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Iran Israel War: ईरान-इजरायल में सीजफायर? Donald Trump का दावा, ईरानी मंत्री बोले- अब तक समझौता नहीं, पढ़ें 5 पॉइंट्स

Iran Israel War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दावा ईरान की तरफ से कतर समेत तीन जगह अमेरिकी ठिकानों को मिसाइल से निशाना बनाए जाने के बाद आया है. ईरान और इजरायल के बीच सीजफायर कराने में कतर ने अहम भूमिका निभाई है.

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Iran Israel War: ईरान-इजरायल में सीजफायर? Donald Trump का दावा, ईरानी मंत्री बोले- अब तक समझौता नहीं, पढ़ें 5 पॉइंट्स
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Iran Israel War: ईरान और इजरायल के बीच पिछले 12 दिन से छिड़ी लड़ाई थमने का दावा अमेरिकी राष्ट्पति डोनाल्ड ट्रंप ने किया है. ट्रंप ने अमेरिकी ठिकानों पर ईरान के मिसाइल अटैक के बाद सोशल मीडिया पर यह दावा किया है. उन्होंने मंगलवार सुबह दिन निकलने से पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल (Truth Social) पर लिखा कि इजरायल और ईरान के बीच 12 घंटे बाद पूरी तरह सीजफायर लागू हो जाएगा. हालांकि ट्रंप के इस दावे की पुष्टि ईरान और इजरायल ने नहीं की है. ईरानी विदेश मंत्री ने ट्रंप के इस दावे के बाद महज इतना कहा है कि हमारा इजरायल से कोई फाइनल सीजफायर नहीं हुआ है. यदि इजरायल हमले रोकता है तो हम भी रोक देंगे. अभी कोई समझौता नहीं हुआ है. बताया जा रहा है कि इस सीजफायर में कतर ने मध्यस्थ के तौर पर अहम भूमिका निभाई है. इससे पहले ईरान ने पश्चिम एशिया में अमेरिका के सबसे मजबूत और अहम सामरिक ठिकाने को कतर में निशाना बनाया था और उस पर 14 मिसाइल दागी थीं. हालांकि अमेरिका ने इनमें से 13 मिसाइल ठिकाने तक पहुंचने से पहले ही नष्ट करने का दावा किया है.

आइए 5 पॉइंट्स में आपको विस्तार से ईरान-इजरायल सीजफायर (Iran Israel Ceasefire) से जुड़ी जानकारी बताते हैं-

1. क्या कहा है अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया पर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार सुबह 3:30 बजे (भारतीय समयानुसार) अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर सीजफायर का दावा किया. उन्होंने लिखा,' ईरान और इजराइल के बीच 12 घंटे में यानी अब से 6 घंटे बाद पूरी तरह सीजफायर लागू होने की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है. पहले ईरान 12 घंटे के लिए हथियार रखेगा और अगले 12 घंटे के लिए इजरायल हथियार डालेगा. 12 दिन से चल रही जंग को खत्म करने में मदद देने के लिए मैं दोनों देशों के नेताओं को धन्यवाद देना चाहता हूं. यह जंग कई साल तक चलकर पहले कभी ना देखी गई मौत और तबाही ला सकती थी. मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में शांति की चाहत रखने वाले पीएम नेतन्याहू, इजरायल और ईरान के लोगों को बधाई. यह दुनिया के लिए महान दिन है.' ट्रंप ने इस पोस्ट को लिखने के बाद एक इंटरव्यू में भी कहा कि इजरायल-ईरान का 12 दिन से चल रहा युद्ध अब खत्म हो गया है और मुझे लगता है कि यह सीजफायर हमेशा के लिए रहेगा.

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2. ईरान ने कहा- अब तक नहीं हुआ कोई समझौता
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सीजफायर के ऐलान को ईरान ने खारिज कर दिया है. ट्रंप के ऐलान के कुछ ही घंटे बाद तेहरान ने कहा कि अब तक मिलिट्री ऑपरेशंस को रोकने का कोई समझौता नहीं हुआ है. ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक्स (पहले ट्विटर) पर कहा,'ईरान लगातार स्पष्ट कह रहा है कि इजरायल ने ईरान पर युद्ध थोपा है और इससे पीछे हटने का कोई दूसरा रास्ता नहीं है. अब तक मिलिट्री ऑपरेशंस रोकने का कोई समझौता या सीजफायर नहीं हुआ है. हालांकि इजरायली सरकार तेहरानी समय के मुताबिक सुबह 4 बजे तक यदि ईरानी जनता के खिलाफ अपने गैरकानूनी हमले रोक देती है तो हमारी अपने पलटवार को जारी रखने की कोई मंशा नहीं है. ईरान अपनी सैन्य कार्रवाइयों को रोकने का अंतिम फैसला बाद में करेगा.'

3. कतर ने निभाई सीजफायर में मध्यस्थ की भूमिका
ईरान और इजरायल के बीच युद्धविराम कराने में कतर ने अहम भूमिका निभाई है. अमेरिकी एयरबेस के कारण ईरानी मिसाइल हमलों की जद में आ गए कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने ईरानी अधिकारियों से फोन पर बातचीत की है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बातचीत में कतर के शेख ने ईरान को सीजफायर के लिए मनाया, जिसके बाद डोनाल्ड ट्रंप ने इसकी घोषणा सोशल मीडिया पर की है. CNN ने भी अपनी एक रिपोर्ट में ईरान-इजरायल के बीच सीजफायर में कतर सरकार के मध्यस्थ बनने का दावा किया है. 

4. यूएस उपराष्ट्रपति ने बताया सीजफायर को 'रीसेट बटन'
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान-इजरायल सीजफायर के दावे के बाद इस मुद्दे पर बात की है. वेंस ने एक इंटरव्यू में इसे मिडिल ईस्ट के लिए 'रीसेट बटन' बताया है, जो पूरे इलाके में अहम बदलाव का पल साबित होगा. वेंस ने कहा,'आज सच में नया दिन होगा. ईरानी एटमी प्रोग्राम खत्म और 12 दिन का युद्ध भी खत्म. मेरे हिसाब से यह मिडिल ईस्ट में शांति की बड़ी शुरुआत है. राष्ट्रपति ट्रंप का टारगेट स्पष्ट है कि ऐसी दुनिया बनाई जाए, जहां ईरान एटमी हथियार ना बना सके.'

5. ईरान नहीं कराएगा अपने परमाणु कार्यक्रम की निगरानी
ईरान-इजरायल के बीच सीजफायर के दावों से पहले ईरानी संसद ने एक अहम फैसला किया है. ईरान ने ने अपने परमाणु कार्यक्रम की वैश्विक निगरानी नहीं कराने का निर्णय लिया है. ईरानी संसद की नेशनल सिक्योरिटी कमेटी ने इसके लिए यूएन की परमाणु निगरानी एजेंसी (IAEA) के साथ सहयोग रोकने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है. IAEA ही ईरान पर परमाणु अप्रसार नियमों (NPT) का पालन नहीं करने का आरोप लगा रहा है, जिसके चलते ईरान पर परमाणु बम बनाने के आरोप लग रहे हैं. ईरानी संसद के फैसले के बाद IAEA ने भी सोमवार को इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है. 

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