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US Visa Ban Rule: आपके देश के इस काम पर आपको भी नहीं मिलेगा US वीजा, भारत भी है दायरे में, जानें पूरी बात

US Visa Ban Rule: अमेरिका के विदेश मंत्री मारो रूबियो ने नए वीजा बैन की घोषणा की है. उन्होंने किसी देश का नाम लिए बिना कहा है कि ऐसे विदेशियों को सहन नहीं किया जाएगा, जो अमेरिकियों को अपने देश में सेंसर करने की कोशिश करते हैं.

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US Visa Ban Rule: आपके देश के इस काम पर आपको भी नहीं मिलेगा US वीजा, भारत भी है दायरे में, जानें पूरी बात
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US Visa Ban Rule: अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की सरकार ने वीजा से जुड़े नियम (New US Visa Rules) फिर बदल दिए हैं. इनमें उन लोगों पर वीजा बैन (US Visa Ban Rules) लगा दिया गया है, जो अमेरिकी नागरिकों को उन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कमेंट पोस्ट करने को लेकर 'सेंसर' लागू करते हैं, जिन प्लेटफॉर्म्स का मालिकान हक अमेरिकी टेक कंपनियों के पास है. नए वीजा बैन (US Visa Ban) की घोषणा अमेरिकी विदेश मंत्री मारो रूबियो ने की है. रूबियो ने कहा कि विदेशी अधिकारियों का अमेरिकियों को अपने देश में दंडात्मक कार्रवाई या अरेस्ट वॉरंट के जरिये 'सेंसर' करने की कोशिश करना 'असहनीय' है. उन्होंने यह भी कहा है कि वीजा बैन उन विदेशी अधिकारियों पर भी लागू किया जाएगा, जो अमेरिकी टेक कंपनियों से कंटेंट को डाउन करने या मॉडरेट करने की डिमांड करते हैं, जबकि वे कंपनियां उनकी अथॉरिटी से बाहर अमेरिका में मौजूद हैं. 

चीन और भारत आ रहे हैं इसके दायरे में
मारो रुबियो ने बिना किसी देश का नाम लिए यह बात कही है, लेकिन इसे चीन के लिए इशारा माना जा रहा है, जहां सोशल मीडिया को लेकर 'सेंसरशिप' लागू है. साथ ही सरकारी आदेश से कंटेंट डाउन कराने के मामले में भारत भी इस वीजा बैन के दायरे में आ रहा है. इसके अलावा यूरोपियन यूनियन, ऑस्ट्रेलिया, कुछ दक्षिण अमेरिकी व एशियाई देशों की तरफ से कई बार अमेरिकी सोशल मीडिया कंपनियों Meta, Facebook, Instagram, X (Twitter) आदि के खिलाफ एक्शन लिया है या उन पर पेनल्टी लगाई है. यह कार्रवाई इन कंपनियों पर संबंधित देश या ब्लॉक के नियम-कानूनों का पालन नहीं करने के आरोप में की गई है. अमेरिका की तरफ से इस नए वीजा बैन नियम के जरिए इन्हीं देशों के खिलाफ सख्ती की जाएगी. रुबियो ने कहा कि कुछ विदेशियों ने अमेरिकी टेक कंपनियों और अमेरिकी नागरिकों के खिलाफ कठोर सेंसरशिप कार्रवाई की है, जबकि उनके पास ऐसा करने का कोई अधिकार नहीं है.

सीधा सा मतलब है अमेरिकियों की कही बात मत हटाओ
अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो के बयान को लेकर स्पष्टीकरण भी दिया गया है, जिसका मतलब यह बैठता है कि किसी भी अमेरिकी नागरिक की कही बात को दूसरा देश सोशल मीडिया से नहीं हटा सकता है. इस वीजा बैन का औचित्य यह बताया गया है कि यदि किसी अमेरिकी ने अमेरिकी धरती से कोई कमेंट किसी देश के खिलाफ पोस्ट किया है, तो उस देश या उसके अधिकारी उस पोस्ट को आपत्तिजनक मानकर कार्रवाई की मांग नहीं कर सकते हैं. बयान में यह भी स्पष्ट किया गया है कि ऐसे मामलों में, अमेरिकी सोशल मीडिया या टेक फर्म से नोटिस हटाने या सामग्री मॉडरेशन की उम्मीद नहीं की जा सकती है. 

अमेरिकी हैं अधिकतर सोशल मीडिया कंपनियां
पूरी दुनिया में ज्यादातर पॉपुलर सोशल मीडिया कंपनियों का मालिकाना हक अमेरिकी नागरिकों के पास है. X (Twitter) के मालिक एलन मस्क (Elon Musk) हैं, फेसबुक (Facebook) और इंस्टाग्राम (Instagram) की पेरेंट कंपनी मेटा (Meta) के मालिक मार्क जुकरबर्ग (Mark Zuckerberg) हैं, यूट्यूब (YouTube) की मालिक गूगल (Google), ट्रूथ सोशल (Truth Social) की पेरेंटल कंपनी ट्रंप मीडिया (Trump Media) के मालिक डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) और ब्लूस्काई (BlueSky) का मालिकाना हक ट्विटर के पुराने मालिक जैक डॉर्सी (Jack Dorsey) के पास है.

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