दुनिया
Bangladesh News: बांग्लादेश में लगातार हिंदुओं के घरों को निशाना बनाया जा रहा है, लेकिन गुरुदेव रविंद्रनाथ टैगोर के पुश्तैनी घर पर हमले का कारण कुछ और बताया जा रहा है. इस घर को बांग्लादेश सरकर ने म्यूजियम में तब्दील कर रखा है.
Bangladesh News: बांग्लादेश में लगातार हिंदुओं के घरों पर हो रहे हमलों की आंच नोबेल पुरस्कार विजेता रविंद्रनाथ टैगोर (Nobel laureate Rabindranath Tagore) के पुश्तैनी घर तक भी पहुंच गई है. बांग्लादेश के सिराजगंज जिले में गुरुदेव के नाम से मशहूर रहे टैगोर के ऐतिहासिक घर रबिंद्र कछारबाड़ी (Rabindra Kachharibari) पर भीड़ ने हमला करते हुए उसमें तोड़फोड़ कर दी है. इस घर को अब रविंद्र मेमोरियल म्यूजियम के नाम से जाना जाता है. बताया जा रहा है कि म्यूजियम देखने आए एक व्यक्ति और एक कर्मचारी के बीच हुए विवाद के बाद यह हमला किया गया है. सिराजगंज पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है और म्यूजियम में फिलहाल लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है.
पार्किंग को लेकर शुरू हुआ था विवाद
बांग्लादेशी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक व्यक्ति अपने परिवार के साथ म्यूजियम देखने के लिए आया था. उसके और म्यूजियम के एक कर्मचारी के बीच मोटरसाइकिल पार्किंग चार्ज को लेकर विवाद हो गया. आरोप है कि विवाद बढ़ने पर म्यूजियम स्टाफ ने उस व्यक्ति को ऑफिस रूम में बंधक बना लिया और उसके साथ मारपीट की गई. इसे लेकर स्थानीय जनता भड़क गई. मंगलवार को इसका विरोध करने के लिए मानव शृंखला का आयोजन किया गया था. मानव शृंखला बनाने आई भीड़ अचानक किसी बात पर भड़क गई और म्यूजियम परिसर में घुस गई. भीड़ ने कछारबाड़ी का ऑडिटोरियम तहस-नहस कर दिया और संस्थान के डायरेक्टर के साथ मारपीट की गई है.
आर्कियोलॉजी डिपार्टमेंट ने बैठाई जांच
इस हमले के बाद बांग्लादेश सरकार के आर्कियोलॉजी डिपार्टमेंट की तरफ से जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है. सरकारी न्यूज एजेंसी BSS के मुताबिक, यह कमेटी हमले के कारणों की जांच करेगी. कमेटी मेंबर्स को 5 दिन के अंदर अपनी रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है. कछारबाड़ी के कस्टोडियन मोहम्मद हबीबुर रहमान ने मीडिया से कहा,'म्यूजियम को फिलहाल अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है. पूरा परिसर ऑफिशियल सर्विलॉन्स पर है.'
रविंद्रनाथ टैगोर की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा है ये घर
बांग्लादेश की राजशाही डिविजन के तहत शहजादपुर में मौजूद कछारबाड़ी टैगोर परिवार का ऐतिहासिक घर होने के साथ ही उनका पूर्व रेवेन्यू ऑफिस भी था. इस घर में रविंद्रनाथ टैगोर ने बहुत समय बिताया था, जहां उन्होंने अपनी कुछ महान सांस्कृतिक कृतियों को पूरा किया था. कवि की जिंदगी और विरासत को संजोकर रखने के लिए इस घर को कल्चरल हेरिटेज साइट और म्यूजियम के तौर पर संरक्षित किया गया है.
अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए हमारे गूगल, फेसबुक, x, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से जुड़ें.