दुनिया
ताइवान के राष्ट्रीय दिवस समारोह के दौरान अपने संबोधन में राष्ट्रपति लाई ने कहा, 'हम टी-डोम के निर्माण में तेज़ी लाएंगे, ताइवान में बहुस्तरीय सुरक्षा, उच्च-स्तरीय पहचान और प्रभावी अवरोधन के साथ एक मज़बूत वायु रक्षा प्रणाली स्थापित करेंगे.
रक्षा के लिहाज से ताइवान की तरफ से बड़ा कदम उठाया गया है. राष्ट्रपति लाई चिंग-ते ने चीन से बढ़ते खतरों का मुकाबला करने के प्रयासों के तहत बहुस्तरीय वायु रक्षा प्रणाली, जिसे 'टी-डोम' कहा जाता है, के निर्माण में तेज़ी लाने का संकल्प लिया है.
ताइवान के राष्ट्रीय दिवस समारोह के दौरान अपने संबोधन में लाई ने कहा, 'हम टी-डोम के निर्माण में तेज़ी लाएंगे, ताइवान में बहुस्तरीय सुरक्षा, उच्च-स्तरीय पहचान और प्रभावी अवरोधन के साथ एक मज़बूत वायु रक्षा प्रणाली स्थापित करेंगे, और नागरिकों के जीवन और संपत्ति की रक्षा के लिए ताइवान के लिए एक सुरक्षा जाल बुनेंगे.'
क्या है ताइवान की रक्षा योजना
लाई ने स्व-शासित द्वीप की रक्षा क्षमताओं को मज़बूत करने की योजना दोहराई और कहा कि 2025 के अंत तक एक विशेष रक्षा बजट प्रस्तावित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि अगले साल रक्षा खर्च को ताइवान के सकल घरेलू उत्पाद के 3% से ज़्यादा और 2030 तक 5% तक बढ़ाया जाएगा.
लाई ने यह भी कहा कि, रक्षा खर्च में वृद्धि का एक उद्देश्य है. लाई के अनुसार 'यह दुश्मन के ख़तरों का मुक़ाबला करने के लिए एक स्पष्ट आवश्यकता है और हमारे रक्षा उद्योगों के विकास के लिए एक प्रेरक शक्ति है.'
लाई ने कहा कि उनका देश अपने रक्षा उद्योग को बढ़ावा देगा और 'मज़बूत रक्षा पंक्ति' बनाने के लिए घरेलू आपूर्ति श्रृंखलाओं को मज़बूत करेगा.
चीन को दो टूक संदेश दे बैठे लाई
राष्ट्रपति लाई ने बीजिंग से ताइवान स्ट्रेट में यथास्थिति बदलने के लिए बल या ज़बरदस्ती का इस्तेमाल छोड़ने' और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने में मदद करने का आह्वान किया. उन्होंने आगे कहा कि ताइवान 'शक्ति के माध्यम से शांति बनाए रखने' के लिए दृढ़ है.
ध्यान रहे कि चीन लोकतांत्रिक रूप से शासित ताइवान को अपना क्षेत्र बताता है और बार-बार उसे अपने में मिलाने की धमकी देता रहा है. बीजिंग ने शुक्रवार को कहा कि ताइवान की स्वतंत्रता की गतिविधियां ताइवान स्ट्रेट में शांति के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं। चीनी विदेश मंत्रालय ने आगे कहा कि बलपूर्वक स्वतंत्रता की मांग करने से द्वीप संघर्ष में फंस जाएगा.
ताइवान का राष्ट्रीय दिवस 1911 के उस विद्रोह की वर्षगांठ पर मनाया जाता है जिसने चीन के अंतिम शाही राजवंश को उखाड़ फेंका और चीन गणराज्य की स्थापना की. 1949 में रिपब्लिकन सरकार माओत्से तुंग के कम्युनिस्टों के साथ गृहयुद्ध हार गई और ताइवान भाग गई. चीन गणराज्य आज भी इस द्वीप का औपचारिक नाम है.