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Swiss Bank ने जारी की खाताधारकों की चौथी लिस्ट, सामने आए कई बड़े लोगों के नाम, IT डिपार्टमेंट अलर्ट

स्विस बैंक ने भारत को सौंपी चौथी लिस्ट में सैकड़ों फाइनेंशियल अकाउंट के बारे में पूरी डिटेल दी है. लेकिन ब्लैक मनी के बारे में खुलासा नहीं किया है.

Swiss Bank ने जारी की खाताधारकों की चौथी लिस्ट, सामने आए कई बड़े लोगों के नाम, IT डिपार्टमेंट अलर्ट

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डीएनए हिंदी: स्विस बैंक (Swiss Bank) ने सोमवार को भारतीय खाताधारकों को चौथी लिस्ट जारी कर दी है. इसमें लाखों अकाउंट्स होल्डर्स की डिटेल भारत को भेजी गई है. स्विट्जरलैंड ने भारत समेत 101 देशों के साथ करीब 34 लाख वित्तीय खातों (Financial Accounts) का ब्योरा साझा किया है. इसमें उन भारतीय नागरिकों और संगठनों की डिटेल है, जिनकी बड़ी रकम Swiss Bank में जमा है. इनमें कुछ राजनीतिक लोग और कॉर्पोरेट्स और ट्रस्टों से जुड़े खाते हैं. स्विट्जरलैंड ने सालाना स्वचलित सूचना विनिमय (Annual Automatic Information Exchange) के तहत इस रिपोर्ट को भारत को सौंपा है. 

जानकारी के मुताबिक, स्विस बैंक की ओर से भारत को सौंपी गई चौथी लिस्ट में सैकड़ों फाइनेंशियल अकाउंट का पूरी डिटेल है. हालांकि, रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि इन खातों में ब्लैक मनी कितनी जमा है, लेकिन संदेह किया गया है कि स्विस बैंक के इन खातों को ओपन टैक्स बचाने व अन्य फाइनेंशियल दांवपेंच के लिए खुलवाया गया है. हालांकि, स्विस बैंक ने सूचना के आदान-प्रदान के तहत प्राइवेसी के प्रावधान का हवाला देते हुए विस्तृत जानकारी नहीं दी है, क्योंकि इसका आगे की जांच पर विपरीत असर पड़ सकता है.

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आयकर विभाग ने निगरानी की शुरू
सूत्रों के मुताबिक, स्विस बैंक से इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद आयकर विभाग ने निगरानी शुरू कर दी है. बताया जा रहा है कि टैक्स चोरी, मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग समेत अन्य गड़बड़ियों की जांच में आंकड़ों का उपयोग किया जा सकेगा. गौरतलब है कि स्विट्जरलैंड ने AEOI के तहत सितंबर 2019 में भारत को पहली लिस्ट सौंपी थी. उस समय यह जानकारी पाने वाले देशों की कुल संख्या 75 थी. लेकिन इस साल पांच नए देश अल्बानिया, ब्रुनेई दारुस्सलाम, नाइजीरिया, पेरू और तुर्की को भी शामिल कर लिया गया.

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भारत को लगातार चौथी बार सौंपी गई लिस्ट
इन देशों से स्विट्जरलैंड को भी सूचना प्राप्त हुई. लेकिन रूस समेत 27 देशों के मामले में कोई सूचना नहीं दी गई है. इसका कारण या तो इन देशों ने अभी तक गोपनीयता और आंकड़ों की सुरक्षा पर अंतरराष्ट्रीय आवश्यकताओं को पूरा नहीं किया है या उन्होंने आंकड़े प्राप्त नहीं करने का विकल्प चुना है. हालांकि, एफटीए ने 101 देशों के नामों और अन्य जानकारी का खुलासा नहीं किया है. लेकिन अधिकारियों ने कहा कि भारत उन देशों में प्रमुखता से शामिल है, जिसे लगातार चौथे साल स्विस वित्तीय संस्थानों में व्यक्तियों और संगठनों के खातों के बारे में सूचना दी गई है. स्विट्जरलैंड अब अगले साल यानी सितंबर 2023 में सूचना साझा करेगा.

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