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What is Chernobyl Nuclear Plant: यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने रूस पर चेर्नोबिल न्यूक्लियर प्लांट पर ड्रोन अटैक करने का दावा किया है. हालांकि रूस ने इससे इंकार किया है.
What is Chernobyl Nuclear Plant: रूस और यूक्रेन के बीच चल रही लड़ाई ने पूरी दुनिया को चिंता में डाला हुआ है. दुनिया भर की इकोनॉमी पर इस लड़ाई का असर पड़ रहा है, जो पहले ही आर्थिक मंदी की आहट से जूझ रही है. ऐसे में रूस-यूक्रेन की लड़ाई में अब कुछ ऐसा हुआ है, जिसे लेकर दोनों देशों में जुबानी जंग शुरू हो गई है, लेकिन इस खबर का खौफ पूरी दुनिया में देखा जा रहा है. दरअसल यूक्रेन के राष्ट्रपति वोल्दोमीर जेलेंस्की ने रूसी सेना पर चेर्नोबिल परमाणु रिएक्टर प्लांट पर ड्रोन अटैक करने का दावा किया है. उन्होंने दावा किया है कि यूक्रेन की सेना के जवाब देने पर रूसी ड्रोन प्लांट के ऊपर गिर गया. हालांकि यह ड्रोन प्लांट के कवच के ऊपर गिरा है और उसे भेद नहीं पाया है, जिसके चलते रेडिएशन लेवल सामान्य ही बना हुआ है. रूसी राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन की तरफ से क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने यूक्रेन के दावे का खंडन किया है. उन्होंने साफ कहा है कि रूसी सेना ने प्लांट पर कोई हमला नहीं किया है. चलिए हम आपको बताते हैं कि यह प्लांट क्या है और इस पर हमले की खबर ने क्यों पूरी दुनिया में खौफ की लहर फैला दी है?
चेर्नोबिल में बंद पड़ा है परमाणु रिएक्टर प्लांट
यूक्रेन में चेर्नोबिल बेलारूस की सीमा के पास मौजूद है, जहां एक परमाणु रिएक्टर प्लांट है. यह प्लांट सोवियत संघ के विघटन से पहले बनाया गया था. यह प्लांट परमाणु ऊर्जा पैदा करता था. जिसे 26 अप्रैल, 1986 को एक हादसे के बाद बंद कर दिया गया है. हालांकि अभी भी वहां परमाणु तत्व एक्टिव हैं, जिन्हें साफ नहीं किया जा सकता है. इन्हें कंट्रोल करके रखा गया है. यदि इस प्लांट को नुकसान पहुंचा तो ये परमाणु तत्व कंट्रोल से बाहर आकर तबाही फैला सकते हैं.
1986 के हादसे की तबाही आज तक भुगत रहे लोग
चेर्नोबिल परमाणु रिएक्टर प्लांट में 26 अप्रैल 1986 को परमाणु विस्फोट हुआ था. यह विस्फोट एक सिक्योरिटी टेस्ट के दौरान हुआ था. इस दौरान प्लांट के निदेशक वहां मौजूद नहीं थे. सिक्योरिटी टेस्ट के दौरान हुए इस विस्फोट को कंट्रोल करने की कोशिश की गई, लेकिन परमाणु ऊर्जा अनियंत्रित हो गई थी. इससे परमाणु रिएक्टर फट गया था. रिएक्टर फटने के कारण ऐसी तबाही मची थी, जिसका परिणाम लोग आज तक भुगत रहे हैं. इस हादसे में 28 कर्मचारी और फायर ब्रिगेड सर्विस के 3 लोगों समेत कुल 31 लोगों की मौत तीव्र रेडिएशन के कारण तत्काल हो गई थी. इस भयावह हादसे के कारण फैले रेडिएशन का असर कई साल तक आसपास के इलाकों में फैलता रहा था, जिससे हजारों लोगों में कैंसर की भयावह बीमारी फैल गई थी और उनकी मौत हो गई थी. इस इलाके में आज भी पशुओं में रेडिएशन का असर देखा जाता रहा है.
क्या दावा किया है यूक्रेन ने
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि रूस ने प्लांट पर ड्रोन अटैक किया है. इस ड्रोन को यूक्रेन ने मारकर गिरा दिया है, लेकिन यह परमाणु प्लांट के ऊपर गिरा है. हालांकि उन्होंने इससे परमाणु प्लांट के कवच को नुकसान नहीं पहुंचने का दावा किया है. उन्होंने कहा है कि प्लांट में रेडिएशन लेवल अब भी सामान्य है. जेलेंस्की ने परमाणु प्लांट को निशाना बनाने आतंकी हमला बताते हुए रूसी राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग अन्य देशों से की है.
रूस ने दी है क्या सफाई
रूस के सत्ता केंद्र क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की तरफ से इस आरोप का जवाब दिया है. उन्होंने यूक्रेन के दावों को झूठा बताया है. उन्होंने कहा कि परमाणु प्लांट को निशाना बनाने की कोशिश रूसी सेना ने कभी भी नहीं की है. यूक्रेन जिस हमले की बात कर रहा है, उसे रूसी सेना ने नहीं किया है.
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