दुनिया
यूक्रेन को समर्थन देने के लिए पोलैंड, चेक और स्लोवानिया के प्रधानमंत्रियों ने यूक्रेन का दौरा शुरू किया है.
डीएनए हिंदी : रूस और यूक्रेन के मध्य चल रहे के बीच तीन यूरोपीय देशों के प्रधानमंत्रियों ने यूक्रेन का रुख किया है. लड़ाई छिड़ने के बाद से यह पहला मौक़ा है जब किसी विदेशी नेता ने यूक्रेन(Ukraine) का रुख किया होगा. युद्धग्रस्त देश के दौरे पर जाने वाले देशों में पोलैंड के प्रधानमंत्री Mateusz Morawiecki, चेक के प्रधानमंत्री Petr Fiala और स्लोवेनिया के प्रधानमंत्री Janez Jansa शामिल हैं. उन्होंने यूक्रेन की राजधानी कीव(Kyiv) की तरफ ट्रेन से निकले हैं. वे भारी बमबारी के बीच शहर पहुंचेंगे जहां एक ओर आधे लोग शहर छोड़कर भाग चुके हैं वहीं बाक़ी बचे लोग अन्डरग्राउंड स्टेशनों के नीचे रात बिता रहे हैं. हमले से पहले कीव की कुल आबादी 34 लाख थी.
इसे अपना कर्तव्य बताया पोलैंड के प्रधानमंत्री ने
पोलैंड के प्रधानमंत्री Mateusz Morawiecki ने स्लोवानिया और चेक के प्रधानमंत्री के साथ कीव(Kyiv) के दौरे पर निकलने से पहले कहा कि "यह हमारा कर्तव्य है कि हम उस जगह रहें जहां इतिहास के साथ धोखा हो रहा है. यह हमारे बारे में नहीं है, यह हमारे बच्चों के बारे में है जिन्हें हक़ है कि वे अत्याचार से मुक्त दुनिया में रहें. "
तमाम कोशिशों के बाद भी आगे नहीं बढ़ पा रही है रूसी सेना
गौरतलब है कि इन यूरोपीय नेताओं के दौरे से ठीक पहले कीव(Kyiv) शहर में दो भीषण धमाकों की आवाज़ सुनी गई थी. इन धमाकों के बाद एक ऊंची इमारत आग की लपटों से घिरी हुई नज़र आई. रूसी आर्टिलरी ने इमारत पर हमला किया था. या इमारत खाली नहीं थी क्योंकि हमले के ठीक बाद अग्निशमन सेवाकर्मी जलती इमारत से लोगों को निकालने में लगे हुए नज़र आये. ज़मीन पर एक-आध शव भी दिख रहे थे.
इसके बावजूद कि रूस लगातार बमबारी कर रहा है, रूसी सेना कीव के मुहाने पर तीन हफ़्तों से रुकी हुई है जबकि रूसी सरकार को अंदाज़ा था कि वह यूक्रेन को कुछ ही दिन में जीत लेगी.