दुनिया
Iran-US Nuclear Deal: ईरान और इजरायल के बीच 13 जून से छिड़ा युद्ध अमेरिका के हस्तक्षेप के बाद खत्म हो गया है. इसके बाद से डोनाल्ड ट्रंप लगातार इसका श्रेय लेते हुए ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह खामेनेई पर निशाना साध रहे हैं. इससे ईरान नाराज हो गया है.
Iran-US Nuclear Deal: ईरान-इजरायल के बीच 13 जून से छिड़ा युद्ध (Iran-Israel War) तो अमेरिका के हस्तक्षेप के बाद खत्म हो गया है, लेकिन इसके बाद से ईरान-अमेरिका के बीच 'जुबानी जंग' शुरू हो गई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने लगातार ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह खामेनेई (Ayatollah Khamenei) पर निशाना साधा हुआ है. इसे लेकर अब ईरान नाराज हो गया है और उसने सीधे तौर पर ट्रंप को चेतावनी जारी कर दी है. ईरान ने कहा है कि ट्रंप यदि हमारे साथ कोई डील करना चाहते हैं तो उन्हें खामेनेई के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग करना बंद करना होगा. ट्रंप की भाषा स्वीकार करने लायक नहीं है. यदि ऐसी भाषा जारी रही तो ईरान-अमेरिका के बीच कोई डील नहीं होगी.
ईरान ने दी है ट्रंप को इस तरह चेतावनी
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शनिवार को डोनाल्ड ट्रंप के बयानों को लेकर कहा कि उन्हें अपनी भाषा बदलनी होगी. अराघची ने एक्स (पहले ट्विटर) पर लिखा,'यदि राष्ट्रपति ट्रंप वास्तव में डील चाहते हैं तो उन्हें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह खामेनेई के खिलाफ अभद्र और अस्वीकार्य भाषा को एकतरफ रखना होगा तथा हमारे लाखों समर्थकों को दुख पहुंचाना बंद करना होगा.' उन्होंने आगे लिखा,'महान और शक्तिशाली ईरानी लोग, जिन्होंने दुनिया को दिखा दिया कि इजरायली सत्ता के पास हमारी मिसाइलों से मिट्टी में मिलने से बचने के लिए अपने 'डैडी' के पास भागने के अलावा कोई विकल्प नहीं था, वे धमकियों और बेइज्जती पर दयालुता नहीं दिखाएंगे.'
ट्रंप के इस बयान का जवाब दिया है ईरान ने
ईरान के विदेश मंत्री ने ट्रंप के उस बयान का जवाब दिया है, जो उन्होंने अपने सोशल प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर लिखा था. ट्रंप ने कहा,'मुझे ठीक-ठीक पता था कि वह कहां छिपे हुए हैं और मैं इजरायल या विश्व की सबसे महान और सबसे शक्तिशाली अमेरिकी सेना को उसकी जान लेने नहीं दूंगा. मैंने खामेनेई को बदसूरत और अपमानजनक मौत से बचाया है और उन्हें थैंक्यू प्रेसिडेंट ट्रंप कहने की जरूरत नहीं है. मैं ईरान के खिलाफ लगे प्रतिबंधों को हटवाने के लिए काम कर रहा हूं, जो तेहरान की प्रमुख मांगों में से एक है. इसके बदले मुझे क्रोध, घृणा और घृणा के बयान मिले और मैंने प्रतिबंधों में ढील देने के सभी काम तुरंत बंद कर दिए. जब वो जानते हैं कि उनका बयान झूठ है तो उनके सर्वोच्च नेता ने स्पष्ट और मूर्खतापूर्ण तरीके से क्यों कहा कि उन्होंने युद्ध जीत लिया है. एक महान धार्मिक व्यक्ति के रूप में, उन्हें झूठ नहीं बोलना चाहिए.' ट्रंप ने आगे कहा,'ईरान को नष्ट कर दिया गया है. उनके तीन परमाणु स्थलों को भी नष्ट कर दिया गया है.'
ट्रंप ने खामेनेई के इस बयान का दिया था जवाब
ट्रंप का यह बयान सीजफायर के बाद अयातुल्लाह खामेनेई के पहले भाषण के जवाब में दिया था, जिसमें खामेनेई ने ईरान की इजरायल और अमेरिका पर जीत की घोषणा की थी. खामेनेई ने कहा था कि अमेरिकी राष्ट्रपति घटनाओं को असामान्य तरीके से बढ़ा-चढ़ाकर बता रहे हैं, जबकि इस्लामी गणतंत्र जीता है और यह अमेरिका के चेहरे पर गंभीर तमाचा है.
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