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'ऑपरेशन हार्ड बॉल' के तहत अमेरिका में पंजाब के कुख्यात जग्गू भगवानपुरिया गैंग से कथित तौर पर जुड़े नीतीश कौशल पर शिकंजा कसा है और उसे गिरफ्तार कर लिया गया है, इस मिशन के बारे में जानें सबकुछ...
पंजाब के कुख्यात जग्गू भगवानपुरिया गैंग से कथित तौर पर जुड़े नीतीश कौशल को अमेरिकी कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने वर्मोंट से गिरफ्तार कर लिया है. अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई ने इसकी जानकारी दी. FBI के मुताबिक, यह गिरफ्तारी 'ऑपरेशन हार्ड बॉल' के तहत हुई है, जिसका मकसद भारत से जुड़े इंटरनेशनल ऑर्गनाइज्ड क्राइम नेटवर्क पर कार्रवाई करना है. कुछ हफ्ते पहले भी इस अभियान के तहत अमेरिका, कनाडा और यूरोप में कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया था.
FBI के अनुसार, बिश्नोई, भगवानपुरिया और ढांडा संगठित अपराध समूहों से जुड़े कुल 34 लोगों के खिलाफ अमेरिका में आरोप तय किए गए हैं. इनमें नीतीश कौशल उन 11 आरोपियों में शामिल था, जो काफी समय से फरार था. कैलिफोर्निया के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की यूएस डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने 25 जून को उसके खिलाफ रैकेटियर इन्फ्लुएंस एंड करप्ट ऑर्गेनाइजेशन्स (RICO) कॉन्स्पिरेसी के मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी किया था.
एफबीआई ने अपनी ऑफिशियल वेबसाइट पर कहा कि नीतीश कौशल एक ऐसे इंटरनेशनल क्रिमिनल ऑर्गनाइजेशन से कथित तौर पर जुड़ा है, जो हत्या, अपहरण, मादक पदार्थों की तस्करी, जबरन वसूली, हथियारों की तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग और मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराधों में शामिल रहा है.
एजेंसी के मुताबिक, यह संगठन 'जग्गू भगवानपुरिया ऑर्गेनाइज्ड क्राइम ग्रुप' के नाम से जाना जाता है, जिसकी शुरुआत पंजाब से हुई थी और जिसकी गतिविधियां अमेरिका के कैलिफोर्निया सहित कई जगहों तक फैली हुई थीं. एफबीआई का आरोप है कि कौशल ने इस गिरोह की ओर से अपहरण और हिंसक हमलों जैसी वारदातों को अंजाम देने में भूमिका निभाई.
नीतीश कौशल भारतीय मूल का आरोपी है, जिसे जग्गू भगवानपुरिया गैंग का एक्टिव मेंबर माना जाता है. एफबीआई के मुताबिक, उस पर गैंग के लिए अपहरण, मारपीट और दूसरे कई हिंसक अपराधों को अंजाम देने के आरोप हैं. जांच एजेंसी का कहना है कि कौशल कथित तौर पर गैंग की ओर से बड़ी हिंसक गतिविधियों में शामिल रहा और इन्हीं मामलों में वह लंबे समय से वांछित था.
एफबीआई के अनुसार, लॉस एंजिल्स स्थित कैलिफोर्निया के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की यूएस डिस्ट्रिक्ट कोर्स ने 25 जून को उसके खिलाफ RICO अधिनियम के तहत आपराधिक साजिश रचने के आरोप में फेडरल अरेस्ट वारंट जारी किया था. इसके बाद अमेरिकी एजेंसियों ने उसकी तलाश तेज कर दी और अब उसे वर्मोंट से गिरफ्तार कर लिया गया है.
'ऑपरेशन हार्ड बॉल' एफबीआई के नेतृत्व में चलाया जा रहा एक अंतरराष्ट्रीय अभियान है, जिसमें अमेरिका, कनाडा और यूरोप की कानून प्रवर्तन एजेंसियां शामिल हैं. इस अभियान का मकसद भारत में जड़ें रखने वाले अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध नेटवर्क पर शिकंजा कसना और उनकी आपराधिक गतिविधियों को रोकना है. इस अभियान के तहत हाल के दिनों में कई देशों में एक साथ छापेमारी और गिरफ्तारियां की गईं.
एफबीआई के मुताबिक, इस अभियान के दौरान अमेरिका, कनाडा और यूरोप में बिश्नोई, भगवानपुरिया और ढांडा गैंग से जुड़े कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. अमेरिका में ज्यादातर गिरफ्तारियां कैलिफोर्निया में हुईं, जबकि कई आरोपी इंडियाना और जॉर्जिया से पकड़े गए. कनाडा और स्पेन में भी कार्रवाई की गई.
एफबीआई ने इस मामले में गैंगस्टर गोल्डी बरार को भी वांछित आरोपियों में शामिल किया है. अमेरिकी एजेंसी का आरोप है कि बरार बिश्नोई नेटवर्क का प्रमुख सहयोगी है और उस पर कई गंभीर आपराधिक मामलों में संलिप्तता के आरोप हैं. कनाडा में खालिस्तानी अलगाववादी नेता हरदीप सिंह निज्जर की 18 जून 2023 को ब्रिटिश कोलंबिया के सरे शहर में एक गुरुद्वारे के बाहर हुई हत्या के मामले में भी कनाडाई अधिकारियों ने गोल्डी बरार सहित कई आरोपियों का नाम लिया था.