी: अमेरिका के लॉस एजेंल्स और सैन फ्रांसिस्को की बीच स्थित 'डिएब्लो केनयन' न्यूक्लियर पावर प्लांट (Nuclear Power Plant) को लेकर अक्सर विवाद होता रहा है. इस मामले में ताजा विवाद तब बढ़ गया जब गुरुवार को कैलिफोर्निया सरकार ने पैसिफिक गैस एंड इलेक्ट्रिक कंपनी (PG&E ) को इस परमाणु बिजली संयंत्र को 2030 तक चलाने की अनुमति दे दी. इससे पहले 2025 में इसे बंद करने का ऐलान किया गया था. कैलिफोर्निया सरकार ने इसे चलाने के लिए कंपनी को 14 अरब डॉलर का कर्ज भी दिया है.

सरकार के इस फैसले से लोगों में काफी गुस्सा है. वह इसे अमेरिका का सबसे खतरनाक न्यूक्लियर पावर फ्लांट मानते हैं. क्योंकि यह ऐसी जगह पर स्थित है जहां हमेसा भूकंप आने की आशंका बनी रहती है. इस प्लांट से थोड़ी दूरी पर कई शहर बसे हुए हैं. इनमें बड़ी तादाद में लोग रहते हैं. लोगों का कहना है कि इससे रेडियोधर्मी विकिरण फैलने का खतरा है. इस प्लांट से सबसे नजदीक शहर सैन लुई ओबिप्सो है. जो 15 किलोमीटर की दूरी पर बसा है. इसमें 48,000 लोगों की आबादी रहती है.

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Radioactive Radiation फैलने से क्या होगा नुकसान?
कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के एक प्रोफेसर का कहना कि अगर इस प्लांट को जल्द बंद नहीं किया गया तो बड़ी तादाद में लोगों की जिंदगी खतरे में चली जाएगी. उन्होंने कहा कि अगर इस क्षेत्र में किसी दिन भूकंप आया तो प्लांट से  Radioactive Radiation फैल सकता है. जो लोगों की जान के लिए बड़ा खतरा है. क्योंकि रेडियोधर्मी प्रदूषण के कारण कई जानलेवा बीमारियां जैसे ब्लड कैंसर, त्वचा कैंसर, अस्थि कैंसर एवं टीवी जैसी जानलेवा बीमारी होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं. इससे लोगों की मौत हो सकती है.

इस पावर प्लांट के विरोध में हुआ था प्रदर्शन

कंपनी ने दी सफाई
वहीं, पीजीएंडई ने इन खतरों से इनकार किया है. कंपनी ने कहा कि इससे लोगों की जिंदगी को कोई खतरा नहीं है. वहीं कुछ लोगों ने इस प्लांट को 2030 तक जारी रखने के सरकार के फैसले का स्वागत किया है. उन्होंने कहा कि जब हीट वेव की वजह से बिजली की खपत बढ़ेगी तो यह प्लांट बिजली सप्लाई के लिए काफी मददगार साबित होगा. 

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2016 में बंद करने का हुआ था ऐलान
गौरतलब है कि इस परमाणु बिजली प्लांट को 1968 में बनाया गया था. उस दौरान भी इसको लेकर काफी विरोध हुआ था. जब इसका काम काफी तेजी से चल रहा था तो इसके खतरे के बारे में लोगों को पता चला. साल 2016 में इसे बंद करने का ऐलान किया गया था. उस वक्त इसे 2025 तक बंद करने पर सहमति बनी थी. लेकिन अब इसका समय बढ़ाते हुए 2030 तक बंद किया जाएगा.

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