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Shubhanshu Shukla Space Mission Launch Updates: भारतीय वायुसेना के पायलट ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला उस Axiom-4 Mission की टीम का हिस्सा हैं, जो इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर जाएगी. कैप्टन शुभांशु को ISRO ने अपने मानव मिशन के लिए अनुभव के तौर पर इस मिशन में भेजा है.
Shubhanshu Shukla Space Mission Launch Updates: भारतीय वायुसेना के पायलट ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला (Shubhanshu Shukla) के अंतरिक्ष में उड़ान भरने की नई तारीख आ गई है. अब यह मिशन 19 जून को लॉन्च होगा. दुनिया के सबसे अमीर आदमी एलन मस्क (Elon Musk) की कंपनी स्पेसएक्स (SpaceX) ने अपने फॉल्कन-9 रॉकेट (Falcon-9 Rocket) की उस लीकेज को ठीक कर लिया है, जिसके चलते 11 जून को Axiom-4 Mission उड़ान नहीं भर सका था. यह मिशन इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (International Space Station) पर जाना है, जहां कई तरह की रिसर्च करने के बाद इस मिशन के मेंबर वापस लौटेंगे. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (ISRO) के लिए भी यह मिशन बेहद अहम है, जिसने अपने गगनयान मिशन (Gaganyaan Mission) के एस्ट्रोनॉट कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA की मदद से एक्जिओम मिशन का हिस्सा बनाया है. कैप्टन शुभांशु इस मिशन में सेकंड इन कमांड के तौर पर शामिल हुए हैं.
क्या बताया है ISRO ने
इसरो ने नई तारीख की घोषणा करते हुए बताया कि फॉल्कन-9 रॉकेट में लिक्विड ऑक्सीजन लीक की समस्या पूरी तरह हल हो गई है. इसरो ने कहा,'इसरो, Axiom Space और SpaceX के बीच मीटिंग के बाद नई तारीख सामने आई है. बैठक में सामने आया कि रॉकेट के लिक्विड ऑक्सीजन लीक की मरम्मत पूरी होने के बाद बूस्टर की जांच कर ली गई है. अब बूस्टर उड़ान के लिए पूरी तरह सुरक्षित है.
ISS पर भी सामने आई समस्या का निकाला जा रहा हल
एक्जिओम स्पेस ने भी बताया है कि वे इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) में फिलहाल मौजूद रूसी जेवादा सर्विस मॉड्यूल (Zvezda Service Module) में प्रेशर एनॉमली के आकलन पर NASA के साथ करीब से काम कर रहे हैं. इस समस्या का हल निकाल जा रहा है, जो मिशन की सुरक्षा के लिए जरूरी है. फिलहाल इससे बड़ा खतरा नहीं है, लेकिन सावधानी जरूरी है.
चार बार टल चुका है अब तक मिशन का लॉन्च
Axiom-4 मिशन अब तक 4 बार टल चुका है. इसकी ऑरिजिनल डेट 29 मई थी, जिसे कुछ कारणों से बदलकर 8 जून कर दिया गया था. इसके बाद नई तारीख बदलकर 10 जून की गई थी. 10 जून को मौसम की खराबी के चलते लॉन्च की तारीख बदलकर 11 जून की गई थी, लेकिन 11 जून को रॉकेट में लीकेज पकड़ में आने पर लॉन्च टाल दिया गया था. अब पांचवी तारीख 19 जून की रखी गई है. हालांकि ISRO का कहना है कि इस मिशन के लिए 30 जून तक का समय है. इस दौरान कभी भी इसे लॉन्च किया जा सकता है. इसरो ने इस बार तय तारीख पर लॉन्च होने की उम्मीद जताई है.
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