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ISI की वजह से फिर हुई Pakistan की किरकिरी, खुद को US एजेंट बताने वाला जासूस गिरफ्तार

अमेरिकी सुरक्षा एजेंसी में घुसपैठ की कोशिश कर रहे एक ISI जासूस गिरफ्तार कर लिया गया है.

ISI की वजह से फिर हुई Pakistan की किरकिरी, खुद को US एजेंट बताने वाला जासूस गिरफ्तार

ISI ने कराई PAK की इंटरनेशनल बेइज्जती

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डीएनए हिंदी: पाकिस्तान (Pakistan) की खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस  (ISI) पूरी दुनिया में आतंकवादी बैकअप के लिए कुख्यात है. अब ISI ने अमेरिका (USA) के राष्ट्रपति की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार सीक्रेट सर्विस और खुफिया एजेंसी में घुसपैठ करने की कोशिश की है. अमेरिका की इंटेलिजेंस अथॉरिटी ने जासूस के मंसूबों को फेल कर दिया और धर दबोचा.

ISI पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी है. एरियन ताहेरजादेह और हैदर अली को वाशिंगटन में फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) ने बुधवार को गिरफ्तार किया था. दोनों के खिलाफ आरोप है कि उन्होंने खुद को एक अमेरिकी अधिकारी बताकर सुरक्षा में सेंध लगाने की कोशिश की.

आरोपी खुद को फेडरल एजेंट बताता था. अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि आरोपी के पास पाकिस्तान और ईरान की यात्रा करने से संबंधित वीजा भी है. आरोपी ने भी मान लिया है कि वह खुफिया एजेंसी ISI से जुड़ा हुआ है.
 
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फेडरल एजेंट बताता था जासूस

न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक दोनों आरोपियों ने खुद को अमेरिका का फेडरल एजेंट बताया था और यूएस सीक्रेट सर्विस एजेंटों को मुफ्त अपार्टमेंट और दूसरे गिफ्ट दिए हैं. जिन एजेंटों को इन लोगों ने गिफ्ट दिए उनमें से एक ने अमेरिका की फर्स्ट लेडी की सुरक्षा डिटेल पर काम किया है. आरोपियों में से एक के तार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े होने की बात सामने आई है.

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पाकिस्तान और ईरान के कई वीजा रखते थे जासूस

फेडरल लॉ एनफोर्समेंट के अधिकारियों ने दावा किया है कि हैदर अली के पास पाकिस्तान और ईरान के कई वीजा हैं. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि हमने उसके दावों की जांच नहीं की है लेकिन उसने गवाहों के सामने दावा किया कि उसके पाकिस्तान की खुफिया सेवा आईएसआई के साथ संबंध हैं.

अमेरिकी एजेंसी में सेंध!

एरियन ताहेरजादेह और अली पर आरोप हैं कि उन्होंने अमेरिका के फेडरल लॉ एनफोर्मेंट डिपार्टमेंट और डिफेंस कम्युनिटी के सदस्यों के साथ जुड़ने के लिए अमेरिकी गृह मंत्रालय को अपनी गलत पहचान बताई है. आरोपियों के झांसे में आकर उनसे लाभ लेने वाले सीक्रेट सर्विस के चार सदस्यों को जांच पूरी होने तक एडमिनिस्ट्रेटिव लीव पर भेज दिया गया है. ताहेरजादेह और अली को अगली सुनवाई तक हिरासत में भेजे जाने का आदेश दिया गया है.

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