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ब्रिटेन की जनता हेनरी नोवाक की पिछले साल दिसंबर में हुई हत्या को लेकर गुस्से में है. हेनरी नोवाक पर चाकू से हमला करने वाले युवक ने पुलिस से नस्लभेद की झूठी शिकायत की थी. मौके पर पहुंची हैम्पशायर पुलिस ने हेनरी को ही अपराधी माना और उसे हथकड़ी पहना दी.
killing of Henry Nowak: ब्रिटेन में इस समय एक पुराने हत्याकांड के मामले को लेकर लोगों में गुस्सा है. ये मामला हेनरी नोवाक (Henry Nowak) नाम के 18 साल के लड़के की हत्या से जुड़ा है. हेनरी नोवाक की हत्या अब ब्रिटेन में नस्ल और पुलिसिंग व्यवस्था पर एक बड़ी बहस का मुद्दा बन गई है. इस मामले में पुलिस की कार्रवाई का सच जैसे ही सामने आया लोग भड़क गए.
द गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार, हेनरी नोवाक की हत्या 3 दिसंबर 2025 की रात को इंग्लैंड के साउथेम्प्टन में हुई थी. हेनरी नोवाक साउथेम्प्टन यूनिवर्सिटी में अकाउंटेंसी और फाइनेंस का फर्स्ट ईयर का छात्र था. वह एसेक्स का रहने वाला था और घटना की रात अपने फुटबॉल टीम के दोस्तों के साथ बाहर जाने के बाद अकेला घर लौट रहा था. रास्ते में एक ब्रिटिश मूल के सिख युवक विक्रम सिंह दिगवा से नोवाक की लड़ाई हो गई. बात आगे बढ़ी तो विक्रम सिंह दिगवा ने अपनी कृपाण से हेनरी नोवाक पर हमला कर दिया. खंजर से हुए हमले में हेनरी नोवाक बुरी तरह घायल हो गया.
हमला करने के बाद, विक्रम और उसके भाई ने इमरजेंसी नंबर (999) पर पुलिस को फोन किया और झूठा दावा किया कि हेनरी ने उन पर नस्लीय टिप्पणी (Racist attack) की है और विक्रम की पगड़ी उतार दी है. हैरान करने वाली बात ये है कि पुलिस जब मौके पर पहुंची तो हेनरी घायल था लेकिन, पुलिस ने उसे हथकड़ी पहनाकर गिरफ्तार किया. इस दौरान हेनरी पुलिस को बताता रहा कि उसे चोट लगी है.
हाल ही में जब कोर्ट ने इस मामले में फैसला सुनाया और पुलिस के बॉडी-वर्न कैमरे का वीडियो सार्वजनिक हुआ. इसमें साबित हुआ कि मौके पर पहुंची पुलिस ने जमीन पर तड़प रहे और खून से लथपथ हेनरी को ही गिरफ्तार कर लिया था और उसके हाथों में हथकड़ी लगा दी थी. पुलिस ने हमलावर विक्रम के "नस्लीय हमले" वाले झूठे दावे को सच मान लिया था. बॉडी-वर्न कैमरे के वीडियो में ये रिकॉर्ड हुआ था कि हेनरी बार-बार पुलिस से गुहार लगा रहा था और कह रहा था कि उसे चाकू मारा गया है.
द वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस को यह समझने में करीब 3 मिनट लग गए कि हेनरी को सच में चोट लगी है. लेकिन, तब तक बहुत देर हो चुकी थी और हेनरी की पुलिस हिरासत में ही मौत हो गई. अब इस मामले में कोर्ट ने विक्रम सिंह दिगवा को हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है. विक्रम सिंह दिगवा को कम से कम 21 साल जेल में बिताने होंगे. विक्रम की मां किरण कौर को भी हत्या का हथियार छिपाने के आरोप में दोषी पाया गया है. हैम्पशायर पुलिस ने इस चूक के लिए माफी मांगी है.
ब्रिटेन की जनता इस मामले को लेकर गुस्से में है. द गार्जियन ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि ब्रिटेन के दक्षिणपंथी राजनीतिक दल इस मामले को लेकर पुलिस पर दोहरे मापदंड का आरोप लगा रहे हैं. लोगों का कहना है कि पुलिस सिख समुदाय के व्यक्ति द्वारा लगाए गए नस्लवाद के आरोप से इतनी डर गई या प्रभावित हो गई कि उसने जमीन पर दम तोड़ रहे एक गोरे युवक की जान बचाने के बजाय उसे अपराधी मानकर हथकड़ी लगाना ज्यादा जरूरी समझा. लोग इस बात से नाराज हैं कि एक गंभीर अपराधी ने अपने कुकृत्य तो छिपाने के लिए "नस्लवाद कार्ड" का इस्तेमाल किया.